नवरात्र के तीसरे दिन आज दुर्गा मां के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की उपासना की जाएगी है। मान्यता है कि अगर मां चंद्रघंटा की पूजा की जाए तो उनकी कृपा से अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं। साथ ही दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है। वहीं, रविवार को मंदिराें में दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की गई। तारादेवी मंदिर में रविवार काे 2000 के करीब लाेगाें ने शीश नवाया।
छुट्टी के कारण यहां पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रही। दिनभर यहां पर लाेग मां के दर्शनाें के लिए चलते रहे। इसी तरह जाखू, संकट माेचन और कालीबाड़ी मंदिर में भी दिनभर श्रद्धालुअाें का तांता लगा रहा। मंदिराें काे दिन में तीन बार सेनेटाइज भी किया गया।
तारा देवी मंदिर में लगभग 2000, संकट मोचन मंदिर में लगभग 600, कालीबाड़ी मंदिर में 1000 और हनुमान मंदिर जाखू में लगभग 1000 श्रद्धालुओं ने शीश नवाजा। उपायुक्त अमित कश्यप ने बताया कि इस दौरान श्रद्धालुओं एवं मंदिर न्यासियों द्वारा कोरोना संक्रमण के मध्यनजर सभी विशेष मानक संचालन प्रक्रिया का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
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