कांगड़ा में कृषि, बागवानी और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 221 लाख, ब्लॉक स्तर के 46 सर्वश्रेष्ठ किसान पुरस्कार मंजूर

हिमाचल प्रदेश के कांंगड़ा जिले में कृषि, बागबानी और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए 221 लाख रुपए खर्च किए जाने हैं। यह विकास कार्य कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (ATMA) द्वारा चालू वित्त वर्ष में किए जाएंगे। इस बारे में सोमवार को यह जानकारी कांगड़ा के ADC राहुल कुमार ने सांझा की। उन्होंने बताया कि 221 लाख रुपए के कुल बजट में से 188 लाख रुपए अब तक खर्च किए जा चुके हैं। इस दौरान उन्होंने ब्लॉक स्तर के 46 सर्वश्रेष्ठ किसान पुरस्कारों को मंजूरी दी है।

धर्मशाला के DRDA ऑडिटोरियम में सोमवार को कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (ATMA) की गवर्निग बोर्ड की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कांगड़ा के ADC राहुल कुमार ने की। उन्होंने कहा कि कृषि और संबंधित विभागों के अधिकारी बेहतर तालमेल बनाकर सरकार द्वारा कृषकों के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का सुचारू रूप से क्रियान्वयन करें। उन्होंने ब्लॉक स्तर के 46 सर्वश्रेष्ठ किसान पुरस्कारों को मंजूरी दी। इसमें 16 किसान, 15 पशुपालक और 15 बागवानों के लिए 4.60 लाख रुपए की राशि अनुमोदित की गई। इसके अतिरिक्त स्वयं सहायता समूह के 2 ग्रुपों को 40 हजार रुपए की राशि अनुमोदित की गई।

ADC ने जानकारी दी कि चालू वित्त वर्ष में कांगड़ा जिले में 12,000 किसानों को प्राकृतिक खेती के दायरे में लाया जाना था, उसके एवज में 9952 किसान प्राकृतिक खेती के दायरे में लाए गए हैं। इससे किसानों का प्राकृतिक खेती की ओर रुझान बढ़ा है। जिले में वर्ष 2018 से अभी तक जुटाए गए आंकड़े के मुताबिक 24089 किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं।

चालू वित्त वर्ष में किसानों के लिए दो दिवसीय 345 प्रशिक्षण आयोजित किए गए। इनमें 7506 किसानों को प्रशिक्षण देकर सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। प्राकृतिक खेती के अन्तर्गत 736 पंचायतों में यह प्रशिक्षण दे दिया गया है। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए 47 देसी गाय पर 25 हजार रुपए प्रति गाय अनुदान दिया गया है।

गोशाला के फर्श को पक्का करने के लिए 247 किसानों को लाभान्वित किया गया है। इसके अलावा प्राकृतिक खेती के अन्तर्गत घटक बनाने के लिए 3385 प्लास्टिक ड्रम पर 75 प्रतिशत अनुदान के हिसाब से 3385 किसानों को लाभ मिला है। संसाधन भंडार बनाने के लिए 10000 अनुदान प्रति किसान के हिसाब से 89 किसानों को फायदा हुआ है।

उध बैठक के दौरान पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक डॉ. संदीप मिश्रा ने कड़कनाथ पोल्ट्री ब्रीड को बढ़ावा देने के लिए आगामी प्लान सांझा किया। कृषि विज्ञान केंद्र कांगड़ा के प्रभारी डॉ. संजय शर्मा ने खरपतवार नियंत्रण के लिए ब्रीफ प्रेजेंटेशन दी।



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धर्मशाला के DRDA ऑडिटोरियम में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में ADC राहुल कुमार और अन्य अधिकारी।


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