सुप्रीमकाेर्ट ने गुड़िया के परिजनों काे कहा, हाईकाेर्ट में अपील करें, केस की जांच की मॉनिटरिंग सिटिंग जज से करवाने की करेंगे मांग

बहुचर्चित गु़ड़िया केस में सुप्रीमकोर्ट ने पेरेंट्स को हाईकोर्ट में अपील करने को कहा है। सवा तीन साल पुराने केस में सिंगल अरेस्ट और जांच से असंतुष्ट पेरेंट्स ने सुप्रोम कोर्ट में याचिका दायर कर इस केस की फिर से जांच करवाने की गुहार लगाई थी। सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद अब पेरेंट्स हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। इससे केस में नया मोड़ आ सकता है।

बहुचर्चित गुड़िया केस की सीबीआई ने जांच की है और इसमें एक मात्र आरोपी चिरानी नीलू को बनाया गया है। पेरेंट्स सीबीआई की इस जांच से संतुष्ट नहीं हैं और इस मामले की दोबारा से जांच करवाने की लगातार मांग कर रहे हैं। केस की दोबारा से जांच करवाने की मांग को लेकर गुड़िया की मां की ओर से सुप्रीमकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी।

सुप्रीमकोर्ट में यह मामला गुरुवार को सुनवाई के लिए लगा। सुप्रीमकोर्ट के तीन जजों की बैंच जस्टिस आर एफ नरीमन, जस्टिस नवीन सिन्हा, जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच ने अपने आदेश में कहा कि गुड़िया मामले में हिमाचल हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था और इस केस की जांच सीबीआई को सौंपी थी। ऐसे में यह उचित रहेगा कि याचिकाकर्ता इस मामले को हाईकोर्ट के समक्ष उठाए। गुड़िया के पेरेंट्स की ओर से इस केस की सुप्रीमकोर्ट में पैरवी एडवोकेट भूपेंद्र चौहान ने की।

सीबीआई की जांच से संतुष्ट नहीं है परिजनः सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद अब पेरेंट्स गुड़िया मामले की जांच दोबारा से करवाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। गुड़िया को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रही मदद सेवा ट्रस्ट के सदस्य विकास थापटा, लीगल एडवाइजर देवेन भट्ट ने शिमला में इस संबंध में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

उन्होंने कहा है कि पेरेंट्स इस मामले की दोबारा से जांच करवाने को लेकर जल्द ही एक याचिका हाईकोर्ट में दायर करेंगे। पेरेंट्स केस की जांच की मॉनिटरिंग सिटिंग जज से करवाने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि पेरेंट्स इस मामले में सीबीआई की जांच से संतुष्ट नहीं है। यही वजह है कि वे इस केस की दोबारे जांच करवाने की गुहार लगा रहे हैं। पेरेंट्स मुख्यमंत्री से भी इस मामले की फिर से जांच करवाने को लेकर भी मिल चुके हैं। इसके बाद पेरेंट्स सुप्रीमकोर्ट गए।

4 जुलाई 2017 को स्कूल से लौटते वक्त लापता हुई छात्रा।
6 जुलाई को दांदी के जंगल में गुड़िया का मिला शव, रेप के बाद हत्या।
7 जुलाई को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि, शिमला और कोटखाई में प्रदर्शन।
10 जुलाई को पुलिस की एसआईटी गठित।
13 जुलाई को पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया।
14 जुलाई को ठियोग में बड़ा प्रदर्शन, सरकार ने सीबीआई जांच की घोषणा की।
18 जुलाई को सरकार ने हाईकोर्ट में जल्द सीबीआई जांच के लिए आवेदन किया।
19 जुलाई को सीबीआई जांच के आदेश।
19 जुलाई को एक आरोपी सूरज की कोटखाई थाने में कस्टोडियल डेथ। लोगों ने कोटखाई में किया उग्र प्रदर्शन।
22 जुलाई 2017 को सीबीआई ने दो अलग-अलग केस दर्ज किए।
29 अगस्त 2017 को सूरज हत्या मामले में सीबीआई ने आईजी जहूर जैदी, ठियोग डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई के पूर्व एसएचओ राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद, हेड कांस्टेबल सूरत सिंह, मोहन लाल, रफिक अली और कांस्टेबल रंजीत को गिरफ्तार किया।
16 नवंबर 2017 को शिमला के पूर्व एसपी डीडब्ल्यू नेगी गिरफ्तार किया।
25 नवंबर को सूरज हत्याकांड के आरोपी पुलिस अफसरों-कर्मियों के खिलाफ चालान पेश।
13 अप्रैल 2018 को सीबीआई ने नीलू नाम के चिरानी को किया गिरफ्तार।
11 जुलाई को नीलू के खिलाफ चालान पेश, मामला कोर्ट के विचाराधीन।

4 जुलाई 2017 को स्कूल से लौटते वक्त लापता हुई छात्रा।
6 जुलाई को दांदी के जंगल में गुड़िया का मिला शव, रेप के बाद हत्या।
7 जुलाई को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि, शिमला और कोटखाई में प्रदर्शन।
10 जुलाई को पुलिस की एसआईटी गठित।
13 जुलाई को पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया।
14 जुलाई को ठियोग में बड़ा प्रदर्शन, सरकार ने सीबीआई जांच की घोषणा की।
18 जुलाई को सरकार ने हाईकोर्ट में जल्द सीबीआई जांच के लिए आवेदन किया।
19 जुलाई को सीबीआई जांच के आदेश।
19 जुलाई को एक आरोपी सूरज की कोटखाई थाने में कस्टोडियल डेथ। लोगों ने कोटखाई में किया उग्र प्रदर्शन।
22 जुलाई 2017 को सीबीआई ने दो अलग-अलग केस दर्ज किए।
29 अगस्त 2017 को सूरज हत्या मामले में सीबीआई ने आईजी जहूर जैदी, ठियोग डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई के पूर्व एसएचओ राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद, हेड कांस्टेबल सूरत सिंह, मोहन लाल, रफिक अली और कांस्टेबल रंजीत को गिरफ्तार किया।
16 नवंबर 2017 को शिमला के पूर्व एसपी डीडब्ल्यू नेगी गिरफ्तार किया।
25 नवंबर को सूरज हत्याकांड के आरोपी पुलिस अफसरों-कर्मियों के खिलाफ चालान पेश।
13 अप्रैल 2018 को सीबीआई ने नीलू नाम के चिरानी को किया गिरफ्तार।
11 जुलाई को नीलू के खिलाफ चालान पेश, मामला कोर्ट के विचाराधीन।

सीबीआई ने एक चिरानी को किया था अरेस्ट

सीबीआई ने गुड़िया रेप-मर्डर मामले में 13 अप्रैल 2018 को एक नीलू नामक एक चिरानी को गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने अपनी जांच में पाया का चिरानी का काम करने वाले नीलू ने गुड़िया से दरिंदगी की। मगर पेरेंट्स सीबीआई की जांच पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि एक मात्र आरोपी उनकी बेटी के साथ दरिंदगी नहीं कर सकता।

यही नहीं पेरेंट्स गांधीनगर फारेंसिक में एसआईटी द्वारा अरेस्ट किए गए आरोपियों के नार्को टेस्ट की भी दलील दे रहे हैं। हालांकि नार्को टेस्ट की कोर्ट में मान्यता नहीं है, लेकिन फॉरेंसिक लैब गांधी नगर के विशेषज्ञों ने कोर्ट में बयान दिया था कि गुड़िया रेप-मर्डर मामले में एक से अधिक आरोपी हो सकते हैं।

पेरेंट्स का कहना था कि यह रिपोर्ट इंगित करती है कि इसमें एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। मगर केंद्रीय जांच एजेंसी ने एक ही को आरोपी बनाया है। आरोपी नीलू के खिलाफ सीबीआई ने जुलाई 2018 में कोर्ट में चालान पेश किया था और यह मामला अभी कोर्ट में हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
फाइल फोटो


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/30SEIKX

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box