Pages

अफगानिस्तान-पाकिस्तान से भारत में भी आ सकता है पोलियो संक्रमण

 

अफगानिस्तान और पाकिस्तान देशों से पल्स पोलियो का संक्रमण भारत आ सकता है। इस पर डब्ल्यूएचओ ने चिंता जाहिर करते हुए दस साल से विभिन्न क्षेत्रों में मॉनिटरिंग टीम गठित करके निरीक्षण करने के लिए पल्स पोलियो बूथों की निगरानी करने को तैनात की है। 

इस बात को मद्देनजर रखते हुए वर्ल्ड हैल्थ ऑर्गेनाइजेशन की टीम हर बूथ पर जाकर मॉनिटरिंग कर रही है और एनआईटी का सही तरह से डाटा तैयार कर रहे हैं, ताकि इस अभियान के तहत सही रिपोर्ट तैयार कर भेजी जा सके। साथ ही पता लगाया जा सके कि इस अभियान के तहत सही तरह से वैक्सीनेशन धरातल में की गई है। क्योंकि डोर-टू-डोर अभियान का दौर सबसे ज्यादा हाई रिस्क एरिया में होता है, तो इसका समय रहते पता लगाकर संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।

यह बात विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक्सटर्नल मॉनिटर डा. दिवांशी ठाकुर ने राष्ट्रीय पल्स पोलियो उन्मूलन अभियान के दौरान ‘दिव्य हिमाचल’ से विशेष बातचीत में कही। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मंडी जिला के रोहांडा और रत्ती के विभिन्न पल्स पोलियो बूथों का दौरा किया गया और टीकाकरण अभियान के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों, पल्स पोलियो बूथ सहित डोर-टू-डोर छूटे बच्चों की फीडबैक ली गई। 

निरीक्षण के दौरान अच्छी फीडबैक मिली है। कोरोना के दौर में पल्स पोलियो पोलिंग बूथों में भी सोशल डिस्टेंसिंग, हाथ सेनेटाइज करने के साथ ही मास्क लगाने सहित जो एसओपी सरकार की ओर से जारी की गई है, उसकी पूरी तरह से पालना होती नजर आई है। यह निरीक्षण टीम की ओर से चार चरणों में किया जाएगा, जिसमें पल्स पोलियो बूथ डोर-टू-डोर के बाद अब तीसरे चरण में ऐसे बच्चों को ट्रेस किया जाएगा, जिन्हें इस मुहिम में शामिल नहीं किया गया है और वह किसी कारणवश छूट गए हैं।

हिमाचल के मंडी में नेरचौक मेडिकल कॉलेज हुआ कोरोना फ्री, पहली बार कोई भी मरीज भर्ती नहीं


No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box