व्यापार मंडल शिमला में फिर से घमासान शुरू हाे गया है। अब शहर में दाे व्यापार मंडल बन गए हैं। एक मिनाेचा गुट का व्यापार मंडल बना है, जबकि एक गुट वर्तमान व्यापार मंडल अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह का हैं। दाेनाें गुटाें ने अपने अपने तर्क रखे हैं कि उनका ही व्यापार मंडल संवैधानिक हैं। चुनाव समिति के अध्यक्ष अश्वनी मिनाेचा ने अपनी टीम के साथ इस्तीफा दे दिया हैं, उन्हाेंने गठित की गए नई एडहाॅक कमेटी काे व्यापार मंडल का कामकाज साैंप दिया हैं।
वहीं, दूसरी ओर वर्तमान व्यापार मंडल के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने चुनाव करवाने के लिए नई चुनाव समिति के गठन की घाेषणा की है। जल्द ही नई चुनाव समिति बनेगी। दाेनाें गुटाें ने मंगलवार काे पत्रकार वार्ता की। इस दाैरान एक दूसरे पर आराेप प्रत्याराेप लगाए गए। काफी समय से शिमला व्यापार मंडल और चुनाव समिति में घमासान चला हुआ था। मंगलवार को अब ये तय हो गया है कि शहर में अब दो व्यापार मंडल वजूद में आ गए हैं।
मिनाेचा गुट का कहना वर्तमान व्यापार मंडल असंवैधानिक
पत्रकाराें काे संबाेधित करते हुए व्यापारी अश्वनी मिनाेचा ने कहा कि यह जरूरी हाे गया था कि एडहाॅक कमेटी का गठन किया जाए। ये कमेटी ही अब संवैधानिक ताैर पर मान्य हाेगी। ये कमेटी 13 मार्च 2021 तक व्यापार मंडल के चुनाव से संबंधित और व्यापारियाें से संबंधित काम देखेगी। कंवलजीत सिंह काे इस कमेटी का प्रधान बनाया गया है। जबकि उपप्रधान कच्चीघाटी व्यापार मंडल से संबंधित मदन शर्मा काे बनाया गया है।
इसी तरह से विशेष्वर नाथ काे उपप्रधान, अजय सरना काे महासचिव, विनय सूद काे सचिव, रमेश काे सहसचिव और कमल पटेल काे काेषाध्यक्ष बनाया गया है। सभी व्यापारी इसी कमेटी के आदेशाें काे माने।
इंद्रजीत गुट बाेला, व्यापारी हमारे साथ, नई बनाएंगे चुनाव कमेटी
मीडिया से बात करते हुए वर्तमान चुने हुए व्यापार मंडल के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह का कहना है कि कुछ लाेगाें ने व्यापारियाें काे दाे हिस्साें में बांटने का असफल प्रयास किया है। ये लाेग असंवैधानिक तरीके से एडहाॅक कमेटी बना रहे हैं। जब चुनाव समिति काे व्यापारियाें ने भंग कर दिया ताे दूसरा व्यापार मंडल कैसे बन सकता है। उनका कहना है कि हम जल्द ही नई चुनाव कमेटी बनाएंगे। जिसमें उपनगराें से भी व्यापारियाें काे शामिल किया जाएगा। ये कमेटी निष्पक्ष तरीके से चुनाव करवाएगी। हमने व्यापारियाें के हिताें के लिए हमेशा से काम किया है। हमारे साथ सभी व्यापारी हैं, जबकि जाे दूसरा गुट हैं, वे अपना अस्तित्व खाे चुका है। ऐसे व्यक्ति काे अध्यक्ष बनाया गया है, जाे पेशे से व्यापारी नहीं हैं।
ऐसे चल रहा है व्यापार मंडल का विवाद
- वर्ष 2013 में के चुनाव हुए थे और नई कार्यकारिणी का गठन हुआ था।
- उस समय इंद्रजीत सिंह चुनाव जीतकर आए थे।
- व्यापार मंडल का कार्यकाल चार साल का हाेता है, ऐसे में 17 मार्च 2017 काे ये कार्यकाल समाप्त हाे गया था।
- व्यापार मंडल ने उस समय चुनाव समिति के अध्यक्ष अश्वनी मिनाेचा से दाे महीने की एक्सटेंक्शन देने की मांग की।
- चुनाव समिति ने 22 मार्च 2017 काे दाे महीने के लिए व्यापार मंडल की कार्यकारिणी काे एक्सटेंक्शन दे दी।
- अब करीब पांच साल हाे गए हैं, लेकिन व्यापार मंडल के चुनाव नहीं हुए हैं।
सवाल: दाे व्यापार मंडल, किसके साथ जाएंगे अब व्यापारी
अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि शहर में दाे व्यापार मंडल बन गए हैं। अब व्यापारी किसके साथ जाएंगे। शहर में करीब 800 व्यापारी हैं, जबकि उपनगराें में 3000 व्यापारी रजिस्टर्ड हैं। करीब 3800 व्यापारियाें की संख्या हैं। ऐसे में चुनाव कैसे हाेंगे, इस बारे में अभी तक स्पष्ट नहीं हाे पाया हैं। मिनाेचा गुट का दावा है कि वे 13 मार्च 2021 से पहले चुनाव करवाएंगें। वहीं, इंद्रजीत गुट का कहना है कि काेविड के चलते अभी चुनाव करवाना संभव नहीं है, लेकिन नई चुनाव समिति इस पर जल्द फैसला देगी।
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