प्रदेश हाईकोर्ट ने डिजिटल विजन दवा कंपनी में बनी खांसी और जुकाम की दवा कोल्ड बेस्ट सीरप के सैंपल फेल होने के मामले में कंपनी व इसके पार्टनर पुरषोतम लाल गोयल की याचिकाएं खारिज कर दी। प्रार्थियों ने सिरमौर जिला के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के 11 मार्च व 2 मई को दिए आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने ड्रग इंस्पेक्टर को जब्त किए गए कोल्ड बेस्ट सिरप में से अतिरिक्त सैंपल लेने की इजाजत दी थी।
ड्रग इंस्पेक्टर के अनुसार सरकारी एनालिस्ट ने दवा में पाई गई डाई एथलीन ग्लाइकोल टेस्टिंग के लिए पर्याप्त नहीं थी। इसलिए अतिरिक्त सैंपल लेने के लिए कोर्ट से गुहार लगाई गई थी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने ड्रग इंस्पेक्टर के आवेदन को स्वीकारते हुए थोक में जब्त की गई दवा में से अतिरिक्त सैंंपल लेने के आदेश दिए थे। दंडाधिकारी ने प्रार्थियों की आपत्तियों को भी खारिज कर दिया था जिसके 11 मार्च को लिए गए सैंपल की 20 बोतलों को टेस्टिंग के लिए न भेजने व 26 फरवरी को लिए गए सैंपल की केवल 4 बोतलों को ही टेस्टिंग के लिए भेजे जाने की गुहार लगाई गई थी।
दंडाधिकारी ने केवल 4 बोतलें ही जांच के लिए खोलने की इजाजत दी थी, परंतु यह भी स्पष्ट किया था कि सैंपल नाकाफी होने की सूरत में अन्य 20 बोतलें खोली जाएं। प्रार्थियों ने इन आदेशों को हाईकोर्ट में दो अलग अलग याचिकाओं के माध्यम से चुनौती दी थी, जिन्हें न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर ने खारिज कर दिया। कालाअंब स्थित डिजिटल विजन नामक कंपनी द्वारा निर्मित कोल्डबेस्ट पीसी कफ सिरप पीने से जम्मू के उधमपुर जिले में दर्जन भर बच्चों की मौत हो गयी थी।
चंडीगढ़ में पीजीआईएमईआर के अधिकारियों के अनुसार बच्चों की मौत कोल्डबेस्ट पीसी कफ सीरप में मौजूद डाई एथलीन ग्लाइकोल नामक पदार्थ के कारण हुई थी। इस पदार्थ के कफ सिरप में अधिक पाए जाने के कारण दवा का सैंपल फेल हुआ था। डिजिटल विजन कंपनी में तैयार खांसी के सिरप में जहरीले कैमिकल से बच्चों की किडनी फेल हो गयी थी। उधमपुर जिले के रामनगर तहसील के गांवों के उन 11 बच्चों को एक स्थानीय नीम हकीम ने खांसी के लिए उपरोक्त सिरप दिए थे, जिसमें कथिततौर पर जहरीला कैमिकल था।
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