हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर ने इस बार पंचायत चुनाव में समाज के लिए बेहतर संदेश दिया है। जिले की259 पंचायतों में से 33 में सहमति से पंचायतों का गठन किया गया है। मिनी संसद का यह गठन कई पंचायतों में देवी-देवताओं के समक्ष पर्ची डालकर हुआ। कई जगह ग्रामीणों की एक ज्यूरी बनाकर सर्वसम्मति बनाई गई।
बुधवार को पंचायत चुनाव के लिए भरे गए नामांकन वापस लिए गए। इसके साथ ही जिले में 33 पंचायतों के निर्विरोध चुने जाने की पुष्टि हुई। निर्विरोध चयन पर एक पंचायत को दस लाख रुपये का इनाम मिलेगा। लिहाजा, जिले में 33 पंचायतों का गठन होने पर विकासात्मक कार्यों के लिए 3.30 करोड़ रुपये बतौर इनाम मिलेंगे।
गौरतलब है कि सिरमौर जिले में चुनाव का एलान होने से पहले ही पंचायतों के गठन का सिलसिला शुरू हुआ था। जिले के शिलाई ब्लॉक में दस, पच्छाद में दो, संगड़ाह में पांच, राजगढ़ में पांच, पांवटा में दस, नाहन में एक पंचायत निर्विरोध बनीं। उपायुक्त डॉ. आरके परूथी ने बताया कि इसके अलावा जिले की पंचायत समिति के 21 वार्डों में भी वार्ड सदस्यों का निर्विरोध चयन हुआ है। उन्होंने बताया कि पूरी पंचायत के निर्विरोध चयन पर दस लाख रुपये मिलेंगे।
ये पंचायतें बनीं निर्विरोध
विकास खंड राजगढ़ की टाली भुज्जल, देवठी मझगांव, जदोल टपरोली, नेहरपाब व डिंबर, नाहन की दीद-बगड़, शिलाई में बांबल, डाहर, कोटिभौंच, धारवा, नैनीधार, पनोग, कुहांत, शकोली, कांडो भटनोल, शिलाई, पच्छाद में शिन्ना और भलटा, संगड़ाह में अंधेरी, सांगना, देवड़ी, खडाहां, छौऊबोगर, बडोल, पांवटा साहिब मेंकोटगा, शकोली, तारू डांडा आंज, टटियाना, मढाना, बझौन, भरली आंगरो, थोंथा जाखल, बाहिला, चांदनी आदि शामिल है।

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