हिमाचली व्यंजनाें काे चखने के लिए अब शादी ब्याह, तीज त्याेहार या किसी खास माैकाें का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग हिमाचली व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए ‘दीदी की थाली’ पराेसने जा रहा है। इस पहल के तहत सहायता समूह की महिलाएं हिमाचली व्यंजनों को तैयार करेंगी। विभाग शिमला के कसुम्पटी क्षेत्र से इसकी शुरूआत कर रहा है। विभाग ने इसके लिए मुख्यमंत्री से समय मांगा है। दाे अक्टूबर तक इस थाली काे सीएम से लाॅन्च करवाए जाने की संभावना है।
खाना सर्व करने के लिए ग्रामीण विकास एंव पंचायती राज विभाग ने अलग से एक फूड वैन भी खरीद ली है। इसमें खाना पैक करके बेचने के लिए ले जाया जाएगा। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि हिमाचल के पारंपरिक व्यंजनाें का स्वाद चखाने के लिए लाेगाें काे किसी खास माैकाें का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किया जाने वाला भाेजन लाेगाें काे पराेसा जाएगा। विभाग ने फूड वैन भी खरीद ली है।
थाली से जुड़ीं वो बातें जो आप जानना चाहते हैं
क्या होगा मेन्यू | इसमें लाल चावल, राजमाह, पटांडें, घी-सिड्डू, लस्सी आदि कई व्यंजन हाेंगे। दीदी की थाली में हर दिन का अलग अलग मेन्यू हाेगा।
लॉन्चिंग के लिए शिमला का कसुम्पटी क्षेत्र क्यों | ऐसा इसलिए क्याेंकि यहां पर अधिकांश विभागाें के मुख्यालय है। ऐसे में विभाग चाहता है कि यहीं से इस थाली काे पराेसा जाए।
ये रहेगा रेट| यह थाली न्यूनतम 60 रुपए से शुरू हाेगी। इसके बाद व्यंजनों की संख्या और वैरायटी के आधार पर रेट बढ़ाए जाएंगे।
प्रदेश की महिलाओं की आर्थिकी हाेगी सुदृढ़
विभाग की इस पहल से एक ओर जहां लाेगाें काे घर से बाहर घर का पका हुआ स्वादिष्ट और पाैष्टिक आहार खाने काे मिलेगा वहीं इससे गांव की महिलाओं की आर्थिकी भी सुदृढ हाेगी। ‘दीदी की थाली’ से बनने वाले पैसाें काे विभाग संबंधित स्वयं सहायता समूह काे देगा जिसे महिलाएं सशक्त होंगी।
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