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रात को लेते हैं तेज खर्राटे (Snoring)? निजात पाने के लिए अपनाएं ये 6 घरेलू नुस्खे - Snoring Home Remedies


Snoring Home Remedies: रात (Night) में सोते समय खर्राटे (Snoring) लेने की समस्‍या इन दिनों इतनी सामान्‍य होती जा रही है कि अब इसे समस्‍या समझना ही छोड़ दिया गया है. हालांकि, खर्राटे लेने वाला इंसान के लिए यह उतनी समस्‍या (Health Problem) वाली बात नहीं लगती लेकिन जो भी उसके आसपास सोता है उसकी नींद खराब हो जाती है. अगर आपके घर में भी कोई खर्राटे लेता है तो आज जरूर इस प्रॉब्‍लम से जूझ रहे होंगे.

ऐसे में आप इसे सामान्‍य बात न समझें और तुरंत डॉक्‍टर से जांच कराएं. इससे पहले आप कुछ घरेलू नुस्‍खों (Home Remedies) की मदद से इस समस्‍या को कम करने का तरीका आजमा सकते हैं. यहां हम आपको दादी नानी के नुस्‍खे बता रहे हैं जिसकी मदद से आप खर्राटे की समस्‍या को घर पर ठीक कर सकते हैं. जानिए कैसे करें खर्राटे की समस्‍या को दूर.

खर्राटे की समस्या का कारण

खर्राटे की समस्या होने के पीछे कई कारण होते हैं. इसकी शुरु आती कारण मोटापा, नाक और गले की मसल्स का कमजोर हो जाना, सर्दी लग जाना, स्मोकिंग, रेस्पिरेट्री समस्या, लंग्स में प्रॉपर ऑक्सीजन न पहुंचना और साइनस की समस्या.


खर्राटे की समस्या को दूर करने के लिए घरेलू उपाय

1.पुदीना

आप अगर पुदीना (peppermint) का तेल गुनगुने पानी में डालकर गरारा करें तो कुछ ही दिनों में खर्राटे की समस्‍या दूर हो जा सकती है. इसके अलावा अगर आप गुनगुने पानी में पुदीना का पत्‍ता उबालें और उसे पिये तो इससे भी खर्राटे की दिक्कत धीरे-धीरे खत्‍म हो सकती है.


2.दालचीनी

आप एक गिलास गुनगुना पानी लें और इसमें दो से तीन चम्‍मच दालचीनी (cinnamon) का पाउडर मिलाएं. अब इसे पी लें. ऐसा कुछ दिन लगातार करें. अंतर महसूस होगा.


3.लहसुन

आप लहसुन (Garlic) की एक कली रात में सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ निगल लें. आपको खर्राटे से राहत मिलेगी.


4.जैतून तेल

जैतून के तेल (Olive oil) को नाक में डालने से सांस लेने में आने वाली समस्या दूर हो जाती है. हर रात सोने से पहले जैतून तेल की कुछ बूंदे नाक में डाल लेनी चाहिए. इससे धीरे-धीरे खर्राटे की परेशानी भी दूर हो जाती है.


5.देसी घी

देसी घी (Ghee) के माध्यम से भी आप खर्राटे की समस्या को दूर कर सकते हैं. इसके लिए आपको सबसे पहले देसी घी को हल्का गर्म करना होगा. इसके बाद घी की कुछ बूंदों को नाक में डालने से खर्राटे की समस्या दूर हो जाती है.


6.हल्‍दी

हल्‍दी (turmeric) के प्रयोग से नाक को साफ किया जा सकता है. इससे सांस लेने में आसानी मिलती है. रोज रात को सोने से पहले एक चम्‍मच हल्‍दी को गर्म दूध में पकाकर पिएं.


 (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Him Kranti News इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

Source: www.news18.com

अपने पीएफ खाते को आधार से लिंक करने का आसान तरीका, तुरंत काम हो जाएगा




आप अपने आधार को खाते से लिंक कर सकते हैं। इस कदम के बाद, पीएफ खाताधारकों को अपने पीएफ से संबंधित अपडेट के बारे में हर जानकारी मिल जाएगी।

ज्यादातर कर्मचारी भविष्य निधि के बारे में अनजान हैं। दरअसल, हर कोई जानता है कि हमारा पीएफ कट रहा है। लेकिन, शायद किसी के पास उस पीएफ से जुड़े नियमों को समझने का समय नहीं है। समस्या तब महसूस होती है जब पीएफ निकालने या ट्रांसफर करने का नंबर आता है। ऐसी स्थिति में, भविष्य निधि से संबंधित नियमों को ध्यान से पढ़ा जाना चाहिए।


भविष्य निधि खाते को आधार नंबर से जोड़ना भी अनिवार्य है। ईपीएफओ ने अपने ग्राहकों के लिए ऑनलाइन सुविधा प्रदान की है। इसके साथ ही आप अपने आधार को खाते से लिंक कर सकते हैं। इस कदम के बाद, पीएफ खाताधारकों को अपने पीएफ से संबंधित अपडेट के बारे में हर जानकारी मिल जाएगी।


पीएफ को आधार से लिंक करने के 5 आसान तरीके यहां दिए गए हैं

चरण 1।

सबसे पहले, आपको ईपीएफओ की वेबसाइट www.epfindia.gov.in पर लॉग इन करना होगा।


चरण 2।

इसके बाद आपको ऑनलाइन सेवाओं >> ई-केवाईसी पोर्टल >> लिंक यूएएन आधार पर क्लिक करना होगा।


चरण 3।

यहां जाकर, आपको अपना यूएएन नंबर और मोबाइल नंबर यूएएन खाते के साथ पंजीकृत करना होगा।


चरण 4।

अब आपके मोबाइल नंबर पर एक OTP नंबर आएगा। OTP बॉक्स में OTP नंबर भरने के बाद, नीचे दिए गए आधार बॉक्स में अपना 12 अंकों का आधार नंबर भरें, फिर उस फॉर्म को सबमिट करें। अब आपके पास प्रस्तावित ओटीपी सत्यापन विकल्प होगा। कृपया उस पर क्लिक करें।


चरण 5।

अब एक बार फिर आपको अपने आधार विवरण को सत्यापित करने के लिए अपने आधार लिंक्ड मोबाइल नंबर या मेल पर ओटीपी जनरेट करना होगा। सत्यापन के बाद, आपका आधार आपके पीएफ खाते से लिंक हो जाएगा।


भारत में एप्पल का पहला एक्सक्लूसिव ऑनलाइन स्टोर लॉन्च


ऑनलाइन दावा कैसे करें

ऑनलाइन दावा प्रस्तुत करने के लिए, आपको ईपीएफओ की वेबसाइट http://www.epfindia.com/site_en/ पर जाना होगा।

यहां आपको ऑनलाइन क्लेम का विकल्प दिखाई देगा।

ऑनलाइन क्लेम विकल्प पर क्लिक करने पर http://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/ लिंक खुल जाएगा।

यहां सदस्य को अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यानी यूएएन और पासवर्ड फीड करना होगा।

इसके बाद, दावा प्रस्तुत करने का विकल्प होगा।

इसके बाद निकासी फॉर्म कंपनी को जमा नहीं करना होगा।


हिमाचल की 2800 पंचायतों में नहीं बदलेंगी मतदाता सूचियां



हिमाचल की 2800 पंचायतों में मतदाता सूचियां नहीं बदलेंगी। ये ऐसी पंचायतें हैं, जिनके साथ नई पंचायतों के गठन के दौरान कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। हिमाचल चुनाव आयोग ने सभी उपायुक्तों और जिला पंचायत अधिकारियों को फरमान दिए हैं कि ये पंचायतें 21 सितंबर को विशेष बैठक बुलाकर वोटर लिस्ट फाइनल करें। इनके अलावा उन 50 नगर निकायों की वोटर लिस्ट के लिए भी इसी दिन बैठक बुलाने को कहा, जिन पर पुनर्गठन से कोई फर्क नहीं पड़ा। आयोग ने आदेश दिए कि बीडीओ अपने इलाकों की पंचायतों की मतदाता सूचियों की आपत्तियां को बैठक के बाद 4 दिन में दावे और आपत्तियों का निपटारा करके सूचियों का अंतिम प्रारूप भी तैयार करके भेजें। इसकी पुष्टि राज्य चुनाव अधिकारी संजीव महाजन ने की।

हिमाचल में बन रही है Corona की दवाई, काम एडवांस्ड स्टेज पर: CM जयराम

सीएम जयराम ठाकुर.(FILE PHOTO)

मंडी. पूरे विश्व के वैज्ञानिक और दवा (Medicine) निर्माता कंपनियां मौजूदा समय में कोरोना की दवाई बनाने में जुटे हुए हैं. ऐसे में हिमाचल प्रदेश का फार्मा हब (Pharma Hub) कहा जाना वाले सोलन जिले का बीबीएन यानी बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ भी कोरोना की दवाई बनाने के कार्य में जुटा हुआ है. इस बात का खुलासा किया है प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने.


मंडी जिला मुख्यालय (Mandi district Headquarter) में पत्रकारों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में सीएम जयराम ठाकुर ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बीबीएन में एशिया का सबसे बड़ा फार्मा हब है और यहां कई नामी कंपनियां दवाइयों का निर्माण करती हैं. हाईड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का निर्माण भी यहीं पर हो रहा है और इसे पूरे विश्व को सप्लाई किया जा रहा है.


'अभी ज्यादा कहना जल्दबाजी'

सीएम जयराम ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस संदर्भ में आग्रह किया था. बीबीएन की जो बड़ी दवा निर्माता कंपनियां हैं, वह कोरोना की दवाई बनाने में जुटी हुई हैं. उन्होंने नाम लिए बगैर दो कंपनियों का जिक्र करते हुए बताया कि यहां दवा निर्माण का कार्य एडवांस्ड स्टेज पर है. उन्होंने कहा कि अभी इसपर कुछ कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन दवाई बनाने में यदि सफलता मिलती है तो यह प्रदेश के लिए गर्व की बात होगी.

पेपर पुनर्निरीक्षण व पुनर्मूल्यांकन के लिए 10वीं के विद्यार्थी 24 तक करें आवेदन



दसवीं कक्षा के परिणाम को लेकर परीक्षार्थी परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का पुनर्निरीक्षण व पुनर्मूल्यांकन करवाने के लिए बोर्ड की वेबसाइट www.hpbose.org पर 24 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश कुमार सोनी ने बताया की पुनर्मूल्यांकन के लिए 500 रुपये प्रति विषय और पुनर्निरीक्षण के लिए 400 रुपये प्रति विषय शुल्क होगा। 

संबंधित विषय में आवेदन के लिए कम से कम 20 प्रतिशत अंक होने जरूरी हैं। विज्ञापन अधिक जानकारी के लिए चंबा, बिलासपुर और हमीरपुर के परीक्षार्थी फोन नंबर 01892-242148 पर संपर्क करें। कांगड़ा के परीक्षार्थी फोन नंबर 242149, मंडी से 242151 पर संपर्क कर सकते हैं। लाहौल स्पीति, सिरमौर, शिमला, किन्नौर के परीक्षार्थी फोन नंबर 242119 पर और सोलन, कुल्लू और ऊना के परीक्षार्थी फोन नंबर 242128 पर संपर्क कर सकते हैं।

अपने खेतों में काम करो और मनरेगा की दिहाड़ी पाओ: सीएम जयराम





राज्य सरकार ने इच्छुक बेरोजगार ग्रामीणों को मनरेगा के अंतर्गत अपनी भूमि में कार्य करने की स्वीकृति दी है। इससे अपने खेतों में काम करने पर भी मनरेगा की दिहाड़ी मिल सकेगी। यह कार्य ग्रामसभा की ओर से मंजूर परियोजनाओं की शेल्फ में शामिल न होने पर भी किए जा सकेंगे। 

 मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह जानकारी ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। सीएम ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान 260 लाख कार्य दिवसों का सृजन कर कुल 859 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की गई जबकि, इस वित्त वर्ष अभी तक मनरेगा के अंतर्गत 54 करोड़ रुपये खर्च करके 22 लाख कार्य दिवस सृजित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग ने भी मनरेगा के तहत बनी लोक निर्माण विभाग की सड़कों और जल शक्ति विभाग की ट्रेंचिज के रखरखाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 

उन्होंने कहा कि भवन और अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत 12,835 मनरेगा कार्यकर्ताओं ने 90 दिन का कार्य पूर्ण किया है। प्रदेश के छह जिलों बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन में लोकपाल नियुक्त किए गए हैं तथा बचे शेष जिलों में शीघ्र ही लोकपाल कि नियुक्ति की जाएगी। 
पायलट आधार पर मल-संयंत्र स्थापित करने के लिए 23.70 करोड़ जारी मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के अंतर्गत एक विशेष पहल की है। जल शक्ति विभाग को मंडी जिला के थुनाग, धर्मपुर और जंजैहली और ऊना जिला के बंगाणा में पायलट आधार पर मल-संयंत्र स्थापित करने के लिए

जिला चंबा में दो वर्षीय बच्ची ने कोरोना वायरस से जंग जीत ली है। एक और व्यक्ति कोरोना




चंबा : जिला चंबा में दो वर्षीय बच्ची ने कोरोना वायरसली है। कोविड केयर सेंटर बालू में उपचाराधीन सलूणी उपमंडल की निवासी कोरोना संक्रमित दो वर्षीय बच्ची की पहली जांच रिपोर्ट बुधवार को नेगेटिव आई है। इस बच्ची की मां कोरोना पॉजिटिव है।

यह बच्ची आठ मई को कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। बद्दी से लौटे इसके पिता कोरोना पॉजिटिव थे जो अब स्वस्थ हो गए हैं। बालू में ही उपचाराधीन कोरोना संक्रमित एक अन्य व्यक्ति भी पहली जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने से स्वस्थ हो गया है। वहीं, चंबा जिला में दिल्ली से लौटा किहार ब्लॉक का निवासी 21 वर्षीेय युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। यह व्यक्ति सुंडला स्थित संस्थागत क्वारंटाइन केंद्र में था। चंबा के तुन्नुहट्टी का निवासी एक व्यक्ति भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है जो दिल्ली से लौटा था। वह क्वारटाइंन केंद्र तुन्नुहट्टी में था। इन दोनों को वीरवार को कोविड केयर सेंटर बालू में शिफ्ट किया जाएगा। चंबा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश गुलेरी ने बताया कि जिला से मंगलवार को भेजे गए 157 सैंपल में से 141 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जिला में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या 12 हो गई है।

आठ जून से लागू होगा अनलॉक का पहला चरण, एक जून से ई-पास की अनिवार्यता समाप्त


केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक 18 मई से 31 मई तक देश में लॉकडाउन चार लागू है। देशभर की जनता यह जानना चाह रही थी कि चौथे लॉकडाउन की अवधि समाप्त होगी या इसका पांचवा चरण लागू किया जाएगा। 30 मई की शाम को अनलॉक एक की घोषणा हुई। इसे अनलॉक नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि इसमें चरणबद्ध तरीके से सुविधाओं और सेवाओं को बहाल किया जाएगा। हालांकि यह पूरा काम तीन चरणों में होगा। पहला चरण 8 जून से लागू होगा और दूसरा चरण जुलाई से।

केंद्रीय गृहमंत्रालय ने लॉकडाउन चार के बाद की स्थिति को अनलॉक का नाम दिया है। यानी आठ जून से रियायतें शुरू होंगी। लेकिन एक जून से राज्यों के बीच आवागमन के लिए अब तक आवश्यक रहे ई-पास की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। हालांकि राज्य सरकारें और जिला प्रशासन अपने विवेक से इसे लागू कर सकती हैं।

वहीं चौथे लॉकडाउन तक लागू कर्फ्यू की समय अवधि को भी कम किया गया है। अभी यह सुबह सात से शाम सात बजे तक है। एक जून से यह अवधि रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक लागू रहेगी।

रात्रि कर्फ्यू में ढील
अनलॉक एक में कर्फ्यू के समय में ढील दी गई है। अब यह रात 9:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक लागू रहेगा। लॉकडाउन चार में यह रात 7:00 बजे से लेकर सुबह 7:00 बजे तक लागू था। गृह मंत्रालय ने कहा है कि रात 9:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक कर्फ्यू को सख्ती से लागू किया जाएगा। इस दौरान जरूरी गतिविधियों या सेवाओं से जुड़े लोगों के अलावा किसी को भी घरों से निकलने की इजाजत नहीं होगी।

  • पहला चरण आठ जून से लागू होगा। इसमें धार्मिक स्थल, होटल, रेस्टोरेंट और हॉस्पिटैलिटी सेवाएं, शॉपिंग मॉल को खोला जाएगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय इसके लिए आवश्यक एसओपी भी जारी करेगा, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो और कोरोनावायरस के प्रसार को रोका जा सके!
  • दूसरा चरण जुलाई में लागू होगा और इसमें स्कूल-कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान, प्रशिक्षण संस्थान, कोचिंग इंस्टिट्यूट आदि खोले जाएंगे। इन्हें खोलने का निर्णय राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश करेंगे। इसके लिए अभिभावकों की राय जाएगी और फीडबैक के आधार पर ही संस्थान को खोलने का फैसला लिया जाएगा। इनके लिए भी एसओपी जारी की जाएगी।
  • तीसरे चरण को पहले और दूसरे चरण के बाद बनी स्थिति के आधार पर लागू किया जाएगा। संभव है कि तीसरे चरण में अंतरराष्ट्रीय हवाई उड़ानें, मेट्रो रेल, सिनेमा हॉल, जिम, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार, ऑडिटोरियम, सभा स्थल और इसी तरह के स्थान खोले जा सकते हैं।

कंटेनमेंट जोन में लागू रहेंगी सख्त पाबंदियां
कंटेनमेंट जोन में 30 जून तक लॉकडाउन का पांचवां चरण लागू रहेगा। इन जोनों का निर्धारण जिला प्रशासन स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के आधार पर लेगा। कंटेनमेंट जोन में केवल बेहद जरूरी गतिविधियों की ही अनुमति होगी। मेडिकल इमरजेंसी सेवा और आवश्यक आपूर्ति को छोड़कर इन इलाकों में लोगों की आवाजाही पर रोक रहेगी। यही नहीं कंटेनमेंट जोन में मरीजों की पहचान के लिए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग भी होगी। सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर निगरानी का काम करेंगे और जरूरी कदम उठाएंगे।

बच्चे-बुजुर्गों को घरों में रहने की सलाह
केंद्र सरकार के निर्देशों में कहा गया है कि 65 वर्ष से अधिक के बुजुर्ग और 10 साल से कम उम्र के बच्चे घरों से बाहर तब तक नहीं निकलें जब तक कि कोई मेडिकल इमरजेंसी या अत्यंत जरूरी कार्य ना हो।

Unlock-1 में बड़ी राहत, अब कहीं भी सफर के लिए नहीं होगी पास की जरूरत

नई दिल्ली.

कोरोना वायरस ( Coronavirus) से निपटने के लिए देश में एक बार फिर से लॉकडाउन को एक महीने के लिए आगे बढ़ा दिया गया है. को केंद्र सरकार ने अनलॉक 1 (Unlock 1) का नाम दिया है.गृह मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक इस बार लॉकडाउन को तीन अलग-अलग फेज में खोला जाएगा. ये दी गई है कि अब एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए कर्फ्यू पास या किसी तरह की इजाजत लेने की जरूरत नहीं होगी. हालांकि रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक देश में कर्फ्यू रहेगा.

गृह मंत्रालय की ओर से जारी की गई नई गाइडलाइन के मुताबिक लोग और सामान को एक राज्य से दूसरे राज्य जाने के लिए किसी भी तरह की रोक टोक नहीं होगी. इसी के साथ ही ये भी साफ कर दिया गया है कि किसी भी राज्य में जाने के लिए अब अनुमति की आवश्यकता नहीं रहेगी. हालांकि इस दौरान एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाले लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा. इसी के साथ राज्यों को इस बात की भी छूट दी गई है कि अगर उन्हें कभी भी लगता है कि पाबंदी लगाई जानी चाहिए तो वह उसे लगा सकते हैं लेकिन इसके बारे में पहले से जानकारी देनी होगी.

गौरतलब है कि लॉकडाउन के चौथे चरण में एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने की छूट तो थी लेकिन इसके लिए डीएम से इजाजत लेनी होती थी. इसी के साथ एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए कर्फ्यू पास बनवाना होता था. अनलॉक 1 में सरकार की ओर से इस तरह के किसी भी नियम में छूट दे दी है.


रात 9 से सुबह 5 बजे तक रहेगा कर्फ्यू

यहां पर ध्यान देने वाली बात ये हैं कि गृह मंत्रालय की ओर से जारी गाइड लाइन के मुताबिक अब रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक देशभर में लोगों के आवागमन पर कर्फ्यू रहेगा. ऐसे में एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने वाले लोगों को तय समय के अंदर ही जाना होगा. रात में सफर करने की इजाजत नहीं होगी. गौरतलब है कि अभी तक रात 7 बजे से सुबह 7 बजे तक कर्फ्यू लगाया जाता था.

शिमला में सातवीं की छात्रा से दुष्कर्म, FIR के बाद दो लोग हिरासत में लिए

चौपाल (शिमला). हिमाचल प्रदेश के शिमला (Shimla) जिले में सातवीं की छात्रा से रेप का मामला सामने आया है. पुलिस ने पॉक्सो और रेप (Rape) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. फिलहाल, दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है.

जानकारी के अनुसार, शिमला ज़िला में चौपाल उपमण्डल के नेरवा पुलिस थाना के तहत यह घटना पेश आई है. 12 साल की लड़की के परिजनों ने गुड़िया हेल्प लाइन में मामले की शिकायत की थी. इसके बाद पुलिस थाना नेरवा के पुलिसकर्मियों ने पीड़ित के ब्यान दर्ज किए हैं और दो लोगों को डिटेन किया गया है. उनसे पूछताछ की जा रही है.

ये है मामला

सातवीं की छात्रा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 8 मई को को जब वह मवेशियों को चराने जंगल गई थी तो 40 वर्षीय व्यक्ति ने जंगल में उसके साथ रेप किया गया. इसके बाद 10 मई को 32 वर्षीय व्यक्ति ने नाले में उससे जबरदस्ती की और दुष्कर्म किया. बाद में युवती ने परिजनों का घटना की जानकारी दी और फिर गुड़िया हेल्पलाइन पर शिकायत दी.

यह बोली पुलिस

चौपाल के डीएसपी वरुण पटियाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़िता का मेडिकल करवाया जा रहा है. फिलहाल, 2 लोगों को डिटेन करके पूछताछ की जा रही है. जब तक मेडिकल में रेप की पुष्टि नहीं होती है, तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता है. डीएसपी ने बताया कि मेडिकल में रेप की पुष्टि होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा, फिलहाल, आईपीसी की धारा 376, 506 व पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.

पीएम किसान : अगर आपके खाते में नहीं पहुंची 2000 की रकम तो ये है वजह



पात्र होने के बावजूद अगर आपको पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पाया है तो हो सकता है कि आपके आधार कार्ड या बैंक अकाउंट और अन्य कागजातों में नाम की स्पेलिंग में अंतर है। एक स्पेलिंग मिस्टेक की वजह से करीब 70 लाख किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि के 6000 रुपये में से 2000 की पहली किस्त नहीं पहुंच पाई है। अगर आाप भी इन 70 लाख किसानों में से हैं तो इस गलती को अभी सुधार लें।

पीएम किसान योजना के 70 लाख आवेदनकर्ताओं के नाम और बैंक खाता नंबर में गड़बड़ी है, जिसकी वजह से इस योजना की राशि ऑटोमेटिक सिस्टम पास नहीं करता। किसी के आधार कार्ड की स्पेलिंग उनके बैंक अकाउंट से भिन्न है तो किसी के डाक्यूमेंट में कोई और दिक्कत है। बता दें मोदी सरकार सालाना 14.5 करोड़ लोगों को पैसा देना चाहती है, लेकिन लाभ अभी 9.68 करोड़ किसानों को ही मिल सका है।

1. PM-Kisan Scheme की ऑफिशियल वेबसाइट (https://pmkisan.gov.in/) पर जाएं। इसके फार्मर कॉर्नर के अंदर जाकर Edit Aadhaar Details ऑप्शन पर क्लिक करें।

2. आप यहां पर अपना आधार नंबर दर्ज करें। इसके बाद एक कैप्चा कोड डालकर सबमिट करें।

3. अगर आपका केवल नाम गलत होता है यानी कि अप्लीकेशन और आधार में जो आपका नाम है दोनों अलग-अलग है तो आप इसे ऑनलाइन ठीक कर सकते हैं।

4. अगर कोई और गलती है तो इसे आप अपने लेखपाल और कृषि विभाग कार्यालय में संपर्क करें

इसके बाद भी न मिले पैसा तो क्या करें- अगर आवेदन करने के बाद भी पैसा न मिले तो केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से जारी हेल्पलाइन (PM-Kisan Helpline 155261 या 1800115526 (Toll Free) पर संपर्क करें। वहां से भी बात न बने तो मंत्रालय के दूसरे नंबर (011-23381092) पर भी बात कर सकते हैं।

इन लोगों को नहीं मिलेगा लाभ- केंद्र या राज्य सरकार में अधिकारी एवं 10 हजार से अधिक पेंशन पाने वाले किसानों को लाभ नहीं मिलेगा। पिछले वित्तीय वर्ष में इनकम टैक्स का भुगतान करने वाले किसान भी इसके लाभ से वंचित होंगे। डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, वकील, आर्किटेक्ट, वर्तमान या पूर्व मंत्री, मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष, विधायक, एमएलसी, लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों को स्कीम से बाहर रखा गया है।

दूसरे राज्यों से लौटे हिमाचली कामगारों को रोजगार देगी सरकार, ऐसे होगा पंजीकरण



 देश भर में लॉकडाउन के बाद से बाहरी राज्यों से लौटे हिमाचली कामगारों को रोजगार दिलाएगी। काम की उम्मीद के साथ हिमाचल लौटे ऐसे कामगारों का डाटा बैंक सरकार अपने पास ऑनलाइन सुरक्षित रखेगी। प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की विकसित नई एप्लीकेशन स्किल रजिस्टर को मंजूरी दे दी गई है। इस एप्लीकेशन को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शीघ्र ही लांच करने वाले हैं। विज्ञापन लॉकडाउन के बाद करीब डेढ़ लाख कामगार हिमाचल लौटे हैं और उनको अब रोजगार की तलाश भी है। 

इस एप्लीकेशन के तैयार होने से विभिन्न उद्योगों, पर्यटन, होटल सहित कई अन्य संस्थानों की जरूरत पूरी हो सकेगी। हिमाचल आए कामगारों में कुशल, अर्ध कुशल और अकुशल कामगारों के अलावा प्रदेश के अन्य बेरोजगार नौकरी में उन्नति चाहने वाले भी पंजीकरण करा सकेंगे।सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव जगदीश चंद्र शर्मा ने बताया कि विभाग ने स्किल रजिस्टर एप्लीकेशन तैयार कर दी है। इसकी प्रस्तुति दी जा चुकी है। नई एप्लीकेशन में पंजीकरण के हैं चार चरण नौकरी के लिए मोबाइल फोन से सीधे स्किल रजिस्टर एप्लीकेशन के माध्यम से कोई भी पंजीकरण करा सकता है। 

पहले चरण में नौकरी पाने के लिए पंजीकरण कर पाएंगे। इनमें पंजीकरण कराने वाले को शैक्षणिक योग्यता, व्यावसायिक अनुभव, स्किल डेवलपमेंट की जरूरत जैसे जानकारी देनी होगी। इसके बाद एसएमएस से पंजीकरण की सूचना मिलेगी। दूसरे चरण में सारा डाटा सरकार के पास ऑनलाइन पहुंच जाएगा। कामगार किस श्रेणी के है और किन क्षेत्रों में नौकरी के लिए पंजीकरण कराया है। तीसरे चरण में नौकरीदाता को एप्लीक

आखिर क्यों निर्वस्त्र होकर नहीं करना चाहिए स्नान, जानें कारण


हिंदू धर्म में शास्‍त्रों का बड़ा महत्व माना गया हैं जिसमें व्यक्ति के जीवन से जुड़े कई नियम बताए गए हैं जिनका पालन कर अपने जीवन में होने वाले दुर्भाग्य से बचा जा सकता हैं। ऐसे ही कई नियम स्नान करने अर्थात नहाने से भी जुड़े हुए हैं। पहले नहाने के लिए नदी या तालाब का इस्तेमाल किया जाता था और अब उनकी जगह बाथरूम ले चुके हैं। ऐसे में कई लोग निर्वस्त्र होकर स्नान करना पसंद करते हैं जिसे पद्मपुराण में वर्जित बताया गया हैं।
हमें किसी भी परिस्थिति में पूर्ण नग्‍न होकर स्‍नान नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से मनुष्य पाप का भागीदार बनता है। पद्मपुराण में इस संबंध में एक कथा बताई गई है कि एक बार गोपियां स्‍नान करने नदी में उतरी तो कान्‍हाजी ने उनके कपड़े छिपा दिए। गोपियां जब वस्‍त्र ढूंढ़ने लगी तो उन्हें नहीं मिले। तब कान्‍हाजी ने कहा कि वस्‍त्र पेड़ पर हैं आकर ले लो। तो गोपियां बोलीं कि जब वे स्‍नान करने आई थीं तो यहां पर कोई नहीं था। अब वे बिना वस्‍त्रों के जल से बाहर कैसे आए।


श्रीकृष्ण ने बताया कि ऐसा तुम्हें लगता है कि यहां कोई नहीं था लेकिन मैं तो हर पल, हर जगह मौजूद होता हूं। आसमान में उड़ते पक्षियों, जमीन पर चलने वाले जीवों और जल में मौजूद जीवों ने भी तुम्हें निर्वस्त्र देखा। इतना ही नहीं, जल में नग्न होकर प्रवेश करने से जल रूप में मौजूद वरुण देव ने भी तुम्हें नग्न देखा। यह उनका अपमान है। आपकी नग्नता आपको पाप का भोगी बनाती है। यही वजह है कि हमें एकदम निर्वस्‍त्र होकर स्‍नान नहीं करना चाहिए।

गरुड़पुराण में बताया गया है कि जब आप स्‍नान कर रहे होते हैं तो रक्षक के रूप में आपके पितर आपके आस-पास मौजूद होते हैं। वे आपके वस्त्रों से गिरने वाले जल को ग्रहण करते हैं, जिनसे उनकी तृप्ति होती है। निर्वस्त्र स्नान करने से पितर अतृप्त होकर नाराज होते हैं जिनसे व्यक्ति का तेज, बल, धन और सुख नष्ट हो जाता है और पितर दोष भी लगता है।

क्या 31 मई के बाद आगे नहीं बढ़ेगा लॉकडाउन क्योकिं 1 जून से सरकार ने...


रेलवे 1 जून से 200 से अधिक तक स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने वाला है जो वर्तमान में 15 ही है। इस दौरान नॉन-AC ट्रेनें शामिल होंगी, जिन्हें अब तक अनुमति नहीं दी गई थी। 12 मई से जो 15 ट्रेनें चल रही हैं, वे AC ट्रेनें हैं और जिनमे सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए और मास्क , सैनिटाइज़र का उपयोग करने की आवश्यकता होती है।

इस बात की जानकारी खुद रेलवे ने दी है और ट्वीट किया कि, "1 जून से प्रतिदिन 200 एडिशनल टाइम टेबल वाली ट्रेनें चलाएगा, जो नॉन AC द्वितीय श्रेणी की ट्रेनें होंगी और इन ट्रेनों की बुकिंग ऑनलाइन उपलब्ध होगी"।

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इनइन ट्रेनों की जानकारी भी अब रेलवे ने जारी कर दी है और इसके लिए लिस्ट निकाली है. आप आज से ही ट्रेन टिकट को बुक कर सकते हैँ। यह फैसला केंद्र द्वारा तीसरी बार देशव्यापी तालाबंदी को बढ़ाए जाने के कुछ दिनों बाद आया है।

लॉकडाउन से पहले, रेलवे हर दिन लगभग 12,000 ट्रेनों का संचालन करता था। इस फैसले से ये भी लगता है कि शायद 1 जून से देश में लॉकडाउन आगे ना बढ़े क्योकिं ट्रेनों के संचालन की अनुमति दी गई है। अगर लॉकडाउन आगे भी बढ़ता है तो भी कई चीजों में और भी रियायत दी जाएगी।

कोरोना केस एक लाख के करीब, पीएम नरेंद्र मोदी पर कायम है लोगों का भरोसा

कोरोना वायरस के केस भारत में 1 लाख के करीब पहुंचनेवाले हैं। बावजूद इसके लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर यकीन है। दो ऑनलाइन सर्वे हुए हैं जो बताते हैं कि लोग मानते हैं कि मोदी सरकार कोरोना से ठीक तरीके से निपट रही है।

कोरोना संकट में पीएम मोदी की छवि मजबूत

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जनता को संबोधित करते हुए कहा था कि देश के लिए कोरोना अवसर की तरह है जिसमें आत्मनिर्भर बना जा सकता। लेकिन हाल के कुछ सर्वे बताते हैं कि कोरोना वायरस देश के साथ-साथ मोदी सरकार के लिए भी अवसर से कम नहीं है जिसमें वह लोगों का खोया विश्वास फिर जीतने में कामयाब होती दिख रही है।

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कोरोना से पहले घिरी थी मोदी सरकार
कोरोना वायरस के भारत पहुंचने से पहले की बात करें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार कई मुद्दों पर घिरती नजर आ रही थी। हिंसा, एनआरसी के मुद्दों पर सरकार के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन चल रहे थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के दौरे से पहले तक दिल्ली हिंदू-मस्लिम दंगों की आग में जल रही थी। दूसरी तरफ भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं थी। कोरोना के बाद आर्थिक मुद्दे पर दुनिया के साथ भारत और पिछड़ा है लेकिन लोगों को मोदी के प्रति भरोसा कम नहीं हुआ है।

डॉनल्ड ट्रंप, पुतिन से आगे निकले
हाल के ओपीनियन पोल बताते हैं कि पिछले कुछ महीनों में मोदी के प्रति लोगों का भरोसा और बढ़ा है। प्रतिशत में इसकी बात करें तो यह 80 से 90 प्रतिशत के बीच है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति पुतिन से उनकी अकसर तुलना होती है, लेकिन यह लोकप्रियता उनसे भी ज्यादा है।

ऐनालिस्ट मानते हैं कि पिछले चुनाव में जीत में पाकिस्तान के साथ रिश्तों में आए तनाव ने अहम रोल निभाया था वैसे ही अब कोरोना वायरस के दौर में अगर स्थिति जैसी अभी चल रही है यानी केस एक गति से आगे बढ़ते रहे तो और उनकी छवि और मजबूत हो सकती है। वैसे यह थ्योरी सिर्फ भारत नहीं दुनिया पर भी काम करती है। राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय आपदा के वक्त में लोगों में देशप्रेम की भावना होती है जिसका सीधा फायदा नेताओं को मिलता ही है।

कुछ घंटों पहले जैसे मोदी लॉकडाउन की घोषणा करते हैं और बड़े पैमाने पर लोग इसका पालन भी करते हैं यह उनके लिए भरोसे को दिखाता है। ऐसा ऐनालिस्ट मानते हैं। फिर आगे कोरोना वॉरियर्स के लिए ताली-थाली या फिर दिये जलाने की गुजारिश, सबको माना गया।

जानकार मानते हैं कि इतनी बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों दिक्कतें झेल रहे हैं, इतने बड़े देश के लिए 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज भी शायद कम पड़े लेकिन लोगों में विश्वास कायम है। यह भी माना जा रहा है कि अमेरिका में भी कोरोना काल में जितना हंगामा हुआ उतना भारत में नहीं हुआ। यहां केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रही हैं।

किसने किया सर्वे
पहला सर्वे मॉर्निंग कंसललेंट नाम की कंपनी ने किया। इस अमेरिकी फर्म के सर्वे में पाया गया कि उनकी लोकप्रियता 80 प्रतिशत के करीब है जो ट्रंप, पुतिन, एंजेला मर्कल, बॉरिस जॉनसन से ज्यादा है। एक दूसरा पोल हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने करवाया। इसमें 93.5 प्रतिशत लोगों ने माना की मोदी वायरस संकट से ठीक से निपट रहे हैं।

राष्ट्रपति भवन पहुंचा कोरोना वायरस, एसीपी पाए गए पॉजिटिव

कोरोना वायरस एक बार फिर से राष्ट्रपति भवन पहुंच गया है. राष्ट्रपति भवन में तैनात एसीपी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. फिलहाल एसीपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

राष्ट्रपति भवन 

  • कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद एसीपी अस्पताल में कराए गए भर्ती
  • राष्ट्रपति भवन के सफाई कर्मी की बहू भी पाई गई थी कोरोना पॉजिटिव

हिंदुस्तान में कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. इस घातक वायरस की चपेट में पुलिस कर्मी और मेडिकल स्टाफ भी आ रहे हैं. अब ताजा मामला राष्ट्रपति भवन से आया है, जहां पर तैनात एसीपी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं.

राष्ट्रपति भवन में तैनात एसीपी के कोरोना की चपेट में आने से हड़कंप मच गया है. फिलहाल एसीपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इसके साथ ही उनके आसपास के कई लोगों को क्वारनटीन किया गया है. इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब तक 180 से ज्यादा पुलिस कर्मी कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं.

इससे पहले राष्ट्रपति भवन में काम करने वाले एक सफाई कर्मी की बहू कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी. वह अपने परिवार के साथ राष्ट्रपति भवन के कैंपस में ही रह रही थी. इसके बाद राष्ट्रपति कैंपस में रहने वाले 125 परिवारों को होम क्वारनटीन किया गया था.

सफाई कर्मी की बहू की मां की कोरोना वायरस की चपेट में आने से मौत हो चुकी है. गांव में हुए उसके अंतिम संस्कार में सफाई कर्मी का पूरा परिवार शामिल हुआ था. इसके बाद पूरे परिवार को आइसोलेट किया गया था और उनका कोरोना टेस्ट किया गया था. हालांकि बाद में सभी का कोरोना टेस्ट निगेटिव आया था, लेकिन उसकी बहू की कोरोना जांच पॉजिटिव आई थी.

आपको बता दें कि चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस ने भारत समेत पूरी दुनिया को जकड़ लिया है. अब तक हिंदुस्तान में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 90 हजार 926 से ज्यादा हो चुकी है, जिनमें से 2 हजार 872 लोग दम तोड़ चुके हैं. इसके अलावा 34 हजार 108 से ज्यादा लोग इलाज से ठीक हो चुके हैं.

वहीं, दुनियाभर में कोरोना वायरस के मरीजों का आंकड़ा 46 लाख 58 हजार 650 से ज्यादा हो चुका है. इनमें से 3 लाख 12 हजार 238 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. इसके साथ ही 17 लाख 04 हजार 638 लोग इलाज से ठीक हो चुके हैं.

व्यापार -नौकरीनरेगा जॉब कार्ड लिस्ट 2020

नरेगा जॉब कार्ड लिस्ट 2020 (NREGA Job Card List 2020) ऑनलाइन देखें और नरेगा जॉब कार्ड चेक करें – महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) द्वारा भारत के गरीब परिवारों को रोजगार दिया जाता है।COVID-19 के कारण इस लॉक-डाउन अवधि के दौरान, नरेगा के तहत आने वाले श्रमिक जीवित रहने के लिए राहत कोष के रूप में मांग रहे हैं। शहरों में कोई काम नहीं होने के कारण कई श्रमिक अपने घरों को वापस जा रहे हैं। नागरिक समाज के कई समूहों ने इन श्रमिकों के लिए प्रधान मंत्री, भारत के वित्त मंत्री से धन की मांग की है।

नरेगा जॉब कार्ड लिस्ट 2020

नरेगा जॉब कार्ड अकाउंट चेक करें

राशि सीधे 100 दिनों के काम को पूरा करने के बाद गरीब लोगों के बैंक खाते में दी जाती है। यदि आपको नरेगा का पेमेंट देखना है तो मनरेगा जॉब कार्ड अकाउंट चेक करने के लिए आप अपने बैंक में जा सकते हैं और अपनी पासबुक को अपडेट कर सकते हैं।

मनरेगा जॉब कार्ड कैसे देखें?

यदि सरकार के द्वारा भुगतान कर दिया जाता है तो आपको अपनी पासबुक में जानकारी मिल जाएगी। यदि राशि स्थानांतरित हो गई है तो आपको पासबुक में भुगतान की जानकारी मिलेगी। आवेदक अपने संबंधित बैंक में जाकर भुगतान के सभी विवरण प्राप्त कर सकते हैं।

आओ जानें कि मनरेगा जॉब कार्ड देखें

नरेगा जॉब कार्ड न्यू स्टेट वाइज के बारे में सभी जानकारी की जाँच करें। हमने हर राज्य के लिए सीधे लिंक प्रदान किए हैं ताकि आप आसानी से सूची की जांच कर सकें।

क्रमांकनरेगा जॉब कार्ड राज्य वार सूचीजॉब कार्ड
1हिमाचल प्रदेशयहां देखें
2हरियाणायहां देखें
3सिक्किमयहां देखें
4लक्षद्वीपयहां देखें
5राजस्थानयहां देखें
6मेघालययहां देखें
7मिज़ोरमयहां देखें
8महाराष्ट्रयहां देखें
9मध्य प्रदेशयहां देखें
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11बिहारयहां देखें
12पुदुच्चेरीयहां देखें
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16दादरा और नगर हवेलीयहां देखें
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18त्रिपुरायहां देखें
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नरेगा में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
  • चरण 1: उम्मीदवार MNERGA की आधिकारिक वेब साइट www.nrega.nic.in पर जाएं
  • चरण 2: मुख पृष्ठ पर, Transparency & Accountability भाग पर क्लिक करें।
  • चरण 3: अब नरेगा जॉब कार्ड चुनें और अपना राज्य चुनें।
  • चरण 4: पूछे गए सभी विवरण दर्ज करें और सबमिट बटन पर क्लिक करें।
  • चरण 5: नरेगा 2020 कार्ड सूची स्क्रीन पर दिखाई देगी।
  • चरण 6: अब आप अपनी नौकरी के बारे में पूरा विवरण देख सकते हैं।
  • चरण 7: नरेगा जॉब कार्ड की हार्ड कॉपी प्राप्त करें और इसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखें।
MGNREGA जॉब कार्ड पंजीकरण और सत्यापन:

गांव के लोगों को जॉब कार्ड प्रदान करने से पहले, ग्राम पंचायत उम्मीदवार की सभी जानकारी की पुष्टि करता है। यह जानकारी नीचे सूचीबद्ध है-

  • ग्राम पंचायत जाँच करती है कि आवेदक उनके ग्रामीण क्षेत्र के हैं या नहीं।
  • पंचायत परिवार के सदस्य को सुनिश्चित करती है।
  • आवेदन पत्र में परिवार का प्रमाणीकरण करती है।

नरेगा जॉब कार्ड:

  1. नरेगा नौकरी सूची में भारत के सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।
  2. MGNREGA जॉब कार्ड उन छोटे लोगों को 100 दिन का रोजगार देता है जिनके पास आय का कोई स्रोत नहीं है।
  3. आप पोर्टल पर सरकार द्वारा घोषित नरेगा की नई राज्यवार सूची डाउनलोड कर सकते हैं।
  4. आप जिस राज्य के हैं, उस लिंक पर क्लिक करके सूची में अपना नाम जांचें।
  5. हर साल ग्रामीण विकास मंत्रालय नरेगा की नई सूची के साथ आता है जिसमें ताजा नाम शामिल होते हैं।
  6. केवल राज्य के गरीब लोग ही इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
MGNREGA ACT के बारे में

मनरेगा को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम या नरेगा भी कहा जाता है। भारत के इस श्रम कानून के तहत, गरीब लोगों को काम करने का अधिकार है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन लोगों के लिए मनरेगा भर्ती 2020 प्रदान करना है, जिनके पास पैसा कमाने का कोई स्रोत नहीं है। सरकार हर वित्तीय वर्ष में 100 दिन का काम देती है।

नरेगा योजना क्या है?

भारत सरकार ने वर्ष 2005 में अधिनियम की शुरुआत की है। नरेगा योजनाएँ वित्तीय वर्ष में सौ दिनों के लिए गरीब लोगों को श्रम कार्य प्रदान करती हैं। प्राधिकरण उन गरीब लोगों को मौका देता है जो अपनी आजीविका के लिए पैसा कमाना चाहते हैं। नरेगा जॉब कार्ड उस व्यक्ति के काम करने के हर विवरण का रिकॉर्ड रखता है।

नरेगा हेल्पलाइन लाइन

टोल फ्री नंबर: 1800 180 6127 (सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक उपलब्ध)