हिमाचल प्रदेश में बनी गैस्ट्रिक और एलर्जी की दवा मानकों पर खरी नहीं उतरी है। केंद्रीय औषध मानक नियंत्रक संगठन के दिसंबर के ड्रग अलर्ट में सैंपल फेल हुए हैं। इसमें जिला सोलन के बरोटीवाला के जोहड़ापुर और पांवटा साहिब के रामपुर घाट के उद्योगों की दवा शामिल है। ड्रग नियंत्रक ने इन उद्योगों को नोटिस जारी कर बाजार से स्टॉक वापस मंगवा लिया है।
संगठन ने दिसंबर में 943 दवाओं को सैंपल लिए थे, जिनमें से 928 मानकों पर खरे उतरे और 15 के सैंपल फेल हुए हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश के दो, गुजरात के पांच, महाराष्ट्र का एक, उत्तराखंड के दो, जम्मू-कश्मीर का एक, यूपी के तीन और तेलंगाना का एक दवा उद्योग का सैंपल फेल हुआ है।
बरोटीवाला के जोहड़ापुर स्थित मैसर्ज एंड लाइफ साइंस इंडिया लिमिटेड कंपनी की गैस्ट्रिक की दवा पेंटोप्रोजोल सोडियम टैबलेट बैच नंबर एटीपीपी 2011 और औद्योगिक क्षेत्र पांवटा साहिब के रामपुर घाट स्थित मैसर्ज नेंज मेड साइंस फार्मा कंपनी की स्किन एलर्जी की दवा नेनजीड्रोल लोशन का सैंपल फेल हुआ है। दवा नियंत्रक नवनीत मरवाह ने बताया कि जिन उद्योगों के सैंपल फेल हुए हैं, उनको नोटिस जारी कर दिए हैं। फेल हुए सैंपलों के बैच बाजार से उठाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

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