प्रदेश के इकलौते एस्पिरेशनल जिला चंबा के गृह निर्माण अनुदान राशि के बजट पर सरकार ने कैंची चला दी है। जिला सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को चालू वित्तीय वर्ष में समाज के पिछड़े अनुसूचित जाति वर्ग को गृह निर्माण अनुदान राशि के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 87 लाख रुपए का बजट जारी किया गया था परंतु कुछ समय बाद ही सरकार ने इस बजट में 33 लाख रुपए की कटौती कर दी।
परिणाम स्वरूप अब जिला चंबा में इस योजना के तहत 87 लाख की बजाय 54 लाख रुपए खर्च होंगे। पुख्ता जानकारी के अनुसार जिला चंबा में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के पास वर्तमान में 1150 आवेदन इस योजना का लाभ पाने के लिए लंबित पड़े हुए हैं। इसमें 12 वर्ष पुराने आवेदन भी शामिल हैं। यानी 2008 में जिन पात्र लोगों ने इस योजना के लिए आवेदन किया था उन्हें भी अब तक इस योजना का लाभ लेने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
आवेदनों का विधानसभा स्तर पर विभाजन किया जाए तो सबसे अधिक 540 चंबा, 235 डल्हौजी, 220 भटियात व 155 आवेदन चुराह विधानसभा क्षेत्र से संबंधित हैं। लंबित पड़े इन आवेदनों का यह आंकड़ा इस बात का आभास करवाता है कि अपनी छत को तरस रहे इन आवेदकों के लिए सरकार को अतिरिक्त बजट जारी करना चाहिए ताकि बरसों से इस योजना के आवेदकों का इंतजार समाप्त हो।
जिला में स्थिति इसके विपरीत देखने को मिल रही है। अतिरिक्त बजट जारी करना तो दूर की बात जो बजट जारी किया गया था उस पर भी सरकार ने कट लगा दिया है। हैरानी की बात है कि जिला चंबा के पांचों विधायकों ने इस मामले पर सरकार की जवाबदेही करने में अभी तक कोई रुचि नहीं दिखाई है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3j4ZMFk
No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box