पंजाब सरकार की लापरवाही से प्रदेश में कोरोना का ग्राफ तेजी से बढ़ गया है। सारा खेल नांदेड गई वॉल्वो बसों ने बिगाड़ा और फिर तीन गलतियां पड़ी भारीं। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, करीब 700 श्रद्धालु श्री हजूर साहिब से निजी वाहनों पर खुद यहां पहुंच गए। इन्हें न तो सीमा पर रोका गया और न ही उन्हें क्वारंटीन किया गया।
सरकार को इन श्रद्धालुओं के आने की भनक तक नहीं लगी। इतना ही नहीं, इन श्रद्धालुओं का गांव पहुंचने पर लोगों ने स्वागत भी किया। इस नतीजा यह निकला कि पंजाब के कई ऐसे जिलों में यह महामारी पैर पसारने लगी है, जहां इस पर काबू पा लिया गया था। अब सरकार इन श्रद्धालुओं को खोज खोजकर क्वारंटीन कर रही है। ये तीन गलतियां पड़ीं भारी पहली गलती तो श्री हजूर साहिब में हुई, जहां पर फंसे हुए श्रद्धालुओं की सिर्फ स्क्रीनिंग की, उनका कोरोना टेस्ट नहीं किया गया।
लगभग 3700 लोगों को वापस लाने के लिए पंजाब सरकार ने 80 बसें नांदेड़ भेजी थी। लेकिन हकीकत यह है कि 26 अप्रैल से पहले काफी लोग निजी वाहनों को लेकर पंजाब निकल चुके थे। दूसरी गलती नाकों पर हुई। पंजाब में बेशक कर्फ्यू लगा था लेकिन फिर इन श्रद्धालुओं के इन निजी वाहनों को एंट्री दे दी गई। तीसरी गलती यह हुई कि पंजाब सरकार द्वारा भेजी बसों से वापस आए श्रद्धालुओं को कई जिलों में सीधा घर भेज दिया गया।
गलतियों का यह हुआ नतीजा सरकार की इस लापरवाही का नतीजा यह निकला कि लुधियाना, कपूरथला, नवांशहर, अमृतसर, पठानकोट में दोबारा कोरोना के मरीज आ गए। नवांशहर कोरोना मुक्त हो चुका था लेकिन अब वहां पर 23 मरीज हो गए हैं। इसी तरह से मालवा के कई जिलों में कोरोना ने दस्तक नहीं दी थ
सरकार को इन श्रद्धालुओं के आने की भनक तक नहीं लगी। इतना ही नहीं, इन श्रद्धालुओं का गांव पहुंचने पर लोगों ने स्वागत भी किया। इस नतीजा यह निकला कि पंजाब के कई ऐसे जिलों में यह महामारी पैर पसारने लगी है, जहां इस पर काबू पा लिया गया था। अब सरकार इन श्रद्धालुओं को खोज खोजकर क्वारंटीन कर रही है। ये तीन गलतियां पड़ीं भारी पहली गलती तो श्री हजूर साहिब में हुई, जहां पर फंसे हुए श्रद्धालुओं की सिर्फ स्क्रीनिंग की, उनका कोरोना टेस्ट नहीं किया गया।
लगभग 3700 लोगों को वापस लाने के लिए पंजाब सरकार ने 80 बसें नांदेड़ भेजी थी। लेकिन हकीकत यह है कि 26 अप्रैल से पहले काफी लोग निजी वाहनों को लेकर पंजाब निकल चुके थे। दूसरी गलती नाकों पर हुई। पंजाब में बेशक कर्फ्यू लगा था लेकिन फिर इन श्रद्धालुओं के इन निजी वाहनों को एंट्री दे दी गई। तीसरी गलती यह हुई कि पंजाब सरकार द्वारा भेजी बसों से वापस आए श्रद्धालुओं को कई जिलों में सीधा घर भेज दिया गया।
गलतियों का यह हुआ नतीजा सरकार की इस लापरवाही का नतीजा यह निकला कि लुधियाना, कपूरथला, नवांशहर, अमृतसर, पठानकोट में दोबारा कोरोना के मरीज आ गए। नवांशहर कोरोना मुक्त हो चुका था लेकिन अब वहां पर 23 मरीज हो गए हैं। इसी तरह से मालवा के कई जिलों में कोरोना ने दस्तक नहीं दी थ

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