आईसीएमआर की रिपोर्ट में चाैंकाने वाले खुलासे; मोटापे में देश में चौथे स्थान पर पहाड़ी प्रदेश, पंजाब पहले-हरियाणा दूसरे पायदान पर
हिमाचल की 55 फीसदी आबादी पेटू है। महिलाएं सबसे ज्यादा मोटापे से ग्रसित हैं। मोटापे के मामले में हिमाचल देश में चौथे स्थान पर आंका गया है। पहले स्थान पर पंजाब है। आईसीएमआर की रिपोर्ट में और भी कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। शुगर के मामलों में भी हिमाचल देश भर में 7वें स्थान पर है। महिलाएं और पुरुष यहां पर बराबर है। आईसीएमआर की ओर से देश के 29 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों (चंडीगढ़, पुड्डुचेरी) में लोगों पर सर्वे किया गया था, जिसमें ये सभी चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।
आईसीएमआर की ओर से राज्य के 3831 लोगों पर यह सर्वे किया गया था, जिसमें शहरों से 2744 और ग्रामीण क्षेत्रों से 1176 को शामिल किया गया था। 50 प्रतिशत से ज्यादा मोटापे और शुगर से ग्रसित लोग 55 साल से नीचे हैं। यह सर्वे 25 से 35 साल की उम्र के बीच की महिलाओं और पुरुषों पर किया गया था। 11 जनवरी, 2021 को इसकी फाइनल रिपोर्ट जारी कर दी गई, जिसमें हिमाचल के लोग कई बीमारियों से ग्रसित पाए गए हैं।
मोटापे की बात करें तो हिमाचल की 54.6 फीसदी आबादी मोटापे से ग्रसित है। इनमें से शहरी इलाकों में 62 फीसदी और ग्रामीण इलाकों में 52 फीसदी लोग मोटापे से ग्रसित है। मोटापे से सबसे ज्यादा महिलाएं ग्रसित है। प्रदेश की 80 फीसदी के करीब महिलाएं मोटापे से पीडि़त हैं। डाक्टरों के अनुसार यह मोटापा कई तरह की बीमारियों को न्यौता देता है।
इससे हार्ट की बीमारी भी होती है। मोटापे में पंजाब 57 फीसदी मामलों के साथ पहले स्थान पर है। हरियाणा 55 फीसद मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके अलावा हिमाचल के लोग शुगर से भी ग्रसित है। हिमाचल की 11.5 फीसदी आबादी शुगर से पीडि़त है। शुगर के मामलों में राज्य देश भर में सातवें स्थान पर है। शहरों में 14.3 फीसदी लोग इससे पीडि़त है, ग्रामीण क्षेत्रों में भी 11 फीसदी लोग शुगर से ग्रसित हैं। महिलाओं और पुरुषों में भी ज्यादा अंतर नहीं है।
11.6 फीसदी पुरुष और 11.4 फीसदी महिलाएं शुगर से पीडि़त है। इनमें से आधी आबादी को यह पता ही नहीं है कि वे शुगर की बीमारी से ग्रसित हैं। लोग अनजाने में ही शुगर से पीडि़त हो रहे हैं। 50 प्रतिशत ऐसी आबादी शुगर की बीमारी से ग्रसित है, जिसकी उम्र 55 साल से कम है। इसके अलावा 31.2 फीसदी लोग उच्च रक्तचाप से भी पीडि़त है। इनमें से भी आधे से ज्यादा को इसका पता ही नहीं है। (एचडीएम)
काम नहीं करना चाहते 61 फीसदी हिमाचली
हिमाचल में 61 फीसदी लोग काम करना पसंद नहीं करते। आईसीएमआर की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। प्रदेश के 100 में से 61 लोग ऐशो-आराम की जिंदगी जीना पसंद करते हैं। काम न करने की आदत से वे बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। हार्ड वर्क न करने की चाह में ये लोग अनजाने में ही विभन्न बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, जिससे वे मोटापे की चपेट में भी आ रहे हैं, शुगर के भी मरीज बन रहे हैं। इसके अलावा उच्च रक्तचाप, लो एचडीएल समेत अन्य बीमारियों से भी ग्रसित हो रहे हैं।

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