गुड़िया के परिजन बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए पहुंचे हाईकोर्ट, याचिका दायर, सीबीआई ने एक चिरानी को किया था गिरफ्तार

गुड़िया के परिजन इंसाफ को लेकर हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। परिजनों की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। परिजनों ने सीबीआई की जांच पर असंतोष जाहिर करते हुए इस केस की दोबारा से सिटिंग जज की निगरानी में जांच करवाने की गुहार लगाई है।

इससे पहले गुड़िया की मां ने सुप्रीम कोर्ट में दोबारा से केस की जांच को लेकर याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने परिजनों को हाईकोर्ट में जाने के आदेश दिए थे। इसके बाद अब गुड़िया के परिजन हाईकोर्ट पहुंचे हैं।

बहुचर्चित कोटखाई गु़ड़िया केस की पहले की सीबीआई से परिजन असंतुष्ट है। सीबीआई ने इस मामले में एक चिरानी को गिरफ्तार किया था। इससे परिजन सीबीआई की जांच पर सवाल उठा रहे हैं। परिजन इसके लिए पहले पकड़े गए आरोपियों की नार्को रिपोर्ट का भी हवाला दे रहे हैं।

पुलिस की एसआईटी द्वारा गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों का सीबीआई ने गुजरात के गांधीनगर की फारेंसिक लैब में नार्को टेस्ट करवाया था। फॉरेंसिक लैब के विशेषज्ञों ने कोर्ट में बयान दिया था कि गुड़िया रेप-मर्डर मामले में एक से अधिक आरोपी हो सकते हैं। परिजनों ने आरोप है कि सीबीआई ने इस रिपोर्ट को कोर्ट से छुपाया है।

सीबीआई ने गुड़िया रेप-मर्डर मामले में 13 अप्रैल 2018 को एक नीलू नामक एक चिरानी को गिरफ्तार किया था। सीबीआई दावा किया था कि चिरानी का काम करने वाले नीलू ने गुड़िया से दरिंदगी की थी। आरोपी नीलू के खिलाफ सीबीआई ने जुलाई 2018 में कोर्ट में चालान पेश किया।

यह मामला अभी कोर्ट में हैं। गुड़िया से जुड़ा सूरज की हत्या का मामला भी कोर्ट में विचाराधीन है। कोटखाई थाने के लॉकअप में पुलिस द्वारा गिरफ्तार एक आरोपी सूरज की मौत हो गई थी। सीबीआई ने इस मामले में तत्कालीन आईजी सहित नौ पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया था।

चार साल से नहीं मिला न्याय, ऐसी दरिंदगी एक आदमी का काम नहीं
हाईकोर्ट याचिका दायर करने पहुंचे गुड़िया के पिता ने मीडिया से कहा कि सीबीआई ने जिस तरह इस केस की जांच की है उससे वह संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि बेटी के असली गुनाहगार और हो सकते हैं। एक आदमी उनकी बेटी के साथ दरिंदगी नहीं कर सकता था।

यह काम नशेड़ियों का हो सकता है। पिता ने कहा कि उनकी बेटी की जुराब व क्लिप घटनास्थल से गायब पाए गए हैं। जिस जगह बेटी की लाश पाई गई उसको लेकर भी आशंका है क्योंकि तीन दिन तक वहां पर लाश का रहना संभव नहीं है। ऐसे में इस केस की दोबारा से जांच जरूरी है। मां ने कहा कि करीब चार साल इस वारदात को होने को हैं लेकिन अभी तक उनको इंसाफ नहीं मिला है।

विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से भी मिले
गुड़िया के परिजनों ने वीरवार को विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेताओं से भी मुलाकात की। परिजन कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, सीपीएम नेता एवं विधायक राकेश सिंघा, भाजपा नेता रवि मेहता से मिले। परिजनों ने सभी राजनीतिक पार्टियों से बेटी को इंसाफ दिलाने की गुहार लगाई।

स्कूल से जाने के बाद लापता हो गई थी गुड़िया
​​​​​​​ कोटखाई के महासू स्कूल की दसवीं की छात्रा 4 जुलाई 2017 को स्कूल से जाने के बाद अचानक लापता हो गई थी। दो दिन बाद 6 जुलाई को गुड़िया का शव दांदी के जंगल में मिला। फारेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के साथ रेप के बाद हत्या की बात सामने आई। आरंभ में पुलिस ने इस केस की जांच की। इस घटना से लोगों में इतना आक्रोश भड़का कि कई जगह धरना प्रदर्शन शुरु हो गए। लोगों ने ठियोग में भारी विरोध प्रदर्शन किया और कोटखाई उग्र भीड़ ने थाने में घुसकर इसको नुकसान पहुंचाया। इसके बाद केस की जांच सीबीआई को सौंपी गई।



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Gudiya's family reached high court for justice for daughter, petition filed, CBI arrested one Chirani


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