सोलन शहर के साथ बड़ोग, कुमारहट्टी, धर्मपुर कस्बों और आसपास के 119 छोटे-बड़े गांवों को पानी की सप्लाई करने वाली गिरि पेयजल योजना की पाइप लाइन बदलने और दो नए पंप लगाने का काम जल्द शुरू होने वाला है। इसके लिए करीब 12करोड़ रुपए का टेंडर अवार्ड हो गया है। इसमें मुख्य तौर पर शहर को आने वाली पाइप लाइन सेर बनेड़ा के पास बदला जाना है, जो मिट्टी के नीचे गल गई है और इसके ज्वाइंट भी बार-बार खुल जाते हैं। यहां 2200मीटर पाइप लाइन बदली जानी है। पाइप लाइन बदलने से मरम्मत के लिए योजना को बार-बार बंद नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही पंप के बाहर दोनों पाइप लाइनों के कॉमन हैडर भी बदले जा रहे हैं। यह सभी काम योजना का मजबूत करने के लिए जा रहे हैं ताकि शहर और इसके साथ लगते एरिया में लोगों को पानी की कमी न आए।
गिरि नदी पेयजल योजना शहर के साथ आसपास के क्षेत्रों के लिए पेयजल का मुख्य स्रोत है, लेकिन समय के साथ योजना में कई समस्या आने से पानी की कमी रहती है। यही कारण है कि अभी भी सोलन में तीसरे से चौथे दिन पानी आता है। इन समस्याओं से निपटने के लिए जल शक्ति विभाग ने योजना काे मजबूत करने के लिए एक योजना बनाई है। इसी के तहत योजना में दो परकुलेशन वैल का निर्माण कार्य शुरू हो गया है और जल्द ही पाइप लाइन बदलने का काम भी शुरू होने वाला है। गिरि पेयजल योजना में सिल्ट को कम करने के लिए दो नए कुएं बन रहे हैं। इन कुओं में एक-एक नए पंप लगाए जा रहे हैं। अभी यहां छह पंपिंग मशीनें हैं अब इनकी संख्या आठ हो जाएगी।
इसके साथ ही राइजिंग मैन और दोनों लाइनों के कॉमन हैडर भी बदले जा रहे हैं। इसके विशेष तरह की पाइपें लाई जा रहे हैं। कॉमन हैडर में प्रैशर आता है तो पुराने होने के कारण बार-बार फट जाते हैं। इस कारण योजना को बंद करना पड़ता है और शहर में पानी की कमी हो जाती है।
सेर बनेड़ा में गल चुकी है पुरानी पाइप लाइन : गिरि योजना से कई समस्याओं के कारण पूरी क्षमता से पानी लिफ्ट नहीं हो पाता। कई स्थानों पर लीकेज होने के कारण पानी बर्बाद होता है तो कई स्थानों पर पुरानी पाइपें फट जाती है जिससे योजना को बंद करना पड़ता है। गिरि योजना से सोलन आ रही पाइप लाइन सेर बनेड़ा के पास गल गई है। यहां बार-बार पाइप फट जाती है।
जल शक्ति विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार सेर बनेड़ा में मिट्टी नमकीन है और इससे मिट्टी के नीचे दबी पानी की पाइप लाइन गल रही है। यहां 2.2 किलोमीटर एरिया में पाइन लाइन बदली जानी है। नई पाइप लाइन भी न गल जाए इसलिए अब पाइप लाइन को मिट्टी में दबाया नहीं जाएगा बल्कि ओपन रखा जाएगा।
22 एमएलडी करनी है योजना की क्षमता : गिरि पेयजल योजना को 2050 की आबादी की डिमांड को पूरा करने के काबिल बनाना है। अनुमान के अनुसार 2050 में शहर और आसपास के गांवों की प्यास बुझाने के लिए गिरि नदी पेयजल योजना से ही करीब22एमएलडी पानी की डिमांड रहेगी। अभी इसकी क्षमता14.64एमएलडी है। योजना की क्षमता को 7.36एमएलडी बढ़ाना होगा। इसके लिए गिरि योजना में ज्यादा मात्रा में पानी को ट्रीट करना होगा।इसी कारण योजना में कई बदलाव किए जा रहे हैं।
गिरि योजना को मजबूत करने के लिए कई कार्य किए जा रहे हैं। दो परकुलेशन वैल का निर्माण शुरू हो गया है। सेर बनेड़ा के पास और योजना की राइजिंग मैन व कॉमन हेडर बदलने और दो पंप लगाने के लिए टेंडर अवार्ड हो गए हैं। पाइप लाइन बदलने का काम जल्द शुरू हो जाएगा।
सुमित सूद, एक्सईएन, जल शक्ति विभाग सोलन
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