15वें वित्त आयोग से 3 करोड़ 28 लाख रुपए जिला शिमला में विकासात्मक कार्य के लिए आंबटित किए गए हैं। इसमें जिला परिषद के प्रत्येक सदस्यों के लिए 13 लाख 66 हजार रुपए भी शामिल हैं। यह जानकारी बुधवार काे बचत भवन शिमला में आयाेजित जिला परिषद की बैठक के दाैरान सदस्याें काे दी गई।
बैठक जिप अध्यक्ष धर्मिला हरनोट की अध्यक्षता में हुई। बैठक में बीडीओ ने जिले में चल रहे विकासात्मक कार्यों का ब्योरा पेश किया, जिसमें पूर्ण हुए कार्य, चालू कार्य एवं बंद हुए कार्य शामिल रहे। यह बैठक करीब छह माह बाद आयाेजित की गई। मार्च के बाद जिला शिमला की जिप की बैठक नहीं हाे पाई थी।
जिप की बैठक जुलाई में प्रस्तावित थी मगर काेराेना के कारण यह बैठक रद्द कर दी गई थी। जिला परिषद उपाध्यक्ष सुरेंद्र रेग्टा, समस्त जिला परिषद सदस्य, अतिरिक्त उपायुक्त अपूर्व देवगन, सचिव एवं जिला पंचायत अधिकारी विजय बरागटा, समस्त खंड विकास अधिकारी आदि मौजूद थे।
रुके काम जल्द पूरे करने के आदेश
बैठक के दाैरान सभी जिप सदस्याें काे आदेश दिए गए कि वह अपने-अपने क्षेत्राें में रुके हुए कार्याें काे पूरा करें। बंद पड़े कार्यों के स्थान पर नई योजनाओं को कार्यान्वित करें ताकि विकास गति धीमी न पड़े। जिप अध्यक्ष ने 15वें वित्त आयोग के तहत होने वाली विकासात्मक गतिविधियों के बारे में सदस्यों से चर्चा की, जिसमें सड़क, सामुदायिक भवन, पार्क, स्ट्रीट लाईट्स, फुटपाथ, पार्किंग, पेयजल सुविधा एवं अन्य कार्य शामिल हैं।
डोडरा क्वार एवं अन्य ऊपरी क्षेत्रों में रुके कार्यों को बर्फबारी से पहले पूर्ण करने के आदेश दिए। बैठक के दाैरान सदस्याें से 30 सितंबर तक नए कार्यों की अनुमोदन सूची कार्यालय को भेजने के लिए भी आदेश दिए ताकि आचारसंहिता से पहले इन कार्यों को शुरू किया जा सके।
बैठक में गत त्रैमासिक आय एवं व्यय का ब्यौरा भी पारित किया गया। बैठक में नशा निवारण बोर्ड के संयोजक ओपी शर्मा ने सदस्यों के साथ बोर्ड के बारे में अवगत करवाया तथा सभी सदस्यों से अपने-अपने क्षेत्रों में नशे के प्रति जागरूकता प्रदान करने की अपील की।
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