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पहाड़ों में सुहाना सफऱः कीरतपुर-नेरचौक-मनाली फोरलेन पर दरकते पहाड़, ऊफनती ब्यास और कल्पना से परे काम

एक तरफ खड़े पहाड़ थे तो दूसरी तरफ उफनती ब्यास नदी. साथ में चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर दनदनाते वाहनों की रफ्तार. इन चुनौतियों से भी जूझना था और नई सड़क भी बनाकर देनी थी. हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पंडोह बायपास टकोली प्रोजेक्ट को पूरा करने का जिम्मा उठाया शापुरजी पालोनीजी कंपनी ने और निर्माण कार्य के लिए मैदान में डटी एफकॉन्स इंफ्रा प्राईवेट लिमिटेड. पंडोह से टकोली तक 10 टनलों के निर्माण का कार्य वर्ष 2018 में शुरू हुआ. सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य को सबसे पहले पूरा करने की ठानी गई.

जनवरी 2023 तक चुनौतीपूर्ण कार्य को पूरा करते हुए पांच टनलों का निर्माण भी पूरा हुआ और एक भव्य फ्लाईओवर भी बनाकर तैयार कर लिया गया. अब इसपर यातायात को पूरी तरह से सुचारू कर दिया गया है. हालांकि, अधिकारिक उद्घाटन बाद में होगा, लेकिन अब लोग मनाली की तरफ जाएंगे या वापिस आएंगे तो हणोगी से झलोगी के बीच का सफर इन्हीं पांच टनलों और भव्य फ्लाईओवर से होकर गुजरेगा.

मार्च 2024 तक पूरा हो सकता है यह प्रोजेक्ट
कीतरपुर-मनाली फोरलेन का सबसे मुश्किल कार्य है पंडोह से टकोली तक फोरलेन का निर्माण करना. यहां पर फोरलेन को टनलों के माध्यम से गुजारा जा रहा है और इसके लिए 10 टनलों का निर्माण किया जा रहा है. 5 टनलों को तो यातायात के लिए खोल दिया गया है लेकिन बाकी 5 टनलों का कार्य प्रगति पर है और इस कार्य को मार्च 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

अब कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा दवाड़ा
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे अगर सबसे ज्यादा कहीं रोड बंद होता था तो वो था दवाड़ा. यह एक ऐसा स्लाइडिंग जोन बन चुका था, जहां पर आए दिन पहाड़ी से मलबा या पत्थर आकर गिरते ही थे. आज दिन तक न जाने कितने लोग यहां हादसे का शिकार हुए और अपने प्राणों को गंवा दिया. दवाड़ा के पास भूस्ख्लन के वीडियो आज भी सोशल मीडिया पर मौजूद हैं, जिन्हें देखते ही रूह कांप जाती है. दूसरी तरफ उफनती ब्यास नदी कहर बरपाती थी. दवाड़ा के पास हाईवे की सड़क ब्यास नदी के बिल्कुल साथ है और नदी पर पानी का स्तर बढ़ते ही सारा पानी हाईवे पर आ जाता था और हाईवे बंद हो जाता था, लेकिन अब यह सब नहीं होने वाला.

लेकिन अब नहीं हो पाएंगे हणोगी माता के दर्शन
इन टनलों के बन जाने से एक बड़ा फर्क यह भी पड़ा है कि लोग अब हणोगी माता के दर्शन नहीं कर पाएंगे. शायद ही कोई वाहन ऐसा होता होगा जो यहां गुजरते वक्त हणोगी माता मंदिर के पास न रुका हो और नीचे उतरकर माता का आशीवार्द न लिया हो. लेकिन अब लोगों को हणोगी माता के दर्शनों के लिए फोरलेन से हटकर एक किमी का सफर तय करके मंदिर तक जाना पड़ेगा. हणोगी पुल के पास से ही सारा ट्रेफिक डायवर्ट कर दिया गया है. गौरतलब है कि कीरतपुर नेरचौक मनाली फोरलेन की वजह से अब मनाली का सफर 5-6 घंटे में पूरा हो जाएगा. पहले यह दूरी 237 किमी थी, अब पर 40 किमी के करीब कम हो गई है.

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जीएसटी संग्रह में एआई तकनीक से आएंगे बदलाव, जीएसटी बकाएदारों का वास्तविक डाटा होगा उपलब्ध

goods service tax - gst

प्रदेश के राजस्व में 250 करोड़ होगी बढ़ोतरी, जीएसटी बकाएदारों का वास्तविक डाटा होगा उपलब्ध

राज्य कर एवं आबकारी विभाग राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए ऑडिट प्रवर्तन की आधुनिक तकनीक के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग के लिए एक महत्त्वाकांक्षी योजना कार्यान्वित करने जा रहा है। इसके दृष्टिगत राज्य मंत्रिमंडल से अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया है। इस महत्त्वाकांक्षी पहल को कार्यान्वित करने का मुख्य ध्येय वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े राजस्व नुकसान को कम करना है। इस परियोजना के कार्यान्वयन से जीएसटी बकाएदारों का वास्तविक डाटा उपलब्ध होगा और निरीक्षण तथा त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रशासन में दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकारी विभागों के कामकाज में आधुनिक तकनीकों को शामिल करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर सदैव बल दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य कर एवं आबकारी विभाग द्वारा लेखा परीक्षा प्रवर्तन की आधुनिक तकनीक को अपनाने से सटीक डाटा तैयार करने, कर धोखाधड़ी का पता लगाने और उसकी रोकथाम में मदद मिलेगी।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस परियोजना के कार्यान्वित होने से प्रदेश के वार्षिक राजस्व में 250 करोड़ रुपए की अतिरिक्त बढ़ोतरी होगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि परियोजना विभागीय अधिकारियों की क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ राजस्व में वृद्धि के लिए संभावित क्षेत्रों की पहचान करने में सक्षम बनाएगी। उन्होंने कहा कि एआई प्रौद्योगिकी के कार्यान्वयन से विभाग को मौजूदा चुनौतियों से और अधिक कुशलता से निपटने में मदद मिलेगी। एआई को अपनाने और उन्नत डेटा विश्लेषण तकनीकों को शामिल करके, राज्य कर एवं आबकारी विभाग राजस्व संग्रह बढ़ाने, कर चोरी से निपटने और निर्णय लेने की प्रक्रिया को कारगर बनाने में और अधिक सक्षम होगा। आधुनिक तकनीकों को नियोजित कर राज्य सरकार के इस तरह के प्रयास सरकारी कार्यों में दक्षता और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

ज्वालामुखी मंदिर में श्रद्धालु ने चढ़ाए 2000 के 400 नोट, दान किए आठ लाख रुपए, शहर में चर्चाओं से माहौल गर्म

 

ज्वालामुखी मंदिर में श्रद्धालु ने चढ़ाए 2000 के 400 नोट

भक्त ने दान किए आठ लाख रुपए, शहर में चर्चाओं से माहौल गर्म

नोटबंदी के बाद इसे लोगों में दहशत कहां जाए या मां ज्वालामुखी के प्रति आस्था की एक भक्त ने 2000 के नोट बंद होने पर मां ज्वालामुखी के दरबार में 2000 के 400 नोट यानी आठ लाख रुपए मां ज्वालामुखी के दरबार में चढ़ा दिए। गौरतलब है कि अभी दो दिन पहले ही केंद्र सरकार ने 2000 के नोट को बंद किया है और उसके तुरंत बाद एक श्रद्धालु द्वारा इतनी बड़ी रकम 2000 के 400 नोटों की चढ़ाना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। 

कई लोग इसे श्रद्धालुओं की आस्था और श्रद्धा का प्रतीक मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे नोटबंदी की दहशत भी बता रहे हैं। रकम क्षेत्र के लोगों के विकास के साथ-साथ मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर खर्च होगी। मंदिर के कनिष्ठ अभियंता सुरेश कुमार ने बताया कि मां के दरबार में कई ऐसे भक्त आते हैं, जो अकसर बड़ी-बड़ी सौगातें मां के चरणों में अर्पित करते हैं । 

नगर परिषद ज्वालामुखी के अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि यदि मां ज्वालामुखी के दरबार में अगर 2000 के नोट आते हैं, तो निश्चित तौर पर उनका मंदिर को लाभ होगा। मंदिर के विकास कार्यों पर यह पैसा खर्च किया जाएगा।

गर्मियां बढ़ते ही कच्चा नारियल महंगा, अब 60 रुपए की बजाए 70 रुपए में बिक रहा एक पीस

गर्मियां बढऩे के साथ ही कर्नाटक से हिमाचल की मंडियों में पहुंच रहे कच्चे नारियल के दामों में इजाफा हो गया है। काफी लंबे समय तक दुकानों में 60 रुपए बिकने वाला कच्चा नारियल अब 70 रुपए का हो गया है। क्यास लगाए जा रहे हैं कि आगामी समय में इसके दामों में और इजाफा हो जाएगा। कर्नाटक से सब्जी मंडियों में पहुंच रहे कच्चे नारियल के दाम बढऩे के साथ ही दुकानों व रेहडिय़ों पर इसके दाम बढऩा स्वभाविक है। बताया जा रहा है कि सब्जी मंडियों से दुकानदारों को नारियल अब 60 रुपए प्रति पीस के हिसाब से मिल रहा है। हालांकि पहले मंडियों से यह 55 रुपए मिल रहा था। इसके दामों में इजाफा होने के बाद अब दुकानों व रेहडिय़ों पर इसके दाम 60 से बढक़र 70 रुपए हो गए हैं।

नारियल के दाम जरूर बढ़े हैं लेकिन नारियल पानी पीने वालों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है। अनुमानित आंकड़े के अनुसार हमीरपुर जिला में ही एक दिन में लगभग चार हजार नारियल बिक रहा है। यदि बात प्रदेश भर की करें तो इसका आंकड़ा काफी अधिक होगा। जिन जिला में तापमान काफी अधिक है वहां पर इसकी विक्री भी ज्यादा होगी।

हमीरपुर जिला में सोमवार को अब तक का सबसे गर्म दिन महसूस किया गया। जिला का तापमान 40 डिग्री के आसपास रिकार्ड किया है। दोपहर को कामकाज के लिए निकले लोग छांव ढूंढते नजर आए।

आशा कार्यकर्ताओं के 73 पदों पर भर्ती, 27 मई तक करें आवेदन

 


चंबा, 15 मई : जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जालम सिंह भारद्वाज ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत जिला चंबा के विभिन्न शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं के 73 नव सृजित पदों को भरने के लिए पुनः आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई है । इसके तहत आवेदन प्रपत्र विभाग द्वारा निर्धारित शर्तों एवं वांछित दस्तावेजों के साथ संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में जमा करवाने होंगे ।

 उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य खंड पुखरी के तहत आशा कार्यकर्ताओं के 12 पद, स्वास्थ्य खंड समोट के तहत 14 पद, स्वास्थ्य खंड भरमौर के तहत 5 पद, स्वास्थ्य खंड तीसा के तहत 22 पद, स्वास्थ्य खंड किलाड़ के तहत 2 पद, स्वास्थ्य खंड चूड़ी के तहत 6 पद और स्वास्थ्य खंड किहार के तहत 12 पद भरे जाएंगे । आवेदन प्राप्ति की अंतिम तिथि 27 मई निर्धारित की गई है । उन्होंने बताया कि चंबा शहर के आवेदक अपने दस्तावेज खंड चिकित्सा अधिकारी पुखरी के कार्यालय और और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के इच्छुक अभ्यर्थी अपने आवेदन संबंधित स्वास्थ्य खंड अधिकारी के कार्यालय में जमा करवा सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय या खंड चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है ।

वाकनाघाट में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में युवाओं को मिलेगा बेहतर मौका, कोर्स पूरा होने पर नौकरी की गारंटी


पर्यटन और आतिथ्य सत्कार के क्षेत्र में रोजगार की प्रबल संभावनाओं को देखते हुए अब सरकार ने युवाओं को एक साल का कोर्स करवाने की योजना बनाई है। बैचलर डिग्री करने वाले युवाओं को इस कोर्स में प्रवेश मिलेगा। राज्य सरकार प्राइवेट पार्टनर के साथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस चलाने के लिए पांच साल का अनुबंध किया है। 

यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस वाकनाघाट में बनकर तैयार हो रहा है। इसका 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है। कौशल विकास निगम का कहना है कि अगले साल से यहां पर बैच बिठा दिया जाएगा। यहां पर कोर्स में प्रवेश पाने वाले युवाओं को 50 प्रतिशत सबसिडी भी मिलेगी। बाकी खर्च उन्हें खुद वहन करना होगा। 

वहीं तीन लाख रुपए पैकेज की जॉब गारंटी कौशल विकास निगम ने तय किया है कि जो भी भागीदार इस सेंटर को चलाएगा, वह कोर्स करने वाले युवाओं को नौकरी की गारंटी भी देगा। तय शर्तों के मुताबिक एक साल का कोर्स पूरा होने के बाद युवा को तीन लाख रुपए सालाना पैकेज की गारंटीशुदा नौकरी मिलेगी।

अगर भागीदार नौकरी देने में असमर्थ रहता है, तो एमओयू में ही भारी पैनल्टी का भी प्रावधान किया गया है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में हिमाचल के छात्रों के लिए 60 फीसदी सीटें आरक्षित रहेंगी, हालांकि छात्रों को भोजन और आवास सहित इंटर्नशिप का खर्च खुद उठाना होगा। 

सरकार ट्यूशन फीस पर सबसिडी प्रदान करेगी। पिछले दो साल कोविड चलते युवाओं को इसकी खासी मार झेलनी पड़ी है। रोजगार के क्षेत्र में युवाओं को नुकसान हुआ है, वहीं बेरोजगारी भी बढ़ी हैै। अब टूरिज्म और हॉस्पिटेलिटी के क्षेत्र में ज्यादा संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

Himachal Weather : मानसून प्रदेश छोडऩे को तैयार नहीं, मौसम विभाग ने भारी बारिश की दी चेतावनी

 

हिमाचल प्रदेश में मानसून के जल्द विदा होने के आसार नहीं हैं। राज्य में मानसून अभी कुछ दिन और सक्रिय रहेगा और इस वजह से विभिन्न हिस्सों में गरज के साथ बारिश होगी। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार हिमाचल प्रदेश में पांच अक्तूबर तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। अगले 24 घंटों में मैदानी व मध्यपर्वतीय इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने के आसार हैं और दस जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में मानसून ने 13 जून को दस्तक दी थी। राज्य में मानसून की सामान्य से दस फीसदी कम बारिश हुई है।

मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में 686 एमएम बारिश दर्ज हुई, जबकि 763 एमएम बारिश को सामान्य बारिश माना गया है। शिमला, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई। सितंबर में सामान्य से 34 फीसदी और जुलाई में पांच फीसदी अधिक बारिश हुई, वहीं जून में 17 फीसदी और अगस्त में 44 फीसदी कम बारिश हुई। शुक्रवार को राजधानी शिमला व आसपास के क्षेत्रों में मौसम साफ रहा, जबकि डलहौजी में 23 और पालमपुर में 19 एमएम बारिश हुई। पिछले 24 घंटों में गगल में सर्वाधिक 65 एमएम बारिश हुई।


प्रदेश भर में अधिकतम तापमान

शिमला में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 22.5, सुंदरनगर में 31.4, भुंतर में 31.1, कल्पा में 22.4, धर्मशाला में 28.2, ऊना में 34.4, नाहन में 26.9, केलांग में 24.2, पालमपुर में 24.3, सोलन में 29, मनाली में 23.6, कांगड़ा में 28.9, मंडी में 29.4, बिलासपुर में 28.9, हमीरपुर में 31, चंबा में 29.4, डल्हौजी में 26.9, कुफरी में 18.1 और जुब्बलहट्टी में 25.3 एमएम दर्ज की गई।

अब सूर्य की रोशनी से बनेगी हाइड्रोजन और अमोनिया, आईआईटी मंडी के वैज्ञानिकों ने विकसित की नई तकनीक


आईआईटी मंडी के वैज्ञानिकों ने प्रकाश संश्लेषण की तर्ज पर विकसित की नई तकनीक

आईआईटी मंडी, आईआईटी दिल्ली और योगी वेमना विश्वविद्यालय की बहुसंस्थानिक टीम ने सूर्य की रोशनी से हाइड्रोजन व अमोनिया बनाने की विधि विकसित कर ली है। जिस तरह पौधे सौर ऊर्जा का प्रयोग करते हैं, उसी तरह से आईआईटी मंडी के शोधकर्ताओं ने अकार्बनिक उत्प्रेरक में पत्ती की संरचना का विकास कर सौर ऊर्जा से कम लागत पर हाइड्रोजन और अमोनिया उत्पादन की क्षमता विकसित की है।

 बता दें कि हाइड्रोजन और अमोनिया दोनों का औद्योगिक महत्त्व है। हाइड्रोजन स्वच्छ ऊर्जा का स्रोत है और अमोनिया उर्वरक उद्योग का आधार है। हाइड्रोजन और अमोनिया दोनों के उत्पादन में बड़ी मात्रा में ऊर्जा की खपत होती है और ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन भी होता है, लेकिन अब आईआईटी मंडी के शोध से इन दो रसायनों के उत्पादन में फोटोकैटलिसिस के उपयोग से न केवल ऊर्जा और लागत की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण को भी बड़ा लाभ मिलेगा। डा. वेंकट कृष्णन एसोसिएट प्रोफेसर स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज आईआईटी मंडी के नेतृत्व में कार्यरत टीम ने हाल ही के इस शोध के परिणाम प्रतिष्ठित ‘जर्नल ऑफ मैटेरियल्स केमिस्ट्री’ के एक आलेख में प्रकाशित किए गए हैं।

आलेख के सह-लेखक उनके शोध विद्वान आईआईटी मंडी के डा. आशीष कुमार हैं। अन्य लेखकों में उनके सहयोगी आईआईटी दिल्ली के डा. शाश्वत भट्टाचार्य और मनीष कुमार और योगी वेमना विश्वविद्यालय, आंध्र प्रदेश के डा. नवकोटेश्वर राव और प्रो. एमवी शंकर हैं। शोध प्रमुख डा. वेंकट कृष्णन ने बताया कि हम पत्तियों के रोशनी ग्रहण करने की क्षमता से प्रेरित थे और हमने कैल्शियम टाइटेनेट में पीपल

हिमाचल: लाहौल के खंमीगर ग्लेशियर में फंसे 14 ट्रैकर, दो की मौत

 


हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के खंमीगर ग्लेशियर में ट्रैकिंग पर गए 14 लोग फंस गए हैं। हादसे में दो ट्रैकरों की मौत हो गई है। 18 सदस्यीय दल में छह लोग पश्चिम बंगाल, जबकि 11 पोटर व एक शेरपा यानी स्थानीय गाइड ट्रैकिंग पर गए थे। पश्चिम बंगाल के अभिजीत बनिक और एक पोटर ने दो दिन सफर के बाद वापस लौटकर इसकी सूचना काजा प्रशासन को दी। 

प्रशासन ने 32 सदस्यीय बचाव दल का गठन कर दिया है। बचाव दल को खमींगर पहुंचने में तीन दिन लगेंगे। वहां हेलीकॉप्टर के माध्यम से भी नहीं पहुंचा जा सकता है। मृतक ट्रैकरों की पहचान 61 वर्षीय भास्कर देव मुखोपाध्याय सनराइज अपार्टमेंट 87डी आनंदपुर बैरकपुर कोलकाता पश्चिम बंगाल और 38 वर्षीय संदीप कुमार ठाकुराता थ्री राइफल रेंज रोड प्लॉट नंबर जेडए, पूव्यान अवासन बेलगोरिया पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है। 

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बचाव कार्य पिन घाटी के काह गांव से शुरू होगा। पहले दिन 28 सितंबर को काह से चंकथांगो, दूसरे दिन चंकथांगो से धार थांगो और अंतिम दिन धारथांगो से खमींगर ग्लेशियर बचाव टीम पहुंचेगी। तीन दिन वापस खंमीगर ग्लेश्यिर से काह पहुंचने में लगेंगे। लाहौल-स्पीति के उपायुक्त नीरज कुमार ने बताया कि खंमीगर ग्लेशियर में ट्रैकरों को निकालने का कार्य प्रशासन ने शुरू कर दिया है। 

बचाव दल में 16 आईटीबीपी और 6 डोगरा स्काउट के जवान शामिल हैं। इनमें एक चिकित्सक भी है। साथ ही 10 पोटर हैं। ये बोझ उठाने के लिए काम करेंगे। उपायुक्त ने बताया कि 15 सितंबर को इंडियन माउंटेनरिंग फाउंडेशन पश्चिम बंगाल का छह सदस्यीय दल बातल से काजा वाया खमींगर ग्लेशियर ट्रैक (करीब 5034 मीटर ऊंचाई)

हिमाचल मे बीपीएल सूची से बाहर होंगे फर्जी गरीब, सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी


हिमाचल प्रदेश में फर्जी गरीब बीपीएल सूची से बाहर होंगे। दो अक्तूबर को होने जा रही ग्राम सभा की बैठक में बीपीएल सूचियों की समीक्षा होगी। प्रदेश के ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक ने सभी उपायुक्तों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार हर वर्ष ग्राम सभा की पहली बैठक में ग्राम पंचायत की बीपीएल सूची की समीक्षा सुनिश्चित की जाएगी। 25 फरवरी 2021 को ग्राम सभा की बैठक में अप्रैल माह की प्रस्तावित ग्राम सभा में बीपीएल सूची की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए थे, पर कोविड महामारी के कारण अप्रैल महीने में ग्राम सभाएं नहीं हो सकीं। 

सांप को पकड़ कर व्यक्ति ने मुंह में डंक मरवाया, मौत देखे विडियो में

अब सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश की ग्राम पंचायतों में बीपीएल की सूचियों की समीक्षा दो अक्तूबर को होने वाली ग्राम सभा की बैठक में होगी। जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत की बीपीएल सूची की समीक्षा सरकार के निर्देशानुसार करवाना सुनिश्चित की जाए। बीपीएल सूची में शामिल रहे प्रदेश के लोगों को कई योजनाओं का लाभ मिलता है। नौकरियों में आरक्षण से लेकर कई सरकारी योजनाओं में उन्हें विशेष तरजीह दी जाती है। 

वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में 8.4 फीसदी परिवार गरीबी रेखा से नीचे है। इन नियमों को पूरा नहीं करने वाले हटेंगे बीपीएल से परिवार अगर आयकर देता है। परिवार की अगर वेतन, पेंशन, मानदेय, मजदूरी और व्यवसाय से 2500 रुपये से अधिक मासिक आय नहीं है। परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी, अर्द्धसरकारी नौकरी में नियमित या अनुबंध पर कार्यरत नहीं होना चाहिए। गाड़ी और पक्का मकान भी नहीं होना चाहिए।

हिमाचल प्रदेश में कल से स्कूलों में होंगी चहल-पहल; शिक्षा विभाग ने जारी की एसओपी


हर नियम का रखें ध्यान, पाठशालाओं में नहीं होगी प्रार्थना सभा

राज्य के सरकारी स्कूलों में कल यानी 27 से नौवीं से 12वीं कक्षा के छात्र स्कूल आएंगे। प्रदेश सरकार के निर्देशों पर नौवीं से 12वीं की ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हो रही है। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने नई एसओपी भी जारी की है। इसमें स्कूलों में बच्चों को प्रवेश से पहले एसओपी का पूरी तरह से पालन करना होगा। स्कूल प्रबंधन की यह जिम्मेदारी रहेगी कि बच्चे कोविड नियमों का पूरी तरह से पालन करे।

इसमें पहले तीन दिन दसवीं और 12वीं कक्षा के बच्चे स्कूल आएंगे जबकि अगले तीन दिन नौवीं और 12वीं कक्षा के बच्चे स्कूल आएंगे। इसके साथ ही पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों की पढ़ाई ऑनलाइन ही जारी रहेगी। शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि कोविड से बचने के लिए सभी स्कूलों को सेनेटाइज करना होगा। प्रदेश में करीबन तीन माह बाद स्कूल खुल रहे हैं। अब प्रदेश में कोविड की स्थिति सामान्य है तो दोबारा स्कूलों को खोलने का फैसला किया गया है।

27 से स्कूल खोले जाने हैं। ऐसे में कोविड के लिए जारी एसओपी का पूरी तरह से पालन करना होगा। इस बारे में सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं

डा. अमरजीत शर्मा, निदेशक, उच्च शिक्षा विभाग


वेबसाइट पर भी डालनी होगी एसओपी


प्रदेश सरकार ने निर्देश जारी किए हैं एसओपी की गाइडलाइन का सभी को पालन करना होगा। इसके साथ ही हर घर पाठशाला की वेबसाइट पर भी यह एसओपी डालनी होगी ताकि सभी स्कूल इसका सही ढंग से पालन कर सके। कोई भी व्यक्ति अगर कोविड नियमों की उल्लंघन करते हुए पाया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।

छात्रों के बीच होगी छह फीट की दूरी

छात्रों के बीच कम से कम छह फीट की दूरी रखनी होगी।

किनौर हादसा:PM मोदी ने जताया शोक, मारे गए लोगों के परिजनों को मिलेगा 2-2 लाख मुआवजा



हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में हुए भयानक लैंडस्लाइड  की जद में आकर 9 लोगों की मौत हो गई है जबकि कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर शोक जताया है. उन्होंने कहा कि इस हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति उनकी हार्दिक संवेदनाएं हैं. उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज की पूरी व्यवस्था की जा रही है. 

इसके साथ ही पीएमओ ने ट्वीट कर बताया कि हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में हुए भीषण दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष की ओर से 2-2 लाख रुपये दिए जाएंगे, इस हादसे में घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे. इस ट्वीट से ठीक पहले पीएमओ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ट्वीट कर बताया कि दुर्घटना में घायल हुए लोगों के इलाज की व्यवस्था की जा रही है. 

ट्वीट में यह भी बताया गया कि इस हादसे से पीएम मोदी आहत हैं. पीएमओ ने ट्वीट किया ‘हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में भूस्खलन से हुआ हादसा अत्यंत दुखद है। इसमें जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। दुर्घटना में घायल हुए लोगों के इलाज की पूरी व्यवस्था की जा रही है। मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं: PM’ पीएमओ द्वारा किए गए ट्वीट का स्क्रीन शॉट. 

आपको बता दें कि हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बटसेरी की पहाड़ी से पत्थर टूट कर नीचे गिरे हैं. चट्टान गिरने से कई वाहन उसकी चपेट में आए हैं. इस दुर्घटना में पर्यटकों से भरी गाड़ी पर भारी पत्थर गिर गया, जिससे उसमें सवार 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. घायलों को सीएचसी सांगला रेफर किया गया है.

पर्यटकों की गाड़ी पर पहाड़ी से टूटकर गिरे पत्थर, 9 लोगों की मौत, 3 घायल


किन्नौर. हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बटसेरी के पहाड़ी से पत्थर टूट कर  नीचे गिरे हैं. चट्टान गिरने से कई वाहन उसकी चपेट में आए हैं. इस दुर्घटना में पर्यटकों से भरी गाड़ी पर भारी पत्थर गिर गया जिससे उसमें सवार नौ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. घायलों को सीएचसी सांगला रेफर किया गया है. 

सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंची हैं और राहत एवं बचाव कार्य चला रही हैं. आलाधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं. बताया जा रहा है कि गाड़ी में सवार पर्यटक दिल्ली और चंडीगढ़ से हिमाचल प्रदेश घूमने आए थे. भूस्खलन होने से बास्पा नदी पर बना पुल टूट गया है जिससे गांव का संपर्क शेष देश और दुनिया से कट गया है. मिली जानकारी के मुताबिक पहाड़ से भूस्खलन सहित भारी पत्थर गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं.

6 बार CM, 9 बार विधायक और 5 बार सांसद रहे वीरभद्र सिंह

 

शिमला. हिमाचल प्रदेश की सियासत की बात हो और वीरभद्र सिंह का नाम न आए, ऐसा संभव ही नहीं है. उन्हें सूबे में जननेता के तौर पर जाना जाता है. बता दें कि वीरभद्र सिंह 25 साल की उम्र में सांसद बने थे. वीरभद्र सिंह का जन्म 23 जून 1934 को शिमला जिले के रामपुर के सराहन में हुआ था और आठ जुलाई 2021 को उनका निधन हो गया है. 

उनके पिता का नाम राजा पदम सिंह था. उनकी शुरुआती पढ़ाई शिमला के बिशप कॉटन स्कूल (बीसीएस) शिमला से ही हुई. बाद में उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से बीए ऑनर्स की पढ़ाई की. वीरभद्र सिंह अपने राजनीतिक करियर में केवल एक ही बार चुनाव हारे हैं. देश में आपातकाल के बाद 1977 में जब कांग्रेस का देश से सफाया हो गया था, इसी दौरान वीरभद्र सिंह भी चुनाव हारे थे. वीरभद्र सिंह का संबंध राजघराने से है. वह बुशहर रियासत के राजा रहे हैं. 

केंद्रीय राजनीति में वीरभद्र का सफर वीरभद्र सिंह ने पहली बार सन 1962 में लोकसभा का चुनाव लड़ा और संसद पहुंचे. इसके बाद 1967 और 1971 के लोकसभा चुनाव में भी इन्हें जीत नसीब हुई. 1980 में सीएम वीरभद्र सिंह ने फिर चुनावी ताल ठोकी और सांसद चुने गए. उन्हें इस दौरान राज्य मंत्री उद्योग मंत्री का प्रभार मिला था. इसके बाद वीरभद्र सिंह ने प्रदेश राजनीति की ओर रुख किया. 

हालांकि, 2009 में वह एक बार फिर मंडी संसदीय सीट से सांसद चुने गए. इससे पहले, जब 2004 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनी, तो इसी सीट से उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह सांसद चुनी गई थीं. केंद्र में दो बार रहे मंत्री 1976 और 1977 के बीच, वीरभद्र सिंह ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में पर्यटन और नागरिक उड्डयन के लिए उपमंत्री का राष्ट्रीय कार्यालय भी संभाला था. वह 1980 से 1983 के बीच उद्योग मंत्री रहे.

हिमाचल पुलिस का एक और थप्पड़ कांड, शिमला में टूरिस्ट को पीटा

 



हिमाचल प्रदेश पुलिस का एक और थप्पड़ कांड सामने आया है. कुल्लू के बाद अब शिमला पुलिस  ने टूरिस्ट को पीटा है. शिमला की विक्ट्री टनल के पास की यह घटना है. यहां पुलिस एक कार को चालान करने के लिए रोकती है. बाद में बहसबाजी में पुलिस दो युवकों पर थप्पड़ रसीद देती है. मामले का एक वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो युवक एक कार के बाहर खड़े हैं. इस दौरान गाली देने की बात कही जा रही है. 

आरोप है कि युवकों ने पुलिस को गालियां निकाली. जिसके बाद एक ट्रैफिक पुलिस कर्मी ने आपा खो दिया और युवक को थप्पड़ मार दिया. हरियाणा के टूरिस्ट वीडियो में हरियाणवी भाषा में बात करते हुए नजर आ रहे हैं. एक युवक पुलिस कर्मी से सवाल करता नजर आ रहा है कि क्या उनके पास कोई सुबूत है कि उन्हें गाली दी गई है? दो मिनट के इस वीडियो में काफी गहमागहमी दिखाई दे रही है. लाइन हाजिर किया गया जवान डीएसपी हेडक्वार्टर कमल वर्मा का कहना है कि टूरिस्ट मनाली जाना चाहते थे. 

लेकिन विक्ट्री टनल से पहले यू-टर्न अलाउड नहीं था. बस इसी बात को लेकर बहसबाजी हुई और पयर्टकों ने गालीगलौज किया. पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट के तहत इनका चालान काटा है. एसपी शिमला मोहित चावला का कहना है कि यह काफी दुखद है, लेकिन गाड़ी रोकने के लिए इशारे के बाद भी वाहन नहीं रोका गया है. जांच के आदेश दिए गए हैं और पुलिस कर्मी को लाइन हाजिर किया गया है. 

फिलहाल, टूरिस्ट की ओर से शिकायत नहीं दी गई है. कुल्लू में हो चुका है थप्पड़ कांड कुल्लू में बीते सप्ताह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दौरे के दौरान एसपी कुल्लू ने सीएम सिक्योरिटी इंजार्ज को थप्पड़ जड़ दिया था. बाद में एक पीएसओ ने एसपी को लातें मारी थी.

हिमाचल में चार दिन भारी बारिश का अलर्ट, छह जुलाई तक झमाझम बरसेंगे बादल


हिमाचल प्रदेश में एक जुलाई से मानसून के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने पूरे प्रदेश में एक से छह जुलाई तक लगातार बारिश-अंधड़ का पूर्वानुमान जारी किया है। वहीं, एक से चार जुलाई तक मैदानी भागों में बारिश व मध्य पर्वतीय भागों में भारी बारिश-तूफान चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। 

मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। ऊना में न्यूनतम तापमान 26.5, बिलासपुर में 26.0, हमीरपुर में 26.2, नाहन में 24.4, कांगड़ा में 23.6, चंबा में 21.0, धर्मशाला में 21.4 और शिमला में 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। आज शिमला समेत प्रदेश के अन्य भागों में मौसम साफ बना हुआ है। 

बीते कई दिनों से मौसम साफ रहने के चलते मैदानी जिलों के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भी गर्मी की तपिश बढ़ गई है। दिन के साथ रात को भी गर्मी बढ़ने से लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को ऊना में इस माह का दूसरा सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड हुआ था।

पार्वती प्रोजेक्ट की पंचानाला टनल धंसी, मलबे में दबे चार मजदूरों की मौत, दो बचे



जिला कुल्लू की गड़सा घाटी में एनएचपीसी की पार्वती परियोजना चरण-दो के तहत बन रही टनल धंस गई है। पंचानाला में तैयार हो रही इस निर्माणाधीन टनल के धंस जाने से यहां पर काम कर रहे छह मजदूर दब गए। इनमें से एक मजदूर को सुरिक्षत निकाल लिया गया, जबकि चार मजदूरों के मौत हो गई है। एक मजूदर घायल है, जिसे कुल्लू अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हादसा शुक्रवार शाम करीब पौने छह बजे पेश आया है। हादसे की खबर लगते ही यहां पर प्रशासन व परियोजना प्रबंधन की टीम बचाव कार्य में जुट गई है। जानकारी के अनुसार पंचानाला में बन रही इस टनल में आम दिनों की तरह कार्य हो रहा था, तभी टनल का एक हिस्सा धंस गया।

इसके कारण कुछ शिलाओं व मलबे की चपेट में मजदूर आ गए। हादसा होते ही इसकी खबर पार्वती परियोजना प्रबंधन के साथ जिला प्रशासन को दी गई, तो कुल्लू मुख्यालय से उपमंडलाधिकारी डा. अमित गुलेरिया, डीएसपी कुल्लू व बीएमओ सहित मौके पर पहुंचे। जानकारी के अनुसार दो एंबुलेंस भी मौके पर तुरंत भेजी गईं। रेस्क्यू अभियान जारी था। जानकारी के अनुसार जिन मजदूरों की मौत हुई है, उनमें एक स्थानीय है जबकि दो सिरमौर व एक नेपाल का है। जिला कुल्लू के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि छह लोग मलबे की चपेट में आए थे, जिसमें चार की मौत हो गई है, एक सुरक्षित है और एक घायल है। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू अभियान जारी है।

जमाखोरों को नहीं बख्शेगी सरकार, मुख्यमंत्री ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

 

आवश्यक वस्तुओं को स्टोर करने और मुनाफाखोरी पर मुख्यमंत्री ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि महामारी के दौरान आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी व मुनाफाखोरी में संलिप्त लोगों के विरुद्ध सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री ने यह बात शुक्रवार को शिमला से वर्चुअली खाद्य नागरिक आपूर्ति व हिमाचल प्रदेश राज्य आपूर्ति निगम लिमिटेड के अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग को प्रदेश में आवश्यक वस्तुएं अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावी तरीके से कार्यान्वित कर उचित मूल्य पर आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता तथा गैरकानूनी गतिविधियों को रोकना सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग को उपभोक्ताओं के लिए उचित मूल्य पर आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए तथा व्यापारियों द्वारा जमाखोरी व मुनाफाखोरी को रोकने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए।

 सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में अवैध व्यापारिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए अप्रैल, 2021 से हिमाचल प्रदेश होर्डिंग एंड प्रोफिटियरिंग प्रिवेंशन आर्डर-1977, हिमाचल प्रदेश कमोडिटिज़ प्राइस मार्किंग एंड डिसप्ले ऑर्डर-1977 तथा हिमाचल प्रदेश ट्रेड आर्टिक्लस (लाईसेंसिंग एंड कंट्रोल) आर्डर-1981 को लागू किया है। उन्होंने कहा कि यह आदेश इस वर्ष 31 अक्तूबर तक प्रभावी रहेंगे। खाद्य आपूर्ति मंत्री राजिंद्र गर्ग ने बिलासपुर से वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लेते हुए कहा कि विभाग उपभोक्ताओं को आवश्यक वस्तुओं की समुचित एवं निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति के प्रधान सचिव रजनीश ने मुख्यमंत्री

ब्लैक फंगस हिमाचल में भी महामारी घोषित, एक साल तक लागू रहेंगे महामारी एक्ट के प्रावधान

 ब्लैक फंगस हिमाचल में भी महामारी घोषित, एक साल तक लागू रहेंगे महामारी एक्ट के प्रावधान


 ब्लैक फंगस मरीजों का अलग वार्ड में होगा इलाज

 आईजीएमसी व टांडा में आइसोलेशन वार्ड तैयार

 सभी मेडिकल कालेजों को अलग वार्ड बनाने के निर्देश 

ब्लैक फंगस यानी म्यूकरमाइकोसिस को हिमाचल सरकार ने महामारी घोषित कर दिया है। प्रदेश सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी अधिसूचना के तहत यह आदेश हिमाचल प्रदेश एपेडेमिक डिजीज (म्यूकरमाइकोसिस) रेगुलेशन 2021 एक्ट तहत एक साल के लिए मान्य रहेगा। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी हर संस्था को संपूर्ण प्रोटोकॉल का अनुकरण करना पडे़गा और कहीं भी आने वाले किसी भी केस को सीएमओ के माध्यम से प्रदेश स्वास्थ्य विभाग को सूचित करना होगा। एक्ट के तहत किसी भी व्यक्ति या संस्था को इस महामारी के बारे में किसी भी तरह के दुष्प्रचार की इजाजत नहीं होगी। कोई भी संस्था या व्यक्ति अगर अधिनियम का उल्लंघन करता है, तो उसे आईपीसी की धारा-188 के तहत सजा मिलेगी।

 प्रदेश के सबसे बड़े मेडिकल कालेज आईजीएमसी व टांडा में ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड तैयार कर दिए गए हैं। सरकार के आदेशों पर अब ब्लैक फंगस मरीजों का अलग वार्ड में इलाज होगा। सरकार भी ब्लैक फंगस को लेकर अलर्ट हो गई है। यही वजह है कि प्रदेश के सभी छह मेडिकल कालेजों के प्रिंसीपल्स को आइसोलेशन वार्ड बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने यह भी साफ किया है कि अभी एक वार्ड में 10 से ज्यादा बेड नहीं लगेंगे। शुक्रवार को स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने व्यवस्था को लेकर मेडिकल कालेजों के प्रिंसीपल्स और सीएमओ से बात की। उन्होंने अस्पतालों में एंटी फंगल दवाओं एम्फोटेरिसिन-बी का पर्याप्त भंडारण करने के भी निर्देश दिए।

हिमाचल पुलिस पर कोरोना का कहर अब तक 5 मौतें, 2874 जवान हुए संक्रमित

 

शिमला. हिमाचल में कोरोना कर्फ्यू लागू है. इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कोरोना नियमों के पालना करवाने के लिए हिमाचल पुलिस के जवान मुस्तैद हैं. कोरोना से हजारों पुलिस जवान संक्रमित हो गए, 5 पुलिसकर्मियों ने जान भी गंवाई है. इसके बावजूद हौसला टूटने नहीं दिया और जननता की सेवा में जुटे रहे. बिना थके दिन रात अपना फर्ज निभा रहे हैं. डीजीपी संजय कुंडू (DGP  ने अपने जवानों की पीठ थपथपाई है. 

डीजीपी ने दी जानकारी शिमला में पत्रकारों के साथ बातचीत में डीजीपी ने बताया कि कोविड डयूटी के दौरान प्रदेशभर में 2874 जवान कोरोना पॉजिटिव हुए हैं और 2378 जवानों ने कोरोना को मात दी है, जबकि 488 जवान अभी भी होम आइसोलेशन में हैं. पुरुष जवानों के साथ महिला पुलिस कर्मी भी कंधे से कंधा मिलाकर अपनी ड्यूटी दे रही हैं. डीजीपी ने कहा कि जवानों का हौंसला बढ़ाने के लिए वह खुद थानों, चैक पोस्ट और बैरियर का निरीक्षण कर रहे हैं. 

सभी रेंज के आईजी को भी निर्देश दिए हैं कि वे भी इंटर स्टेट बैरियर का निरीक्षण करते रहें. पुलिस ऑक्सीजन और दवा बनाने वाली कंपनियों को भी सुरक्षा प्रदान कर रही है. साथ ही जीवन रक्षक दवाइंयों और सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में मदद कर रही है. अपराधों में कमी आई: डीजीपीडीजीपी ने बताया कि कोरोना के इस दौर में अपराधों में कमी आई है. 

बीते साल आत्महत्या के मामले ज्यादा सामने आए, लेकिन इस बार कोरोना की दूसरी लहर में मामले कम हैं. सभी तरह के अपराध का ग्राफ गिर गया है. अनावश्यक रूप से गाड़ियों के चलने पर रोक है जिसके चलते सड़क हादसे भी कम हुए हैं. डीजीपी ने कहा कि कोरोना कि इस लड़ाई में पुलिस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. कोरोना कर्फ्यू की पालना