भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से होने वाली कमाई पर जवाब दिया। क्रिकेट वेबसाइट क्रिकइंफो से बात करते हुए धूमल ने कहा कि यह पैसा बोर्ड अध्यक्ष सौरव गांगुली, सचिव जय शाह या मेरी जेब में नहीं जाता। यह पूरा पैसा देश और खिलाड़ियों के विकास में लगता है।
कोरोनावायरस के कारण 29 मार्च से होने वाला आईपीएल पहले ही अनिश्चितकाल के लिए टाला जा चुका है। इसको लेकर धूमल ने कहा कि अब टूर्नामेंट को कराने के लिए ज्यादा देरी नहीं करना चाहिए। बोर्ड इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के टलने की स्थिति में उसकी जगह आईपीएल करा सकता है। इस पर धूमल ने कहा कि आईसीसी को वर्ल्ड कप पर जल्द फैसला लेना चाहिए।
कई लोगों को रोजगार भी मिलता है
धूमल ने कहा, ‘‘आईपीएल तभी होगा, जब खेल को लेकर सुरक्षित स्थिति होगी। सारी बात इसी पर हो रही है कि आईपीएल एक पैसा बनाने वाली मशीन है,लेकिन यह पैसा लेता कौन है? पूरा पैसा खिलाड़ियों और देश के विकास, यात्रा, पर्यटन और उद्योग-व्यापार के लिए जाता है। यह किसी अधिकारी की जेब में नहीं जाता, तो क्यों फिर विपक्ष बार-बार इस पैसे को लेकर बात करता है। यह टूर्नामेंट से जुड़े लोगों के रोजगार के लिए जाता है।’’
बीसीसीआई हजारों करोड़ रुपए का टैक्स जमा करता है
कोषाध्यक्ष ने कहा, ‘‘मीडिया को भी अपना नजरिया बदलकर टूर्नामेंट कराने के फायदे बताना चाहिए। यदि बीसीसीआई हजारों करोड़ रुपए का टैक्स जमा करता है, तो यह देश के विकास में लगता है। यह सौरव गांगुली या जय शाह या फिर मेरी जेब में नहीं जाता। सही है ना? आपको तो खुश होना चाहिए कि खेल पर पैसा लगाने की बजाय उससे कमाई की जा रहीहै।’’
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