अपने खेतों में काम करो और मनरेगा की दिहाड़ी पाओ: सीएम जयराम





राज्य सरकार ने इच्छुक बेरोजगार ग्रामीणों को मनरेगा के अंतर्गत अपनी भूमि में कार्य करने की स्वीकृति दी है। इससे अपने खेतों में काम करने पर भी मनरेगा की दिहाड़ी मिल सकेगी। यह कार्य ग्रामसभा की ओर से मंजूर परियोजनाओं की शेल्फ में शामिल न होने पर भी किए जा सकेंगे। 

 मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह जानकारी ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। सीएम ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान 260 लाख कार्य दिवसों का सृजन कर कुल 859 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की गई जबकि, इस वित्त वर्ष अभी तक मनरेगा के अंतर्गत 54 करोड़ रुपये खर्च करके 22 लाख कार्य दिवस सृजित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग ने भी मनरेगा के तहत बनी लोक निर्माण विभाग की सड़कों और जल शक्ति विभाग की ट्रेंचिज के रखरखाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 

उन्होंने कहा कि भवन और अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत 12,835 मनरेगा कार्यकर्ताओं ने 90 दिन का कार्य पूर्ण किया है। प्रदेश के छह जिलों बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन में लोकपाल नियुक्त किए गए हैं तथा बचे शेष जिलों में शीघ्र ही लोकपाल कि नियुक्ति की जाएगी। 
पायलट आधार पर मल-संयंत्र स्थापित करने के लिए 23.70 करोड़ जारी मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के अंतर्गत एक विशेष पहल की है। जल शक्ति विभाग को मंडी जिला के थुनाग, धर्मपुर और जंजैहली और ऊना जिला के बंगाणा में पायलट आधार पर मल-संयंत्र स्थापित करने के लिए

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