छिपे जमातियों पर दर्ज होगा हत्या का केस हिमाचल सरकार ने दिए निर्देश


शिमला- मरकज से जुड़े तबलीगी समाज के लोगों के खिलाफ अब हत्या का मामला दर्ज होगा। राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण को रोकने में बाधा बन रहे तबलीगी जमात के लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 व 307 के तहत आपराधिक मामला दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं।

मरकज के जलसे से लौटे तबलीगी बार-बार के आह्वान व अपीलों के बावजूद छिप गए हैं। इस कारण राज्य सरकार ने इन तबलीगियों को रविवार शाम पांच बजे तक खुद सामने आने की चेतावनी दी थी। इस समयावधि के बाद पकड़े जाने वाले मरकज के लोगों के खिलाफ कोरोना संक्रमण को फैलाने के आरोप में आपराधिक केस दर्ज होंगे। इस अहम फैसले से पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश के उच्च अधिकारियों की बैठक बुलाई थी।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि स्वेच्छा से चिकित्सा जांच के लिए सामने न आने वाले दिल्ली की निजामुद्दीन तबलीगी जमातियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। सीएम ने कोरोना वायरस के दृष्टिगत रविवार को आयोजित वीडियो कान्फ्रेंस से डीसी-एसपी व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को यह निर्देश जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिल्ली में निजामुद्दीन तबलीगी जमात के धार्मिक समागम में शामिल होने वाले व्यक्तियों का पता लगाने के लिए सक्रिय अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बद्दी तथा नालागढ़ क्षेत्रों के सात कोरोना वायरस पॉजिटिव व्यक्तियों के नजदीकी लोगों को चिन्हित किया जाए तथा वायरस को फैलने से रोकने के लिए उन्हें क्वारंटाइन किया जाए।

उधर, प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने भी कहा कि तबलीगी जमात के जो लोग, अब भी छिपे हैं, अब उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस उन पर आईपीसी की धारा 302 व 307 के तहत क्रमशः मर्डर व अटेंप्ट टू मर्डर के मामले दर्ज करेगी। ऐसे लोग अब पकड़े जाने पर सीधे पुलिस हिरासत में ले लिए जाएंगे।

तबलीगी जमात से जुड़े लोगों को लेकर डीजीपी ने कहा है कि जिलों में मौजूद आमिर, जोकि मुस्लिम समुदाय में गुरु की भूमिका में रहते हैं, वे भी दोषी माने जाएंगे, यदि वे किसी की जानकारी छिपाते हैं या उनकी किसी भी तरह की मदद में शामिल होते हैं। उन आमिर को भी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। पुलिस को अपना सर्च अभियान तेज करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

सोशल मीडिया पर भड़काऊ टिप्पणी से बचें

कांगड़ा जिला के फतेहपुर की एक मस्जिद में इमाम द्वारा सोशल मीडिया में धार्मिक भावनाओं को भड़काने पर उसे गिरफ्तार किया गया है। इस पर डीजीपी ने कहा कि ऐसे मामलों में सभी संयम रखें, क्योंकि इससे सामुदायिक दंगे होने की आशंका रहती है। ऐसे लोग जो किसी भी धर्म के खिलाफ इस तरह से भड़काऊ प्रचार करेंगे, उनको पुलिस बख्शेगी नहीं।

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