अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल हिमाचल में बैडमिंटन अकादमी खाेलना चाहती हैं। उन्हाेंने शिमला पहुुंच कर राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर प्रदेश में बैडमिंटन अकादमी खाेलने की अपनी इच्छा जताई है।
साइना अगर प्रदेश में बैडमिटन अकादमी खाेलती है ताे युवाओं काे प्रशिक्षण लेने के लिए बेंगलुरु या हैदराबाद नहीं जाना पड़ेगा। वह प्रदेश में रह कर ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण ले संकेगे। विश्व की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी साइना नहवाल अपने पति अर्जुन पुरस्कार विजेता पारूपल्ली कश्यप के साथ शिमला पहुंचीं, यहां उन्हाेंने राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मुलाकात की। राज्यपाल ने हिमाचली पंरपरा के अनुसार सायना नहवाल और पारूपल्ली कश्यप को हिमाचली टोपी, शॉल भेंटकर सम्मानित किया।
इस मौके पर सायना नहवाल ने राजभवन का अवलोकन भी किया और यहां की वास्तुकला की प्रशंसा की। इसके बाद साइना नेहवाल ने अपने पति पारूपल्ली कश्यप के साथ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सेे भी मुलाकात की।
प्रदेश के युवा प्रतिभाशाली, लेकिन उचित मंच नहीं मिल पाता...
राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सुंदर पहाड़ी प्रदेश है। यहां के युवा काफी प्रतिभाशाली हैं और अच्छे खिलाड़ियों के उनमें गुण मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि और अधिक सुविधाओं की कमी के कारण कई बार उन्हें उचित मंच नहीं मिल पाता है। हिमाचल से अनेक खिलाड़ी आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं ।
प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक सुविधाएं प्रदान कर रही है और ग्रामीण स्तर तक खेल के लिए अधोसंरचना विकास किया जा रहा है ताकि निचले स्तर से खिलाड़ी उभर सकें। राज्यपाल ने कहा कि उन जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाडिय़ों की मदद से हिमाचल प्रदेश में भी खेल अधोसंरचना के लिए संभावनाओं को तलाशा जा सकता है। राज्यपाल ने कहा िक वह चाहते हैं कि हिमाचल प्रदेश में भी खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की और सुविधाएं विकसित हों।
बैडमिटन अकादमी खुलने से बेहतर परफारमेंस दे सकेंगे खिलाड़ी...
इस मौके पर साइना नहवाल ने राज्यपाल का आभार व्यक्त किया कहा कि उत्तर भारत से बैडमिंटन खिलाड़ी कोचिंग के लिए हैदराबाद और बेंगलुरू जाते हैं जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग उन्हें उत्तर भारत में ही मिल जानी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय स्तरीय खेल के लिए कोचिंग बहुत जरूरी है और कोच अंतरराष्ट्रीय स्तर के होने चाहिए ताकि परफॉरमेंस दी जा सके। उन्होंने धर्मशाला में क्रिकेट स्टेडियम की भी तारीफ की। पारूपल्ली कश्यप ने कहा कि बहुत से खिलाड़ी उच्च ऊंचाई पर प्रशिक्षण के लिए विदेश जाते हैं जबकि यह प्रशिक्षण हिमाचल में दिया जा सकता है। यहां संभावनाएं काफी हैं।
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