काेविड केयर सेंटर डीडीयू अस्पताल में मंगलवार देर रात 12:05 बजे काेराेना पाॅजिटिव 54 वर्षीय महिला ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। महिला अस्पताल के थर्ड फ्लाेर में एडमिट थी। वह जिस वार्ड में एडमिट थी, उसके बाद गैलरी में उसने अपनी चुन्नी से फंदा बनाया और कुर्सी पर चढ़कर फंदा लगा लिया।
देर रात महिला की माैत का जब प्रशासन काे इसका पता चला ताे उन्हाेंने इसकी सूचना पुलिस काे दी। पुलिस ने माैके पर पहुंचकर शव काे नीचे उतारा। मामले की जांच के मैजिस्ट्रिअल आदेश दे दिए गए हैं। अब एडीएम मामले की जांच करेंगे। 10 दिन में इसकी रिपाेर्ट अाएगी। उधर परिजनाें ने आराेप लगाए हैं कि महिला काे समय पर दवाई, खाना और पानी नहीं दिया जा रहा था, जिससे वह डिप्रेशन में थी।
काेविड केयर सेंटर में आत्महत्या का प्रदेश में यह पहला मामला है। मामले के बाद अब डीडीयू अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इसमें सबसे बड़ा सवाल यह है कि महिला ने रात काे जब सुसाइड किया ताे वहां पर सिक्याेरिटी क्या कर रही थी। इसमें जाे परिजनाें के आराेप हैं कि सेंटर में मरीजाें काे काेई नहीं देख रहा ताे क्या यह सच हैं। हालांकि अब यह सभी तथ्य जांच में सामने आएंगे।
महिला को बीपी की भी थी दिक्कतः 18 सितंबर काे चाैपाल के चाड़च गांव की महिला काेराेना पाॅजिटिव पाई गई। बीपी की पेशेंट हाेने के कारण महिला काे डीडीयू अस्पताल रेफर किया गया। यहां पर महिला काे वार्ड के चाैथी मंजिल में आइसाेलेट कर दिया गया। मंगलवार रात काे महिला ने 12:05 पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
सूचना के बाद देररात करीब 12:30 बजे पुलिस माैके पर पहुंची। पुलिस ने शव काे कब्जे में लेकर अपनी कार्रवाई शुरू की। सुबह मामला डीसी के पास अाया ताे उन्हाेंने मामले में मैजिस्ट्रिअल जांच के आदेश जारी किए। उसके बाद दाेपहर करीब एक बजे महिला का पाेस्टमार्टम करवाया गया।
फोन पर देवर को बताया था, नहीं मिलती कोई सुविधाः मामले में महिला के देवर सुखराम ने प्रशासन पर लापरवाही के आराेप लगाए हैं। सुखराम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनकी भाभी काे बीपी था और वह चार साल से आईजीएमसी से दवाई खा रही थी। उन्हाेंने आराेप लगाया कि जब से वह डीडीयू में आई उन्हें बीपी की दवाई तक नहीं दी गई।
जब मंगलवार काे डाॅक्टराें से बात की तब जाकर रात काे उन तक दवाई पहुंची। उनका दावा है कि सुबह 11 बजे जाे पानी की बाेतल महिला काे उनके बेटे ने बाहर से दी थी, वह भी रात आठ बजे उन्हें दी गई। सुखराम ने आराेप लगाया कि वह राेज भाभी से फोन पर बात करते थे ताे वह बताती थी कि उन्हें अस्पताल में समय पर खाना और पानी नहीं मिल रहा।
वहीं मंगलावार शाम काे उनके भतीजाें ने बताया कि उनकी मां उनसे फाेन पर बात नहीं कर रही ताे सुखराम ने 10:30 बजे उन्हें फाेन किया। इस दाैरान महिला ने बात करने से इनकार कर दिया।
गलत लगाए जा रहे आरोप, ड्यूटी में कोई कोताही नहीं
डीडीयू में माैजूदा समय में 75 से ज्यादा मरीज काेराेना के एडमिट है। मंगलवार रात काे भी 17 मरीज उनके पास काेराेना के आए। यहां पर पांच लाेग ड्यूटी पर थे, जिसमें एक डाॅक्टर, नर्स, सफाई कर्मी, चतुर्थ श्रेणी कर्मी शामिल हैं।
- नए मरीज देररात आए ताे उन्हें एडमिट करने में काफी समय लग जाता है। इस दाैरान महिला ने आत्महत्या कर ली। उन्हाेंने कहा कि परिजनाें के आराेप गलत है कि महिला काे समय पर खाना या अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही थी। यहां पर मरीजाें के साथ काेई काेताही नहीं की जाती।
एसएस नेगी, कार्यकारी एमएस
जांच कर दी है शुरूः एसपी
- महिला के सुसाइड की जांच शुरू कर दी गई है। इसमें मैजिस्ट्रिअल जांच भी की जा रही है। पुलिस अस्पताल प्रशासन पूछताछ करेगी। जिला प्रशासन से भी रिपाेर्ट ली जाएगी। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
माेहित चावला, एसपी शिमला
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3iZe8Xx
No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box