परवाणू-सोलन फोरलेन प्रोजेक्ट में परवाणू से टीटीआर के बीच आधुनिक तकनीक से वायाडक्ट ब्रिज का निर्माण हो रहा है। यह इस प्रोजेक्ट में नया एडिशन है। पहले यहां पर पहाड़ी को काटकर ही सड़क बनाने की योजना थी, लेकिन इस स्थान की परिस्थितियों को देखते हुए वायाडक्ट ब्रिज के विकल्प का अपनाया गया है।
इस पुल से दो पहाड़ियों को आपस में जोड़ा जाएगा। 160 मीटर लंबे और 12 मीटर चौड़े इस पुल के निर्माण पर करीब 16 करोड़ रुपए की लागत आ रही है। नेशनल हाईवे ऑफ इंडिया (एनएचएआई) से मंजूरी मिलने के बाद पुल के निर्माण का काम शुरू हो गया है। ऐसा पुल हिमाचल में पहली बार बन रहा है।
परवाणू चौक और टीटीआर के बीच के एरिया में भी फोरलेन की ड्राइंग के तहत पहले डंगा लगाकर सड़क का निर्माण किया जाना था, लेकिन यहां पहले बनी सड़क गिर गई और नीचे करीब 50 मीटर गहरी खाई होने के कारण फिर से सड़क का निर्माण करना मुश्किल हो रहा था। इसके साथ ही पहाड़ी को काटना भी संभव नहीं था। इसलिए वायाडक्ट ब्रिज का विकल्प चुना गया।
इस पर फोरलेन निर्माता ग्रिल कंपनी ने एनएचएआई को वायाडक्ट ब्रिज के निर्माण का प्रस्ताव भेजा। एनएचएआई से मिलने के बाद इसका निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इससे दो पहाड़ियां आपस में जुड़ जाएंगी। इस पुल के निर्माण पर करीब 16 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसे अगले छह माह में तैयार करने का टारगेट है। इसकी लंबाई 160 मीटर है और 12 मीटर इसकी चौड़ाई रहेगी यानी यह पुल टू लेन होगा। अभी यह तय नहीं किया गया है कि किस ओर का ट्रैफिक इससे गुजरेगा। या दोनों ओर का ट्रैफिक पुल से ही जाएगा। हालांकि यह पुल वैली साइड का बन रहा है तो शिमला से चंडीगढ़ की ओर जाने वाला ट्रैफिक इससे गुजर सकता है। चंडीगढ़ से शिमला की ओर आने के लिए पहले ही टू लेन सड़क है जिस पर अभी ट्रैफिक चल रहा है।
परवाणू-शिमला फोरलेन प्रोजेक्ट में कई आकर्षण देखने के मिलेंगे। कुमारहट्टी और सोलन के शमलेच के बीच करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से 936 मीटर की एक टनल का निर्माण पूरा हो गया है। इसमें ट्रैफिक भी गुजर चुका है। इसी तरह कुमारहट्टी में फ्लाईओवर का काम आखिरी चरण में है। सपरून चौक पर ओवरपास और चंबाघाट में फ्लाईओवर का काम भी शुरू हो गया है। कंडाघाट में टनल का काम भी आधे से ज्यादा हो गया है। यहां एक पुल का निर्माण होना है। यह सभी इस प्रोजेक्ट के बड़े आकर्षण हैं। अब प्रोजेक्ट की शुरूआत में ही नया आकर्षण वायाडक्ट ब्रिज के तौर पर सामने आएगा।
ढाई साल देर से हो रहा काम
परवाणू-सोलन फोरलेन प्रोजेक्ट सितंबर 2016 में शुरू हो गया था। तब इसके निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए मार्च 2018 की डेडलाइन दी गई थी, लेकिन धीमे काम और लगातार होती लैंड स्लाइडिंग की वजह से आज तक यह काम पूरा नहीं हो पाया है। बीच में कोरोना संकट की वजह से भी काम प्रभावित हुआ है। अब काम तो चल रहा है, लेकिन अभी भी मजूदरों की कमी के कारण रफ्तार धीमी ही है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि 2021 में इस पहले चरण के प्रोजेक्ट का काम पूरा हो जाएगा।
आकर्षण का केंद्र होगा ये ब्रिज
टीटीआर के पास वायाडक्ट ब्रिज के निर्माण का काम शुरू हो गया है। यहां की परिस्थितियों को देखते हुए इस ब्रिज का विकल्प चुना है। ऐसा पुल हिमाचल में पहली बार बन रहा है। इसकी शुरुआत में ही लोगों के लिए यह पुल एक आकर्षण होगा। -बलविंद्र सिंह,प्रोजेक्ट मैनेजर,जीआर इंफ्रा
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