क्रिसमस-न्यू ईयर के लिए होटलियर्स को टूरिस्ट्स से नहीं मिल रहा रिस्पॉन्स

कोरोना महामारी की मार पर्यटन पर बुरी तरह पड़ी है। अभी भी यह कारोबार गति नहीं पकड़ पाया है। हालांकि लॉकडाउन खुलने बाद शिमला में सैलानी काफी संख्या में पहुंचने लगे थे, लेकिन अब फिर से कोरोना बढ़ने के कारण सैलानियों की संख्या कम हो गई है।

वीकेंड पर शिमला में सैलानी जरूर आ रहे हैं, मगर बाकी दिनों में शिमला बहुत ही कम सैलानी देखे जा सकते हैं। अबकी बार क्रिसमस और न्यू ईयर के पर्यटन कारोबार पर भी कोरोना का असर पड़ता दिख रहा है। इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए अभी तक होटलों में बहुत कम बुकिंग हुई है। शिमला के होटलों में करीब 30 फीसदी ही बुकिंग हो पाई है जबकि आम तौर पर इन दिनों क्रिसमस व न्यू ईयर के लिए अधिकांश बुकिंग हो जाती है। इससे होटल ही नहीं बल्कि पर्यटन से जुड़े टैक्सी ऑपरेटरों व अन्य लोगों का कारोबार भी मंदा होने के आसार है।

क्रिसमस के लिए कुछ ही दिन बाकी बचे हैं, मगर अभी तक इसके लिए कोई ज्यादा रिस्पॉन्स होटलों को नहीं मिला है। हालांकि बर्फबारी होने के कारण कुछ बुकिंग होटलों में हुई है, मगर होटल प्रबंधकों का मानना है कि यह अस्थाई है। सैलानी क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए ज्यादा बुकिंग नहीं कर रहे। सैलानी क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए होटलों में इन्क्वायरीज जरूर कर रहे हैं, मगर अधिकांश बुकिंग करवाना नहीं चाह रहेे। शिमला के होटलों में अभी तक करीब 30 फीसदी ही बुकिंग हो पाई है।

सामान्य दिनों में अब तक होटलों में अधिकांश बुकिंग हो जाती थी पूरी

होटलों में अबकी बार नहीं हो पाएंगे कार्यक्रमः कोरोना के कारण इस बार होटलों में क्रिसमस और न्यू ईयर के कार्यक्रम भी नहीं हो पाएंगे। होटल प्रबंधन कोरोना के चलते कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहते। वहीं सरकार ने भी कार्यक्रमों में शामिल होने वालों की संख्या निर्धारित कर रखी है।

किसी भी कार्यक्रम में पचास से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकते हैं, वहीं कार्यक्रमों के लिए स्थानीय प्रशासन की इजाजत लेना भी जरूरी किया गया है। ऐसे में इस बार इस तरह के कार्यक्रम नहीं होंगे। आमतौर पर न्यू ईयर पर शिमला के अधिकांश होटलों में विशेष कार्यक्रम होते हैं और कई तरह की प्रतियोगिताएं भी करवाई जाती हैं।

क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए रहती है होटलियर्स को आसः शिमला में अब सैलानी अधिकतर गर्मियों में आते हैं। इसके बाद सर्दियों में पर्यटन का पीक सीजन रहता है। सर्दियों में शिमला में बर्फबारी भी होती है और साथ में क्रिसमस और न्यू ईयर भी मनाया जाता है। ऐसे में इस मौसम में शिमला में पर्यटन कारोबार गति पकड़ता है। क्रिसमस और न्यू ईयर पर शिमला के होटल पैक रहते हैं।

शिमला शहर की बात करें तो यहां पर करीब तीन सौ होटल हैं, जो कि फुल रहते हैं। इसके लिए काफी पहले से बुकिंग होने लगती हैं। आमतौर पर इन दिनों 80 फीसदी तक बुकिंग इस दौरान शिमला के होटलों में होती है। मगर इस बार इसकी आधी बुकिंग भी नहीं हो पाई है।

अभी तक क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए होटलों में 25 से 30 फीसदी ही बुकिंग हो पाई है जबकि अब तक 80 फीसदी से भी ज्यादा बुकिंग हो जाती थी। उनका कहना है कि इस बार वीकेंड पर भी ज्यादा सैलानी नहीं आ रहे क्योंकि रविवार को शिमला में होटल व रेस्टोरेंट बंद रहते हैं, ऐसे में सैलानियों को खाने पीने की चीजें नहीं मिल पातीं। प्रशासन को रविवार को रेस्टोरेंट खुले रखने चाहिए ताकि वीकेंड तो कम से कम शिमला सैलानी आए। महेंद्र सेठ, अध्यक्ष, टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन

इन्क्वायरीज ही आ रही : होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अश्वनी सूद का कहना है कि क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए इन्क्वायरीज आ रही है, मगर बुकिंग अभी बहुत कम है। होटलों में अभी तक करीब 30 फीसदी ही बुकिंग हुई है। देखने वाली बात होगी कि अगले एक सप्ताह में किस तरह की स्थितियां बनती है। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते इस बार न्यू ईयर पर भी होटलों में कार्यक्रम नहीं करवाने का फैसला लिया है।



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Hoteliers are not getting response from tourists for Christmas-New Year


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