अब तक 44 हजार से ज्यादा ठीक हुए, रिकवरी रेट बढ़कर 86.23 प्रतिशत हुआ

प्रदेश में कोरोेना संक्रमण से मौत का सिलसिला जारी है, लेकिन राहत की बात यह है कि कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। वीरवार को प्रदेश में 532 कोरोना मरीज ठीक हुए हैं। इससे प्रदेश में रिकवरी रेट 86.23 प्रतिशत हो गया है। वीरवार को राज्य में कोरोना से 10 और मरीजों की मौत हो गई। शिमला जिले में सबसे अधिक 4 मरीजों की मौत हुई है।

किन्नौर जिले में 2, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी जिले में एक-एक मरीज की मौत हुई है। शिमला जिले में 67 महिला के अलावा 69, 35 व 61 वर्षीय व्यक्ति की मौत कोरोना वायरस के कारण हुई है। वहीं, किन्नौर जिले में 61 व 63 वर्षीय मरीज ने इस संक्रमण के चलते दम तोड़ा है। जबकि चंबा जिले में 63 वर्षीय पुरूष, हमीरपुर में 99 वर्षीय वृद्धा, कांगड़ा में 45 वर्षीय पुरूष और मंडी में 70 वर्षीय वृद्धा की मौत हुई है। राज्य में कोरोना से अब तक 846 मरीजों की मौत हो चुकी है।

प्रदेश में कोरोना के 463 नए मामले पॉजिटिव आए हैं। मंडी जिले में 161, कांगड़ा जिले में 88, शिमला में 63, सोलन में 50, कुल्लू में 24, चंबा में 22, हमीरपुर में 18, ऊना में 14, लाहौल-स्पीति में 7, बिलासपुर में 6 और किन्नौर व सिरमौर में 4-4 मामले पॉजिटिव आए हैं। राज्य में कोरोना के कुल 51143 मामले पॉजिटिव हो चुके हैं। इनमें से अभी तक 44109 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और वीरवार को 532 मरीज ठीक हुए हैं। राज्य में कोरोना वायरस के 6139 एक्टिव केस हैं।

कोरोना से ठीक हुए मरीजों के लिए विशेष ओपीडी कब खुलेगी

शिमला| हाईकोर्ट ने कोरोना से ठीक हुए मरीजों की चिकित्सीय देखरेख के लिए विशेष ओपीडी खोलने की जरूरत महसूस करते हुए प्रदेश सरकार को अपना पक्ष कोर्ट के समक्ष रखने के आदेश दिए। मुख्य न्यायाधीश लिंगप्पा नारायण स्वामी व न्यायाधीश अनूप चिटकारा की खंडपीठ के समक्ष जनहित से जुड़े मामले के पक्षकारों ने बताया कि कोरोना होकर ठीक हुए मरीज अपनी देखरेख सही ढंग से नहीं कर पाते या उन्हें नेगेटिव आने के बावजूद चेकअप की जरूरत रहती है।

इसलिए ऐसे मरीजों के लिए विशेष ओपीडी केंद्र खोले जाने चाहिए। मामले पर सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि कोविड केयर सेंटरों में सभी मरीजों को एक ही तरह का खाना दिया जाता है जो सम्भवतः हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होता। कोर्ट ने सरकार को आदेश दिए कि वह ऐसे मरीजों को विशेष तरह का भोजन उपलब्ध कराने पर विचार करे अथवा उन्हें घर का खाना खाने के लिए स्वीकृति प्रदान करे। कोर्ट ने सरकार को आदेश दिए कि वह उन मरीजों के अटेंडेंट को विशेष प्रमाणपत्र अथवा पास जारी करे जिन्हें निजी अटेंडेंट की जरूरत हो। इस मामले पर अगली सुनवाई 22 दिसम्बर को होगी।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
So far, more than 44 thousand have recovered, recovery rate increased to 86.23 percent


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3nvytWQ

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box