हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से रिसर्च करने वाले रिसर्चर को प्रशासन की ओर से हल्की सी राहत देते हुए 6 महीने का अतिरिक्त समय रिसर्च पूरा करने के लिए दिया है। जबकि हॉस्टल देने से प्रशासन की ओर से इंकार कर दिया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि रिसर्च स्कॉलर अब घर बैठे कैसे रिसर्च कार्य को करेंगे।
एमफिल और पीएचडी के शोध छात्रों के साथ ही एलएलएम व एमटेक के छात्रों को भी इससे अपना शोध कार्य और प्रोजेक्ट पूरा करने का अतिरिक्त समय मिला है। एचपीयू की ईसी में लिए फैसले की अधिसूचना पहले ही जारी कर दी गई है। ईसी में एमफिल, पीएचडी, एलएलएम, एमटेक छात्रों के प्रेजेंटेशन/थीसिस को जमा करवाने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। कोरोना संकट के चलते इस तरह का निर्णय हुआ है।
हालात सामान्य होने के बाद पुरानी व्यवस्था फिर से शुरू कर दी जाएगी। वायवा की फीस वही रहेगी जो ऑफलाइन वायवा में ली जाती है। वहीं यूआईटी, यूआईएलएस, एमसीए, एमए परफॉर्मिंग आर्ट्स (संगीत) सहित अन्य विभिन्न शैक्षणिक विभागों की प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी ऑनलाइन जमा करवानी होगी।
एचपीयू के डीन ऑफ स्टडीज प्रोफेसर अरविंद कालिया का कहना है कि यूजीसी के नियमों के अनुसार ही प्रशासन की ओर से रिसर्चर के लिए नियम बनाए गए हैं। फिलहाल हॉस्टल तब तक आवंटित नहीं किए जाएंगे जब तक आगामी निर्देश नहीं मिलते हैं।
पांच सौ से अधिक एनरोल हैं पीएचडी में : एचपीयू की बात करें तो यहां पर पांच सौ से अधिक रिसर्च स्कॉलर एनराेल हुए हैं। हर विभाग में एक गाइड के अंडर करीब आठ स्टूडेंट पीएचडी करते हैं। कई नौकरीपेशा भी पीएचडी करने के लिए विवि आते हैं। ऐसे में उन्हें इसके लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। अब समय अधिक मिलने से हिमाचल के पीएचडी करने वाले रिसर्च स्कॉलर को भी फायदा होगा।
रिसर्च को मिलेगा समय, रहेंगे कहां यह तय नहींः पीएचडी करने वालों काे अब समय अधिक मिल पाएगा। ऐसे में जो रिसर्च वर्क अभी तक पूरा नहीं हो पा रहा है,उसे करने के लिए अतिरिक्त समय रिसर्च स्कॉलर को मिल पाएगा। कई रिसर्च स्कॉलर को नोट्स और थीसिस तैयार करने के लिए एक्सटेंशन की जरूरत रहती है। अर्थात तय अवधि से अधिक का समय पीएचडी की डिग्री पूरी करने के लिए लेना पड़ता है।
अधिकतर छात्र पीएचडी की अवधि बढ़ाने की मांग करते हैं, यही नहीं इसके लिए उन्हें अलग से स्पेशल फीस भी चुकानी पड़ती है। यूजीसी ने इसी मुद्दे को ध्यान में रखते हुए 6 महीने की अवधि को बढ़ाया है ताकि छात्रों को शोध कार्य पूरा करने में किसी प्रकार की जल्दबाजी का सामना न करना पड़े। जबकि दूसरी ओर घर बैठे रिसर्च वर्क नहीं हो सकता है, ऐसे में हॉस्टल ना मिलने के कारण दिक्कतें रिसर्च स्कॉलर के सामने आ रही हैं।
इसलिए नहीं मिलेंगे हाॅस्टलः एमएचआरडी की ओर से साफ निर्देश है कि छात्राें की भले ही एडमिशन करवा दाे, लेकिन एक साथ स्टूडेंट काे हाॅस्टल में नहीं रहने दिया जा सकता है। इस पर शिक्षा विभाग और हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी ने भी सभी काॅलेजाें काे निर्देश दिए हैं कि वे छात्राें काे इस बार हाॅस्टल अलाॅट न करवाएं। जब तक नई गाइडलाइन नहीं आती है, तब तक हाॅस्टल अलाॅट न किए जाएं।
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