कोरोना से बचाव के लिए केंद्र सरकार की एसओपी का स्कूलों में सख्ती से पालन किया जाएगा। पर्याप्त शारीरिक दूरी बनाते हुए कक्षाओं में विद्यार्थियों को बिठाया जाएगा। अगर कोई अभिभावक बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं तो उनके लिए ऑनलाइन कक्षाएं भी जारी रहेंगी। शुक्रवार को राज्य सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि वीरवार को यूट्यूब से कई अभिभावकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों से उन्होंने संवाद किया।
अधिकांश अभिभावक और विद्यार्थी स्कूल खोलने के हित में दिखे। ऐसे में सरकार ने फैसला लिया है कि बोर्ड कक्षाओं को सबसे पहले खोला जाएगा। 19 अक्तूबर से दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थी अभिभावकों के सहमति पत्र पर स्कूलों में नियमित कक्षाएं लगाने आ सकेंगे। पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्कूलों में बुलाने का अभी विचार नहीं है, जबकि नौवीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूल बुलाने पर फैसला भी बाद में होगा।
इस संदर्भ में आने वाले दिनों में कैबिनेट बैठक में चर्चा के बाद फैसला लिया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने बताया कि बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों के स्कूलों आने पर प्रार्थना सभा नहीं की जाएगी। इसकी जगह कक्षाओं में रोजाना कोरोना से बचाव के लिए एक विशेष प्रतिज्ञा लेने की व्यवस्था की जा रही है।

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