कांग्रेस ने नगर निगम और पंचायत चुनाव के रोस्टर पर उठाए सवाल

पंचायती राज और खासकर सोलन नगर निगम में चुनाव के लिए जारी किए रोस्टर पर कांग्रेस ने ऐतराज जताया है। पार्टी ने इस रोस्टर को राजनीति से प्रेरित और कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने वाला करार देते हुए इसके खिलाफ सोमवार को जिला अध्यक्ष शिव कुमार की ओर से डीसी साेलन को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर,सोलन के विधायक कर्नल धनीराम शांडिल और नालागढ़ के विधायक लखविंद्र राणा भी मौजूद रहे।

पिछले एक सप्ताह के अंदर नगर निगम सोलन और जिला में पंचायती राज संस्थाओं के आरक्षण का रोस्टर जारी किया। इसके बाद विपक्षी दलों के साथ भाजपा के भी कुछ नेता दबी जुबान से रोस्टर में ली गई आबादी के आंकड़े को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

जबकि प्रशासन की ओर से साफ किया है कि जो भी रोस्टर लागू किया है वह पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुआ है। डीसी को ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने आरोप लगाया कि सोलन में पंचायती राज व नगर निगम के चुनाव के लिए जारी किया आरक्षण का रोस्टर राजनीति से प्रेरित है।

कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए लोकतंत्र की भावना के खिलाफ काम हुआ है। उन्होंने कहा कि इस रोस्टर को तुरंत निरस्त किया जाए। जिला अध्यक्ष शिव कुमार ने आरोप लगाया कि नगर निगम चुनाव के लिए प्रशासन की ओर से जारी किए वार्डों की आबादी के आंकड़े रोस्टर से मेल नहीं खाते।

इसका सीधा असर वार्डों के आरक्षण पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन दावा कर रहा है कि रोस्टर वर्ष 2011 की जनगणना के हिसाब से जारी किया गया है, लेकिन वार्डों में वर्तमान में दिखाई गई जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुरूप भी नहीं है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन ने वार्डों के पुनर्सीमांकन के बाद आबादी के आंकड़े यानि किस वार्ड में कितनी आबादी है, रोस्टर जारी करने से पहले ही जारी प्रस्तुत कर दिए थे। रोस्टर जारी होने के बाद बड़े पैमाने पर मतदाताओं का पंजीकरण किया जा रहा है। इससे रोस्टर के समय प्रस्तुत की गई मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर फेरबदल हाेना लाजिमी है।

पार्टी का आरोप है कि नगर निगम का रोस्टर समय से पहले व वास्तविक स्थिति और गणना किए बिना जारी किया गया है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि सरकार ने शहर के15 वार्डों के साथ आठ पंचायती क्षेत्रों को मिलाकर नगर निगम बनाया है।

प्रशासन ने 17 वार्डों की हदबंदी कर इसमें मिलाए गए क्षेत्र व इसकी आबादी के आंकड़े जारी किए हैं जो वास्तविकता से भिन्न है। इसी तरह पंचायती राज संस्थाओं के रोस्टर भी सत्ताधारी दल को लाभ पहुंचाने के आधार पर बनाया गया है। पार्टी की मांग है कि जब तक पूरी मतदाता सूची जारी नहीं होती तब तक रोस्टर भी जारी नहीं होना चाहिए।

कांग्रेस के लिए शुभ संकेत नहीं गुटबाजी

इस दौरान सोलन कांग्रेस की गुटबाजी भी सामने आई। डीसी को ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदेश अध्यक्ष के सामने जिला अध्यक्ष और शहरी अध्यक्ष में बहस हो गई। हुआ यूं कि शहरी कांग्रेस अध्यक्ष अंकुश सूद ज्ञापन सौंपने के समय डीसी ऑफिस में मौजूद नहीं थे, लेकिन जब वे बाद में दुर्गा क्लब में आए तो जिला अध्यक्ष शिव कुमार के सवाल उठाने पर उनकी बहस हो गई। ऐसी आने वाले चुनाव को देखते हुए कांग्रेस के लिए शुभ संकेत नहीं है।

यह है सोलन नगर निगम के वार्डों में आरक्षण की स्थिति
नगर निगम सोलन का वार्ड नंबर-1,वार्ड नंबर-5, वार्डनंबर-8,वार्ड नबंर-9,वार्ड नंबर-11, वार्ड नंबर-14 और वार्ड नंबर-17 ओपन है। वार्ड नंबर-2, वार्ड नंबर-3, वार्ड नंबर-4, वार्ड नंबर-6, वार्ड नंबर-10, वार्ड नंबर-12 और वार्ड नंबर-15 महिला के लिए रिजर्व है। जबकि वार्ड नंबर-7और वार्ड नंबर-16अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है। वार्ड नंबर-13 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।



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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राठौर के नेतृत्व में डीसी को ज्ञापन सौंपते हुए।


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