गिरिपार क्षेत्र के ऊंचाई वाले इलाकों में रविवार रात को एक बार फिर हिमपात हुआ है। जिले के सबसे ऊंचे शिखर चूड़धार में करीब 22 सेंमी ताजा हिमपात हुआ है। हरिपुरधार, नौहराधार व गत्ताधार आदि क्षेत्रों में 5 से 10 सेमी ताजा बर्फबारी हुई है। बर्फबारी के कारण क्षेत्र के सभी प्रमुख मार्ग पिछले 20 घंटे से बंद हैं। हरिपुरधार, नौहराधार, गत्ताधार व पनोग आदि क्षेत्रों के करीब 400 से अधिक गांव में 20 घंटे से विद्युत आपूर्ति ठप है।
बिजली गुल होने से कई उठाऊ पेयजल योजनाएं ठप हो गई है, जिसके कारण कई इलाकों में पीने के पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। विद्युत आपूर्ति ठप होने के कारण सबसे अधिक परेशानियों का सामना चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को करना पड़ा।
तहसील कार्यालय में प्रमाण पत्रों को बनाने के लिए उम्मीदवारों का दिनभर तांता लगा रहा, मगर बिजली न आने से उम्मीदवारों को मायूस होकर अपने घर लौटना पड़ा। बिजली न आने के कारण कार्यालयो में कर्मचारी दिनभर ठंड से ठिठुरते रहे। बैंकों व लोकमित्र केंद्रों में भी काम काज दिनभर पूरी तरह से प्रभावित रहा।
यह सड़कें रही बंद : बर्फबारी के कारण नाहन-हरिपुरधार, हरिपुरधार-सोलन-शिमला, हरिपुरधार-कुपवी, नौहराधार-पुन्नरधा-डलयानु- गत्ताधार समेत आधा दर्जन से अधिक मार्ग 20 घंटे से अवरुद्ध हैं। इन मार्गो पर यातायात ठप होने से सैकड़ों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों को 15 से 20 किलोमीटर का सफर पैदल चलकर तय करना पड़ा।
सोलन में भी बिछी सफेद चादर : सोलन: जिला में रविवार रात भर हुई बारिश के बाद सोमवार की सुबह सोलन में बर्फ की चादर बिछी हुई नजर आई। सोलन में बर्फबारी के बाद अब मैदानी इलाके शीतलहर की चपेट में आ गए है। मैदानी इलाकों में परवाणू, बद्दी, नालागढ़ के आसपास एरिया में काफी ठंड बढ़ चुकी है। वहीं बड़ोग हाइट व चायल में भी बर्फ के फाहे गिरने से पर्यटक भी पहुंचना शुरू हो गए है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन हल्के बादल रहने के साथ-साथ न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आएगी।
दाड़लाघाट में 28 साल बाद गिरी बर्फ : अर्की : बाड़ीधार, सावग, घनागुघाट समेत कई दाड़लाघाट क्षेत्र में करीब 28 सालों के अंतराल के बाद बर्फ की सफेद चादर बिछी है। दाड़लाघाट में करीब 28 सालों बाद बर्फबारी का नजारा देखने को मिला। दाड़लाघाट क्षेत्र के साथ लगते गांव कराड़ाघाट, घनागुघाट, शिवनगर, कश्लोग, कंस्वाला की ऊंची पहाड़ियों पर रात भर से बर्फ गिरने से सफेद चादर बिछ गई।
उधर धार्मिक स्थल बाड़ीधार में देर रात से ही बर्फबारी का दौर शुरू हो गया था। यहां करीब 10 से 15 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि 25 दिसंबर के बाद बाड़ीधार पर बर्फ की चादर बिछ जाती है।
बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए स्थानीय लोगों के अलावा बाहरी राज्यों से भी पर्यटक यहां पहुंचते हैं। बारिश और बर्फबारी से इस जगह के कई परंपरागत जलस्रोत जल से भर गए हैं। बर्फबारी से किसानों के चेहरे भी खिल गए हैं क्योंकि इस हिमपात को फसलों के लिए उत्तम माना जा रहा है।
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