मुख्यमंत्री बोले, रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट जारी रखने से प्रदेश को बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कोरोना संकट के बीच पेश हुआ केंद्रीय बजट हिमाचल के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। उम्मीदों से कहीं बेहतर पेश किए गए इस बजट में प्रदेश को कनेक्टिविटी और टेक्सटाइल में बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विशेष प्रेसवार्ता में कहा कि केंद्रीय बजट में रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट को जारी रखने से हिमाचल प्रदेश को बड़ा लाभ होगा। इससे हिमाचल को आर्थिक संबल मिलेगा जिसका हिमाचल सरकार स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि 15वें वित्तायोग से यदि कोई कटौती होती है तो राज्य सरकार उसकी खुद भरपाई करेगी। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए बजट की सराहना करते हुए कहा कि कोविड की विकट परिस्थितियों में भी देश का विकास तय किया गया है। सेंसेक्स में आए उछाल से साफ संकेत मिले हैं कि यह बजट उम्मीदों भरा है।
विषम पस्थितियों में महत्त्वाकांक्षी व समावेशी बजट है, क्योंकि इसमें हर क्षेत्र में विकास की नई उम्मीद का ठोस आधार दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह बजट छह स्तंभों पर टिका है, जिसमें सबसे प्रमुख स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को महत्त्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इसके साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट, एस्पिरेशनल जिले, मानव पूंजी में नवजीवन, नवाचार व अनुसंधान विकास तथा न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हैल्थ सेक्टर में केंद्र सरकार ने बड़ा बजट दिया है, जिसमें 137 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। यहइतिहास की सबसे ज्यादा बढ़ोतरी है। आत्मनिर्भर स्वास्थ्य योजना पर बजट बढ़ाया गया है, वहीं कोविड वैक्सीन के लिए ही 35 हजार करोड़ का प्रावधान रखा है। सीएम ने कहा कि एस्पिरेशनल जिलों के लिए ज्यादा बजट रखा है, जिसका लाभ हिमाचल के चंबा जिला को होगा। इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए बजट बढ़ाने से रोजगार का रास्ता खुलेगा जिससे नई योजनाओं को चलाने में मदद मिलेगी।
साथ ही कृषि क्षेत्र में सेस लगने से 2022 तक किसानों की आय दोगुनी होने का लक्ष्य हासिल हो सकेगा। कृषि उत्पादों में एमएसपी को बढ़ाने पर पीएम का फोकस दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि नेशनल हाइवे व रेलवे में प्रशासन को खुद प्रोजेक्ट मंजूर करने की शक्तियां प्रदान की गई हैं, जिसका भी फायदा हिमाचल को मिल सकेगा। इसके साथ देश में टैक्सटाइल पार्कों के निर्माण की बात कही है और हिमाचल भी टैक्सटाइल पार्क के लिए काम करेगा। 100 नए सैनिक स्कूल से भी हिमाचल को लाभ मिल सकेगा, वहीं प्रवासी मजदूरों के लिए पोर्टल बनाने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त शहरों में जल जीवन मिशन से लाभ हासिल हो सकेगा। सीएम ने कहा कि मनरेगा पर उतना अधिक बोझ अब नहीं होगा, क्योंकि कोविड में इस पर दवाब था, लेकिन अब डिमांड बेस्ड आधार पर पैसा मिलेगा।

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