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लापरवाही या गड़बड़ : कूड़े में मिले मुहर वाले बैलेट पेपर, मचा हड़कंप


सोलन में धर्मपुर स्कूल के पास पड़े मतपत्रों और सील बंद लिफाफों से पंचायत चुनावों पर बड़े सवाल, कांग्रेस ने मांगी सख्त कार्रवाई

सोलन जिला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धर्मपुर के समीप शनिवार को कूड़े के ढेर में मुहर लगे मतपत्र व सीलबंद लिफाफे मिलने से चुनावी प्रक्रिया व इसकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस प्रकरण में कई अधिकारियों व कर्मचारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। मतपत्र जिला परिषद के वार्ड नंबर 10 दाड़वा के हैं, जहां से विजयी रहे रमेश ठाकुर जिला परिषद के अध्यक्ष बने हैं। कांग्रेस पार्टी ने इस घटना को लेकर प्रश्न खड़े करते हुए दाड़वा वार्ड के चुनाव को रद्द करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि कुछ दिनों पूर्व ही प्रदेश भर में पंचायती राज चुनाव संपन्न हुए हैं। कांग्रेस पार्टी चुनाव में धांधलियों व फर्जी वोटों के आरोप लगाती आ रही है। हालांकि शनिवार को, जो कुछ हुआ उससे कांग्रेस पार्टी के इन आरोपों को बल मिला है। धर्मपुर में कूड़े के ढेर में हाल ही में संपन्न पंचायत चुनावों से संबंधित मतपत्र और सीलबंद लिफाफे बरामद हुए हैं।

पुलिस ने ऐसे 25 मतपत्र और दो सील लगे हुए लिफाफे अपने कब्जे में ले लिए हैं। हैरानी की बात तो यह है कि सभी मतपत्रों पर जिला परिषद दाड़वा वार्ड से निर्दलीय प्रत्याशी राज कुमार शर्मा  के चुनाव चिन्ह पर मुहर लगी हुई है। सवाल उठ रहे हैं कि मतगणना को लगभग 18 दिन बीत चुके हैं। इस बीच बारिश व बर्फबारी भी हुई, जबकि शनिवार को कूड़े के ढेर में मिले यह मतपत्र बिलकुल साफ-सुथरे हैं। ऐसे में सवाल उठता है, यह मतपत्र यहां कैसे व कब फेंके गए। मतगणना में व्यस्त अधिकारियों ने मतों की गिनती किस प्रकार पूरी की। इस तरह के कई अन्य सवाल हैं, जिनका खुलासा जांच के बाद होने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार शनिवार को एक व्यक्ति रामरत्न ने कूड़े के ढेर में मतपत्र देखे तो इसकी तुरंत सूचना धर्मपुर पुलिस को दी। इसकी भनक लगते ही कुछ कांग्रेस नेता भी मौके पर पहुंच गए और चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए। इस पूरे प्रकरण को लेकर दून के पूर्व विधायक रामकुमार चौधरी ने भाजपा को घेरा है। उन्होंने कहा कि वह पहले भी कहते रहे हैं कि भाजपा ने इस पूरे चुनाव में फर्जी वोटें बनाकर और चुनाव जीतने के लिए ओच्छे हथकंडे अपनाए हैं। शनिवार को यह बात सच भी साबित हो गई। उन्होंने इस मामले में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। चौधरी ने जिला परिषद के दाड़वा वार्ड के चुनाव को रद्द करने की भी मांग की है।

अधिकारियों-कर्मियों के हाथ-पांव फूले

धर्मपुर में इस तरह से कूड़े के ढेर में मुहर लगे मतपत्र मिलने से चर्चाओं का बाजार गर्म है। मतपत्र मिलने से इस चुनावी प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों व कर्मचारियों के भी हाथ-पांव फूल गए हैं। आने वाले दिनों में मामले को लेकर कइयों पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है।

ऐसे रहे थे नतीजे

जिला परिषद दाड़वा वार्ड-10 से 15 प्रत्याशी मैदान में थे। मतगणना के बाद रमेश ठाकुर को 2389 मतों के साथ विजेता घोषित किया गया था। दूसरे स्थान पर कुश देव ने 1928 मत लिए थे व तीसरे स्थान पर रहे राजकुमार शर्मा को 1757 मत हासिल हुए थे। यह वही राजकुमार शर्मा हैं, जिनके मुहर लगे मतपत्र शनिवार को बरामद हुए हैं। इसी वार्ड से विजेता रहे भाजपा समर्थित रमेश ठाकुर को जिला परिषद अध्यक्ष चुना गया है।

Panchyat Chunav : दूसरे चरण में 80 फीसदी मतदान, 1208 पंचायतों ने चुने प्रतिनिधि

 75 कोरोना संक्रमितों ने भी किया मतदान

हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव के दूसरे चरण में भी मंगलवार को जनता का खासा जोश दिखा। इस चुनाव में 80 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। अंतिम रिपोर्ट  मिलने तक दूसरे चरण में कुल 12 लाख 49 हजार 123 मतदाताओं ने वोट दिया है। इनमें छह लाख 10 हजार 736 पुरुष और छह लाख 38 हजार 299 महिला मतदाता शामिल रहीं। 

जिलावार मतदान की बात करें तो बिलासपुर जिला में बिलासपुर जिला में 79 फीसदी मतदान हुआ है, वहीं चंबा में 80.10 फीसदी, हमीरपुर में 76.80  प्रतिशत, कांगड़ा में 75.90 फीसदी, किन्नौर में 70.30 फीसदी, कुल्लू में 83.60 प्रतिशत, मंडी में 78.60 प्रतिशत, शिमला में 78.80 फीसदी, सिरमौर में 84.10 प्रतिशत, सोलन में 82.40 प्रतिशत तथा ऊना में 81.30 फीसदी तक मतदान दर्ज किया गया है। दूसरे चरण के मतदान में कोरोना संक्रमित मरीजों ने भी वोट डाला।

इनके लिए चुनाव आयोग ने आखिरी एक घंटे में मतदान की व्यवस्था रखी थी और सभी मतदान केंद्रों में स्वास्थ्य विभाग के कार्यकर्ता मौजूद थे। खबर लिखे जाने तक कुल 75 संक्रमित मरीजों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बिलासपुर में तीन, चंबा में तीन, हमीरपुर में 23, कांगड़ा में 15, कुल्लू में एक, मंडी में सात, सिरमौर में दो, सोलन में चार, शिमला में एक तथा ऊना जिला में 19 कोरोना संक्रमितों ने वोट डाला।

पंचायत चुनावों में दिखा महाजोश, पहले चरण में पड़े 77.60 फीसदी वोट

छह लाख 34 हजार पुरुष मतदाताओं, छह लाख 55 हजार महिलाओं ने डाला वोट

हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनावों को लेकर खूब जोश दिखा और पहले चरण में रविवार को 77.60 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। लोगों ने ग्रामीण संसद के चुनाव में खूब जोश दिखाया और बड़ी संख्या में लोग घरों से निकले। पंचायती राज के नुमाइंदों को चुनने के लिए कई मतदान केंद्रों में भीड़ भी दिखी, तो कहीं मतदान धीमा था। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी परिवार के साथ अपनी ग्राम पंचायत में वोट डाला।

बंजार ब्लॉक की मशयाड़ पंचायत में 110 वर्ष की शांतनु देवी ने भी मताधिकार का प्रयोग किया, वहीं देश के सबसे पहले मतदाता श्याम सरण नेगी ने भी ग्रामीण संसद के लिए मत डाला। आखिरी  रिपोर्ट आने तक पहले चरण के मतदान में 12 लाख 90 हजार 902 कुल वोट पड़े, जिनमें छह लाख 34 हजार 969 पुरुषों, छह लाख 55 हजार 933 महिलाओं ने वोट डाला है। जिलावार मतदान की बात करें तो बिलासपुर जिला में कुल 87 हजार 920 वोट पड़े। चंबा जिला की बात करें तो यहां पर 105079 लोगों ने वोट डाला। हमीरपुर जिला में कुल 90126 वोट पड़े। इसी तरह कांगड़ा जिला में 283182, किन्नौर जिला में 14579, कुल्लू में 86337, लाहुल-स्पीति में 1163, मंडी में 186611, शिमला में 110829, सिरमौर जिला में 98226, सोलन जिला में  96339, ऊना में 106115 लोगों ने मतदान किया है।

123 कोरोना संक्रमितों ने भी डाला वोट

पहले चरण के मतदान में 123 कोरोना संक्रमित मरीजों ने भी मतदान किया है। इनके लिए चुनाव आयोग ने आखिरी एक घंटे में मतदान की व्यवस्था रखी थी और सभी मतदान केंद्रों में स्वास्थ्य विभाग के कार्यकर्ता मौजूद थे। बिलासपुर में 19, हमीरपुर में 13, कांगड़ा में 30, किन्नौर में चार, कुल्लू में नौ, मंडी में पांच,  शिमला में आठ, सिरमौर में चार, सोलन में दो तथा ऊना जिला में 27 संक्रमितों ने वोट डाला।

पंचायत चुनाव हिमाचल: आज शाम से थम जाएगा प्रचार, प्रत्याशियों ने झोंकी पूरी ताकत


हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर शुक्रवार शाम चार बजे से प्रचार का शोर थम जाएगा। प्रत्याशियों ने वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। मतदान 17, 19 और 21 जनवरी को तीन चरणों में सुबह 8 से शाम 4 बजे तक होगा। इसके बाद एक घंटे तक कोरोना संक्रमितों और होम क्वारंटीन वोटरों को मतदान का मौका दिया जाएगा। चुनाव आयोग ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए खास दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके दायरे में ही मतदान होगा। मतदान के बाद वोटों की गिनती होगी और उसी दिन नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे। 

उधर, चुनाव के तीनों चरणों 17, 19 और 21 जनवरी को मौसम साफ रहने के आसार हैं। मैदानी जिलों में बीते कई दिनों से सुबह के समय छा रहा घना कोहरा वीरवार को छट गया। प्रदेश के सभी क्षेत्रों में वीरवार को धूप खिली। राजधानी शिमला में हालांकि धूप खिलने से साथ हल्के बादल भी छाए रहे। पूरे प्रदेश में 21 जनवरी तक अब मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है।

3,464 पंचायतों में हो रहे चुनाव, 21,384 वार्ड सदस्यों का होगा चुनाव

पंचायत समिति में 1,792 और जिला परिषद में भी चुने जाएंगे 249 सदस्य 

चुनाव ड्यूटी में तैनात हैं आठ हजार पोलिंग पार्टियां और सुरक्षा कर्मी 

राज्य में कुल 2830 मतदान केंद्र संवेदनशील घोषित

चुनाव आयोग ने हिमाचल में 972 अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र घोषित किए हैं। राज्य में कुल 2830 मतदान केंद्र संवेदनशील हैं। प्रदेश भर में कुल 21198 मतदान केंद्र हैं। इनमें से 7744 सामान्य मतदान केंद्र हैं। चुनाव आयोग ने ऐसे मतदान केंद्रों की सूची भी जारी कर दी है।

जिला         संवेदनशील       अतिसंवेदनशील         साधारण         कुल मतदान केंद्र            

बिलासपुर    116                47                       381             1141

चंबा            147                45                       779             1771

हमीरपुर       294              117                    1025              1436

कांगड़ा        345               196                    1350              4785

किन्नौर          27                29                       333               389

कुल्लू           52                9                         810               1387

स्पीति           8                 2                          28                 38

मंडी           519              106                      2646              3271

शिमला       476              153                      1673              2302

सोलन        283              157                      1082              1522

सिरमौर      510              77                        1014               1601

ऊना            53              34                         158                1555

पंचायत समिति, जिप के गठन को कांग्रेस लगाएगी पर्यवेक्षक

पंचायतीराज संस्थाओं के 17, 19 और 21 जनवरी को होने वाले चुनाव के लिए प्रदेश कांग्रेस नेताओं से कमर कसने को कहा गया है। पार्टी प्रदेश में अधिक से अधिक पंचायत समिति और जिला परिषदों पर सत्तासीन होने के लिए कसरत में जुट गई है। प्रदेश में पंचायत समिति के 1792 और जिला परिषद के लिए 249 सदस्यों के पदों के लिए तीन चरणों में चुनाव कराए जा रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस चुनाव के बाद पंचायत समिति और जिला परिषदों में कांग्रेस की पकड़ मजबूत बनाने के लिए पर्यवेक्षकों की तैनाती की तैयारी में जुटी है। चुनाव से पहले कांग्रेस के जिला प्रभारी और जिलाध्यक्ष अपने क्षेत्र में कांग्रेस विचारधारा के प्रत्याशियों से तालमेल बनाकर रखेंगे।

चुनाव में कांग्रेस के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती यही है कि कई क्षेत्र में एक पद पर पार्टी के दो-दो प्रत्याशी चुनावी दंगल में डटे हैं। पार्टी ने इन प्रत्याशियों के बीच सहमति बनाने का काफी प्रयास भी किया, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। बताते हैं कि ऐसी स्थिति में पार्टी के प्रत्याशियों की जीत की संभावना काफी धुंधली बनी है। अगर कांग्रेस के सदस्य जीते भी तो जीत का अंतर काफी कम रहेगा।  प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर कहते हैं कि पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में पार्टी ने पंचायत समिति और जिला परिषद पर पूरा ध्यान केंद्रित किया है। कुछ एक जिलों में कुछ पदों पर पार्टी के दो- दो प्रत्याशी खड़े हैं। अधिकांश में सहमति के साथ, प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। पंस और जिप के लिए पर्यवेक्षकों की तैनाती की जा रही है।

लिग्गा पंचायत से प्रधान पद के लिए अश्वनी कुमार का चुनाव निशान ताला और चाबी

 

जिला चम्बा के ब्लॉक सलूणी की लिग्गा पंचायत के अश्वनी कुमार जो की प्रधान पद के लिए नई सोच व युवा जोश के साथ चुनाव में उतरे हैं। 

अश्वनी कुमार ने लोगो से अपील की है कि पंचयात के विकास के लिए ताला और चाबी के निशान पर मोहर लगा कर उनको सफल बनाए। 

जहाँ पंचयात के लोगो का उन्हें भारी समर्थन मिल रहा है। बता दे कि अश्वनी कुमार पिछले कई सालो से अपनी पंचायत में लोगो के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर समाज सेवा के कार्य में लगे हैं। उन्हें लिग्गा पंचयात में कही भी अपना परिचय देने की जरूरत नहीं है खुद पंचयात के लोग उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे है जिस से साफ पता चलता है कि लोग उन्हें भारी समर्थन दे रहे हैं। 

अश्वनी कुमार का कहना है कि हमारा उद्देश्य बिजली, सड़क पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देना है ताकि लिग्गा पंचायत का विकास हो और लिग्गा पंचायत को आदर्श पंचायत बना कर हिमाचल प्रदेश की बेहतरीन पंचायतो में शामिल करने के लिए प्रयास करेंगे। 

लिग्गा पंचायत के लोगो का कहना है कि ऐसे ईमानदार और समाजसेवी उम्मीदवार को आगे आने का मौका मिलना चाहिए। ऐसे समाजसेवी उम्मीदवार के आगे आने से पंचायत के विकास के साथ -साथ क्षेत्र का विकास होता है। 

Panchayat Chunav: 40 हजार पहली बार डालेंगे वोट, 51 लाख 50 हजार मतदाता


पंचायतों के लिए कुल 51 लाख 50 हजार मतदाता

हिमाचल प्रदेश के 40 हजार युवा पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इन युवाओं को इस बार पंचायती राज संस्थाओं के जरिए अपना वोट डालने का मौका मिल रहा है। ग्रामीण संसद के चयन में ये युवा अपनी आहुति डालेंगे और अपने पसंदीदा उम्मीदवार का चुनाव करेंगे। पंचायती राज चुनाव के लिए तैयारियां चल रही हैं। शहरी निकाय के चुनाव हो चुके हैं। कुल मतदाता 55 लाख से ज्यादा दर्ज किए गए थे, मगर अब नए नगर निगम और नगर पंचायतें बनने से मतदाता उसमें बंट गए हैं। ऐसे में पंचायती राज संस्थाओं के लिए इस बार 51 लाख  50 हजार मतदाता हैं, जो वोटर लिस्ट में दर्ज हैं। इनमें से 40 हजार मतदाता युवा हैं और इस बार 18 साल के हुए हैं जिनको वोट डालने का अधिकार इस चुनाव में प्राप्त होने जा रहा है।

बता दें कि पंचायती राज संस्थाओं के इस चुनाव में 81 हजार 672 प्रंत्याशी मेदान में हैं, जबकि 30043 पदों के लिए यह चुनाव हो रहा है। इसमें प्रधान, उपप्रधान, वार्ड मेंबर शामिल हैं, वहीं जिला परिषद व पंचायत समिति के सदस्य भी इसमें शामिल हैं। राज्य में तीन चरणों में पंचायती राज संस्थाओं का चुनाव होना है जो यहां पर 17 जनवरी, 19 जनवरी व 21 जनवरी को होंगे। 23 जनवरी तक नई ग्रामीण संसद को बिठा दिया जाएगा। (एचडीएम)

कहां; किस दिन चुनाव, पता नहीं

पंचायती राज के चुनाव की बात करें, तो अब तक यह क्लीयर नहीं है कि किस पंचायत में किस तारीख को चुनाव होगा। लोगों को इस पर जिला के निर्वाचन अधिकारी कोई जानकारी नहीं दे पा रहे हैं, जिस पर चुनाव आयोग से सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि तीन चरण में चुनाव होना है, इसलिए लोगों को समय पर इसकी जानकारी होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है।

वोटर लिस्ट में नाम होना जरूरी

वोटर लिस्ट और पहचान पत्र को लेकर भी असमंजस चल रहा है। इस पर बार-बार चुनाव आयोग से सवाल पूछे जा रहे है। साफ किया गया है कि वोटर लिस्ट में जिसका नाम है, वही वोट डालने का अधिकार रखता है। जिसके पास वोटर आईडी कॉर्ड है, उसे वोट देने का अधिकार इससे नहीं मिलता, बल्कि केवल पहचान मिलती है। ऐसे में मतदाता सूची में नाम होना बेहद जरूरी है।

वार्ड एससी महिला को आरक्षित और वोटर सिर्फ सास-बहू

 

Him Kranti News

पंचायतों में इस बार लागू किए गए रोस्टर को लेकर प्रदेश भर में खूब सवाल उठे हैं। वहीं, मंडी जिला के धर्मपुर विकास खंड का मामला तो प्रदेश उच्च न्यायालय तक पहुंच चुका है। वहीं, इसी विकास खंड की एक पंचायत का अब एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां एक पंचायत के वार्ड पंच को एससी महिला के लिए आरक्षित किया गया है, लेकिन हैरत की बात यह है कि इस वार्ड में एससी कैटेगिरी में एक ही परिवार है और उसमें दो महिलाएं ही मात्र वोटर हैं, जो कि सास-बहू हैं, जिनमें सास की आयु 90 वर्ष और बहू की आयु 58 वर्ष की है। यह रोचक व आरक्षण पर सवाल उठाने वाला मामला धर्मपुर विकास खंड की कून पंचायत के रसाड़ी वार्ड का है, जिसे लेकर अब लोगों में खूब रोष प्रशासन व सरकार के खिलाफ पनप रहा है। लोगों ने इस वार्ड के आरक्षण को बदलने की मांग की है।

निर्विरोध चुनेंगे या फिर से चुनाव!


कून में कुल 694 मतदाता हैं और इस वार्ड रसाड़ी में 93 मतदाता हैं, जिसमें से दो मतदाता एससी कैटेगिरी के हैं और यह वार्ड उनके लिए ही आरक्षित किया गया है, वहीं पंचायत सचिव अशोक कुमार ने बताया कि वार्ड में दो ही एससी महिला मतदाता हैं। अगर महिला वार्ड सदस्य का चुनाव लड़ने उतरती भी हैं, तो लोगों के विरोध के बावजूद चुनाव आयोग की मेहरबानी से निर्विरोध चुनी जाएंगी और दोनों महिलाओं में से कोई चुनाव नहीं लड़ता है, तो इस वार्ड में फिर से चुनाव होगा।

Panchayat Election: पंचायत चुनावों में नामांकन के लिए ये दस्तावेज जरूरी



मंडी जिला में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। लोग ग्रामीण संसद का हिस्सा बनने को लेकर उत्साह में हैं। ऐसे में चुनाव लड़ने के लिए नामांकन के साथ जमा करवाने वाले दस्तावेजों के बारे में जानकारी होना बहुत आवश्यक है। बता दें कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर उम्मीदवार 31 दिसंबर और पहली व दो जनवरी को सुबह 11 बजे से सायं तीन बजे तक संबंधित सहायक निर्वाचन अधिकारी के पास नामांकन पत्र दाखिल कर पाएंगे। 

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि मंडी जिला प्रशासन पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के सफल निष्पादन के लिए सभी जरूरी प्रबंध करने में जुटा है। चार जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, छह जनवरी को प्रातः दस से सायं तीन बजे तक नाम वापस लिए जा सकते हैं। छह जनवरी को नाम वापस लेने की समयावधि पूर्ण होने के बाद उम्मीदवारों की सूची एवं चुनाव चिन्ह जारी कर दिए जाएंगे। 17, 19 और 21 जनवरी को प्रातः आठ से सायं चार बजे तक वोट डाले जा सकेंगे।

दस्तावेज


अभ्यर्थी का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना अनिवार्य और निर्वाचन हेतु 21 वर्ष की आयु पूर्ण करता हो।


नामांकन पत्र (प्ररूप-18)।


न देय प्रमाण पत्र (प्ररूप-18 क) जो पंचायत सचिव द्वारा जारी तथा खंड विकास अधिकारी द्वारा प्रति हस्ताक्षरित हो। इसी प्रकार जो व्यक्ति पंचायत समिति सदस्यों के पद पर रहे हों, उनके लिए न देय प्रमाण पत्र कार्यकारी अधिकारी पंचायत समिति तथा जो जिला परिषद सदस्यों के रूप में कार्यरत रहे हों, उनके लिए सचिव जिला परिषद द्वारा जारी किया जाएगा।


शपथ पत्र (प्ररूप-19)।


नामांकन पत्र के साथ शपथ पत्र/घोषणा पत्र (अनुबंध-।), जिसमें अभ्यर्थी अपने चरित्र बारे भी घोषणा करेगा।


यदि कोई पद आरक्षित है, तो उस आरक्षित श्रेणी का प्रमाण पत्र (विहित प्राधिकारी द्वारा जारी) अभ्यर्थी को नामांकन पत्र के साथ प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा नामांकन पत्र प्रस्तुत करने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी को रिटर्निंग अधिकारी द्वारा इस आशय की सूचना दी जाएगी कि परिणाम की घोषणा के बाद यदि कोई जुलूस, रैली या सभा आयोजित की जाती है, तो कोविड-19 के संबंध में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस का पूरा पालन आवश्यक होगा। ऐसी सूचना की दूसरी प्रति पर अभ्यर्थी के हस्ताक्षर प्राप्त किए जाएंगे।

Panchyat Chunav: पंचायत रोस्टर पर कल होगा फैसला, 16 से 18 दिसंबर तक हो सकती है चुनाव की अधिसूचना


शिमला प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को रोस्टर जारी करने पर सोमवार को फैसला होगा। सरकार सभी जिलाधीशों को इस संबंध में निर्देश जारी करेगी। जिलों में रोस्टर तैयार हो चुका है और सरकार के इशारे का इंतजार है। इसमें तय किया जाएगा कि किस दिन तक रोस्टर जारी हो जाना चाहिए। सोलह से 18 दिसंबर के बीच प्रदेश में पंचायती राज चुनाव की अधिसूचना जारी होने की संभावना जताई जा रही है। अभी प्रदेश का चुनाव आयोग इस पर निर्णय लेगा, जिसके कुछ कर्मचारी खुद ही क्वारेंटीन में हैं। चुनाव अधिसूचना की संभावना को देखते हुए ही सरकार ने सोमवार को रोस्टर पर निर्णय लेने की सोची है।

बताया जा रहा है कि अभी जिला परिषद व पंचायत समिति के रोस्टर कुछ जिलों ने जारी कर दिए हैं। रोस्टर के जारी होने के बाद वहां पर राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज होने लगी हैं। पंचायतों में चुनावी शोर रोस्टर के बाद मचना शुरू होता है, जिसका इंतजार किया जा रहा है। इसके जारी होने के साथ चुनाव लड़ने के इच्छुक लोग मैदान में उतर आएंगे, जो अंदरखाते अभी तैयारियां कर रहे हैं, मगर रोस्टर से पता चलेगा कि कहां पर कौन सी सीट आरक्षित है और कौन सी आरक्षित। इसका फार्मूला हालांकि पहले ही जिलाधीशों को जारी किया जा चुका है, जिससे आकलन तो पहले ही हो चुका है, परंतु आबादी के लिहाजा से यह आंकलन बदल भी सकते हैं, इसलिए रोस्टर का इंतजार हो रहा है।