पंद्रह दिन पहले दी थी शिकायत कि पेड़ गिरने वाला है, वन विभाग ने कुछ नहीं किया, अब गिरा ताे मकान को नुकसान

15 दिन पहले समरहिल के सांगटी में खतरनाक पेड़ काे काटने के लिए वन विभाग काे शिकायत दी गई थी। इसके बावजूद इसे काटा नहीं गया। ऐसे में अब पेड़ गिरने से एक मकान काे काफी नुकसान हुआ है। हालांकि, उस समय ऊपर की मंजिल पर काेई नहीं था। नीचे की मंजिल पर ही किराएदार रह रहे थे।

मकान मालिक किसी काम से बाहर गए हुए थे। समरहिल के सांगटी में दुर्गावती नाम की एक महिला का मकान है। इनके तीन मंजिला मकान के ऊपर एक पेड़ खतरनाक अवस्था में था। बारिश के चलते ये गिरने की कगार पर आ गया था।

इस बारे में वन विभाग के अधिकारियाें ने यहां पर विजिट भी किया था। शिकायत मिलने के बाद भी तुरंत कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में अब पेड़ गिरने से मकान काे नुकसान पहुंचा हैं। मकान एक हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। साथ में बने किचन और टाॅयलेट काे भी नुकसान हुआ है। पूरे घर में दरारें पड़ गई हैं। हादसा सुबह करीब 4 बजकर 20 मिनट पर हुआ। वन विभाग की टीम ने माैके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया है।

ऐसी आवाज आई, मानाे बम फट गया हाे

प्रत्यक्षदर्शी सुरेंद्र सिंह वर्मा का कहना है कि जिस समय हादसा हुआ, मैं साथ लगते मकान में साेया हुआ था। अचानक ऐसी आवाज आई की मानाे बम फट गया हाे। वह अचानक बिस्तर से उठे और बाहर निकले। बाहर जाकर देखा ताे साथ लगते मकान पर पेड़ गिरा हुआ था।

देवदार का पेड़ काफी बड़ा था, इसने मकान के एक हिस्से काे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। उनका कहना है कि इससे पहले भी सांगटी क्षेत्र में देवदार के पेड़ गिरे हैं। जबकि, इस बार मकान पर ही सीधा पेड़ गिरा, जिससे लाेगाें में दहशत का माहाैल बन गया है।

लाेग हर बार देते हैं प्रार्थना पत्र, कार्रवाई नहीं हाेती वन विभाग और नगर निगम की ट्री अथॉरिटी कमेटी के पास हर साल लोग खतरनाक व सूखे पेड़ों को काटने के लिए प्रार्थना पत्र देते हैं, लेकिन मामला विभागीय औपचारिकताओं में ही उलझ कर रह जाता है।

शिमला शह में अधिकतर क्षेत्र में देवदार व चीड़ के विशाल पेड़ हैं, जो कभी भी किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकते हैं। इस साल जनवरी और फरवरी में शिमला में बर्फबारी के दौरान करीब 130 पेड़ गिरे थे, जिससे शिमला में जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया था। कई पेड़ तो घरों पर गिरे थे। इससे काफी नुकसान हुआ था। पेड़ गिरने से शिमला शहर में पूरे सात दिन तक बिजली की सप्लाई ठप रही थी।

  • हमारे पास सांगटी से खतरनाक पेड़ काे काटने के लिए शिकायत आई थी। विभागीय काम में समय लग जाता है। इस कारण इसकाे काटने में देरी हुई है। अब पेड़ मकान पर गिरा है, इसके नुकसान का आकलन किया जा रहा है। खतरनाक पेड़ाें काे काटने के लिए विभाग प्रयास कर रहा है। पूरे नियमाें के तहत ही पेड़ काे काटने की अनुमति दे सकते हैं। - पवन चाैहान, डीएफओ अर्बन शिमला, वन विभाग


Fifteen days ago a complaint was made that the tree is about to fall, the forest department did nothing, now the house collapsed


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