ऑल इंडिया मिड डे मील वर्कर्स फेडरेशन संबंधित सीटू के आह्वान पर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय पर वर्कर्स ने प्रदर्शन किया। हिमाचल प्रदेश मिड डे मील वर्कर्स यूनियन प्रदेशाध्यक्ष कांता महंत व महासचिव हिमी देवी ने कहा है कि केंद्र व प्रदेश सरकार लगातार मध्याह्न भोजन कर्मियों का शोषण कर रही है।
उन्हें केवल दो हजार तीन सौ रुपए मासिक वेतन दिया जा रहा है। उन्हें कोई भी छुट्टी नही दी जाती है। उनके लिए ईपीएफ व मेडिकल सुविधा भी नहीं है। उनसे खाना बनाने के अलावा डाक, चपरासी, सफाई, झाड़ू, राशन ढुलाई, बैंक, जलवाहक आदि सभी प्रकार के कार्य करवाए जाते हैं। हिमाचल उच्च न्यायालय के निर्णयानुसार उन्हें बारह महीने का वेतन नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने मांग उठाई कि 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिश अनुसार मिड डे मील कर्मियों को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए व उन्हें नियमित किया जाए। उन्हें प्रदेश के न्यूनतम वेतन के आधार पर 8250 रुपए वेतन दिया जाए। उन्हें ईपीएफ, मेडिकल, छुट्टियों आदि सुविधा दी जाए। उन्हें रिटायरमेंट पर पेंशन व ग्रेच्युटी की सुविधा दी जाए।
उन्हें छह महीने के वेतन सहित प्रसूति अवकाश की सुविधा दी जाए। मल्टी टास्क वर्कर्स के रूप में आंगनबाड़ी सुपरवाइजर की तर्ज उन्हें ही नियुक्त किया जाए। धरने में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, यूनियन की प्रदेश महासचिव हिमी देवी, सीटू नेता बालक राम, राम प्रकाश, यूनियन जिलाध्यक्ष पुष्पा देवी, यूनियन नेता दिनेश कुमार, शकुंतला देवी, हेमा, हेमलता, जयवंती, सुनील, ध्यान चंद कालटा, सुरजीत, सुमित्रा, जगत राम आदि शामिल रहे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2T0rs2K
No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box