15 फरवरी से हिमाचल प्रदेश में खुलने जा रहे स्कूलों में प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की पांचवीं, आठवीं, दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों की रोजाना कक्षाएं लगेंगी। नवीं, ग्यारहवीं कक्षा और कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने पर प्रिंसिपल एक दिन छोड़कर निर्धारित संख्या का पालन करते हुए कक्षाएं तय करेंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रिंसिपलों से 30 जनवरी तक शिक्षण कार्य शुरू करने संबंधी माइक्रो प्लान देने को कहा है। विद्यार्थियों के आने-जाने और लंच ब्रेक का भी अलग-अलग समय होगा। प्रिंसिपल इसका शेड्यूल बनाएंगे। परिसरों में प्रार्थना सभाएं, रिटायरमेंट पार्टियों सहित अन्य सामूहिक आयोजन पर रोक जारी रहेगी। शिक्षकों को कार पूल की मनाही रहेगी।
मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि 27 जनवरी से ग्रीष्मकालीन स्कूलों में शिक्षक आएंगे। विद्यार्थियों के आने से पहले शिक्षक माइक्रो प्लान बनाकर भेजेंगे। आठ फरवरी से खुलने वाले कॉलेजों में भी एक दिन छोड़कर विद्यार्थियों को बुलाने का प्रिंसिपल फैसला अपने स्तर पर ले सकते हैं। स्कूल खुलते ही शेष सिलेबस कवर होगा, उसके बाद रिवीजन चलेगा। ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रहेगी। विद्यार्थियों पर स्कूलों में आने का दबाव नहीं बनाया जाएगा।
मार्च के पहले सप्ताह में हो सकती हैं प्री बोर्ड परीक्षाएं
10वीं और 12वीं कक्षा की प्री बोर्ड परीक्षाओं का शेड्यूल जारी होगा। मार्च के पहले हफ्ते परीक्षाएं करवाने की योजना है। प्री बोर्ड परीक्षाओं में कम अंक लेने वाले विद्यार्थियों की अतिरिक्त कक्षाएं लगेंगी। दोनों कक्षाओं की मई में वार्षिक परीक्षाएं होनी हैं।
दूसरे शनिवार की छुट्टी पर चल सकती है कैंची
वार्षिक परीक्षाओं के लिए समय की जरूरत देखते हुए दूसरे शनिवार को मिलने वाली छुट्टी बंद हो सकती है। उपनिदेशकों, शिक्षकों, पीटीए से चर्चा के बाद इस छुट्टी को बंद करने की तैयारी शुरू हो गई है। मामले पर विचार कर शिक्षा निदेशालय सरकार को प्रस्ताव भेजेगा।

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