दुनिया की बेहतरीन वैटलैंड साइट में शुमार पौंग झील में विदेशी परिंदों की मौत का सिलसिला नहीं थम रहा। रोकथाम के तमाम दावों के बीच रविवार को यहां 215 और पक्षी मृत पाए गए। अब तक मृत मिले कुल 4235 परिंदों में बार हैडेड गीज सबसे ज्यादा हैं। अन्य पक्षियों की संख्या 10 प्रतिशत से भी कम है। इनमें बर्ड फ्लू वायरस पाया गया है, पर यह आया कहां से, इसकी असलीयत जानने के लिए स्टडी करवाने पर विचार चल रहा है।
बर्ड फ्लू की वजह से पिछले कुछ दिन में पौंग बांध इलाके में 4235 प्रवासी पक्षी मारे जा चुके हैं। जिस तरीके से हर रोज मृत पक्षी पाए जा रहे हैं, उससे इस बात की आशंका जताई जा रही है कि वायरस से पीडि़त विदेशी पक्षियों की संख्या कहीं अधिक है। हालांकि अभी तक मछलियों की मौत के बारे में कोई सूचना नहीं है।
इन क्षेत्रों के कौवों की रिपोर्ट नहीं आई
मंडी, बिलासपुर, पांवटा क्षेत्र में मृत पाए गए कौवों की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। इनके सैंपल जांच के लिए जालंधर प्रयोगशाला भेजे गए थे। केवल कांगड़ा के कौवों की रिपोर्ट आई थी। इसमें बर्ड फ्लू होने की पुष्टि हुई थी।
केंद्रीय टीम ने किया दौरा
मत्सय एवं पशुपालन की टीम ने रविवार को पौंग क्षेत्र का दौरा किया। टीम में शामिल अधिकारियों ने ताजा हालत का जायजा लिया और वायरस की रोकथाम के लिए उचित दिशा-निर्देश दिए। इस टीम में तीन अधिकारी केंद्र सरकार के मंत्रालय के और दो हिमाचल प्रदेश के थे। इन्होंने धमेटा रेंज के तहत सियाल, नगरोटा सूरियां रेंज के गुग्लाड़ा इलाके का दौरा किया। इस टीम के साथ वन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने विभाग द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी।
वायरस पूरी तरह से नियंत्रण में: PCCF
वन्य प्राणी विंग की PCCF अर्चना शर्मा का कहना है विदेशी पक्षियों में एविएन इन्फ्लुएंजा से 215 और मौतें हुई हैं। वायरस में ट्रेंड में गिरावट देखने को मिल रही है। रविवार को केंद्रीय टीम ने भी दो रेंज में दौरा किया है। यह वायरस पूरी तरह से नियंत्रण में है। विभाग की टीमें लगातार फील्ड में डटी हुई हैं। जिला एमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर राज्य आपदा प्रबंधन ऑथोरिटी को रोजाना रिपोर्ट दे रहा है।
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