हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख (पूर्व में जम्मू-कश्मीर) के बीच कई दशकों से चला आ रहा सीमा विवाद बर्फ पिघलने के साथ ही मई में सुलझ जाएगा। सूत्रों का कहना है कि गर्मियों में बर्फ पिघलने के साथ ही भारतीय सर्वेक्षण विभाग (सर्वे ऑफ इंडिया) राजस्व दस्तावेजों पर आधारित नक्शों के आधार पर दोनों राज्यों के बीच के चीन से लगते जास्कर समदो से लेकर सरचू तक की सीमा का निर्धारण करेगा।
मंगलवार को इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक की। बैठक में हिमाचल प्रदेश सरकार ने बताया कि उसने राजस्व रिकॉर्ड व सर्वे ऑफ इंडिया से नक्शे हासिल कर लिए हैं। केंद्र सरकार ने तय किया कि अब गर्मियों में सीमांकन कर विवाद खत्म किया जाएगा। लद्दाख लंबे समय से हिमाचल प्रदेश के सरचू और समदो तक के क्षेत्र को अपना हिस्सा बताता रहा है।
सरचू के इस नो मेन्स लैंड वाले इलाके में हिमाचल प्रदेश पुलिस की एक पोस्ट पिछले डेढ़ दशक से बनी है। इसके जरिये हर साल मनाली से लेह जाने के दौरान रास्तों में रुकने वालों की सुरक्षा व्यवस्था पुलिस इस पोस्ट के जरिये संभालती है। 2018 में लद्दाख पुलिस ने हिमाचल सीमा के तेरह किलोमीटर अंदर सरचू में एक अस्थायी पोस्ट बना दी।
इसके बाद विवाद बढ़ गया। इसके बाद ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस मसले को चंडीगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उत्तरी क्षेत्र कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में उठाया। इसके बाद मामले को निपटाने को नए सिरे से कवायद शुरू हुई। बिलासपुर-लेह रेललाइन ने बढ़ाया क्षेत्र का महत्व जानकारों के अनुसार सालों तक इस क्षेत्र में

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