वर्षों से फोरेस्ट कंजरवेशन एक्ट के फेर में फंसी 138 परियोजनाओं को सीधे-सीधे, 400 को शर्तों के साथ मंजूरी
हिमाचल प्रदेश को आखिर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए सालों से अटके करोड़ों रुपए के विकास कार्यों को मंजूरी दे दी है। इनमें से 138 परियोजनाओं को सीधे मंजूरी दी गई है, जबकि 400 परियोजनाओं को शर्तों के साथ मंजूरी दी गई है। फोरेस्ट कंजरवेशन एक्ट (एफसीए) के पेंच में फंसे प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पा रहे थे, जिनको सुप्रीम कोर्ट ने अब मंजूरी दी है। सर्वोच्च न्यायालय ने राहत प्रदान करने को लेकर दायर अलग-अलग याचिकाओं की सुनवाई करते हुए हिमाचल में आधा दर्जन से अधिक पावर प्रोजेक्टों, 200 से अधिक सड़कों, आधा दर्जन से अधिक ट्रांसमिशन लाइनों, हेलिपेड, स्कूल भवनों के साथ-साथ अस्पतालों व पेयजल योजनाओं के निर्माण को हरी झंडी दे दी है।
इनमें से कई योजनाओं पर सर्वोच्च न्यायालय ने राइडर भी लगाया है। गौरतलब है कि प्रदेश में करीब 600 विकास प्रोजेक्ट एफसीए और एफआरए की वजह से शुरू नहीं हो पा रहे थे। राज्य सरकार इन्हें लेकर लगातार प्रयासरत थी। सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय में प्रदेश में एफसीए से जुड़े विभिन्न मामलों की सुनवाई हुई। सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, प्रदेश के महाधिवक्ता अशोक शर्मा व कोर्ट मित्र एडीएन राव ने इन मामलों में अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा। सुप्रीम कोर्ट से हुए आदेशों के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय ने तीन हाइड्रो प्रोजेक्टों, एक आईआईटी, 27 सड़कों, मॉडल स्कूल व एक हाईब्रिड पावर प्रोजेक्ट व कार पार्किंग समेत 40 परियोजनाओं के निर्माण को हरी झंडी दे दी है।
इसके अलावा एक हेलिपेड, 37 सड़कों, चार ट्रांसमिशन लाइनों, दो एसटीपी, पांच पेयजल योजनाओं, चार हाइड्रो प्रोजेक्टों समेत कुछ अन्य मामलों में न्यायालय ने राइडर लगाकर मंजूरी दी है। इन मामलों में डीएफओ आगे की कार्यवाही करेगा। इसके अलावा 49 स्कूल भवनों, 191 सड़कों, चार विद्युत सब स्टेशनों, दो आंगनबाड़ी केंद्रों, 12 पेयजल योजनाओं समेत 289 अन्य प्रोजेक्टों को भी कोर्ट ने मंजूरी दी। 75 सड़कों सहित 80 अन्य विकास कार्यों को भी कोर्ट ने राइडर लगाकर मंजूरी दी है।
साथ ही 1377 करोड़ के ग्रीन कोरिडोर नेशनल हाइवे और 61 करोड़ के डबल लेन नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट को भी कोर्ट ने रिकार्ड में ले लिया है। अभी इनको मंजूरी का इंतजार है। उम्मीद है कि इन मामलों पर भी कोर्ट की तरफ से जल्द फैसला होगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री से इन मामलों को उठाया था और कहा था कि हिमाचल को राहत दी जाए। हिमाचल सरकार को शक्तियां प्रदान करने का मामला अब भी लंबित है। (एचडीएम)
इन प्रोजेक्टों को मिली हरी झंडी
तीन हाइड्रो प्रोजेक्टों, एक आईआईटी, दो सौ से ज्यादा सड़कों, मॉडल स्कूल व एक हाईब्रिड पावर प्रोजेक्ट व कार पार्किंग समेत 40 परियोजनाओं के अलावा 49 स्कूल भवनों, चार विद्युत सब स्टेशनों, दो आंगनबाड़ी केंद्रों, 12 पेयजल योजनाओं समेत 289 अन्य प्रोजेक्टों को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दी

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