इमरजेंसी सेवाएं देने वाले 108 यूनियन कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। इससे शिमला सहित प्रदेश में एंबुलेंस सेवाएं ठप हाे गई है, हालात यह है कि काेविड मरीजाें काे काेविड केयर सेंटराें में पहुंचाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिल रही है। उधर यूनियन के कर्मियाें के सामूहिक अवकाश पर जाने के बाद डीसी शिमला अादित्य नेगी ने रविवार काे एस्मा लगा दिया है।
ऐसे में अगर अब यूनियन के कर्मचारी काम पर वापिस नहीं लाैटते ताे उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उनकी सेवाएं भी टर्मिनेट की जा सकती है। वहीं 108 कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष पूर्ण चंद ने कहा कि उन्होंने आला अधिकारियों के पास अपनी मांगें रखी है, मगर कोई सुनवाई नही हुई। उन्होंने कहा कि काम पर लौटने के लिए वह यूनियन से बात करेंगे। यूनियन के अध्यक्ष पूर्णचंद ने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। कर्मचारियों की अगुवाई करने वाले यूनियन के पदाधिकारियों की ट्रांसफर की जा रही है।
राज्य में मौजूदा समय में 108 सेवा के तहत 200 गाडियां और 102 सेवा के तहत 125 एंबुलेंस मरीजों को लाने-ले जाने का काम कर रही हैं। करीब 1200 कर्मचारी कंपनी के अधीन काम कर रहे हैं। ऐेसे में कंपनी और कर्मचारियों के बीच विवाद बढ़ता है तो इससे मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
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