हिमाचल प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने हाल ही में विधानसभा सत्र के दाैरान कहा था कि काेराेना इतना फैल चुका है कि प्रदेश कम्यूनिटी स्प्रेड की ओर बढ़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर शिक्षा विभाग और हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी परीक्षाएं करवा रही है। आज से प्रदेश के करीब 43 परीक्षा सेंटराें में 60 हजार स्टूडेंट एक साथ परीक्षा देंगे।
दूसरे, चाैथे और छठे सेमेस्टर की ये परीक्षाएं हाेगी। इसके विराेध में साेमवार काे छात्र संगठन एसएफआई ने विधानसभा का घेराव किया। शिमला में करीब 15 हजार स्टूडेंट परीक्षा देने के लिए पहुंचेंगे। 50 किलाेमीटर के भीतर सिर्फ शिमला में ही परीक्षा सेंटर बनाए गए हैं। हालांकि, कुछ राहत देते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में छात्राें काे नजदीक में ही परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
स्टूडेंट जहां का रहने वाला है, वहीं बनाए गए परीक्षा केंद्र में परीक्षा दे सकेगा। उन्हें शिमला आने की जरूरत नहीं हाेगी। लेकिन ठियोग में काई भी सेंटर नहीं है जिस कारण स्टूडेट्स को 40 किलोमीटर दूर शिमला आना पड़ेगा। परीक्षा नियंत्रक डाॅ. जेएस नेगी का कहना है कि परीक्षा की सभी तरह की तैयारियां पूरी हाे गई हैं। छात्र अपने नजदीक के परीक्षा केेंद्राें में भी परीक्षा दे सकते हैं।
एक साथ हाे रही है परीक्षाएं, इसलिए खतरा ज्यादा
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर डिग्री कोर्स की रेगुलर और री-अपीयर परीक्षाएं एक साथ करवा रहा है। यूजीसी की ओर से अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं 30 सितंबर तक करवाने की दी गई समय सीमा और सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद परीक्षा करवाने के इंतजाम पहले ही शुरू कर दिए गए थे। ये परीक्षाएं भी सरकार और यूजीसी की ओर से जारी एसओपी के मुताबिक ही करवाई जाएंगी।
सुबह 9 बजे से 12 बजे तक और शाम के सेशन में दाेपहर 2 बजे से 5 बजे तक परीक्षाएं हाेगी। छात्रों को एग्जाम शुरू होने से एक घंटा पहले परीक्षा हॉल में पहुंचना होगा। हर स्टूडेंट की थर्मल स्क्रीनिंग होगी और इसके बाद ही उन्हें परीक्षा हॉल में एंट्री दी जाएगी।
ये रहेगा सिटिंग प्लानः हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में यूजीसी की ओर से जारी किए गए सिटिंग प्लान के अनुसार ही परीक्षाएं करवाई जाएंगी। परीक्षा हाॅल में बैठने वाले परीक्षार्थियों के बीच दाे मीटर की दूरी रखना जरूरी है।
इसके अलावा जिन छात्राें काे सर्दी जुकाम हाेगा, उन्हें दोबारा से परीक्षा देने का माैका दिया जाएगा। कोरोना को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय के मानकों का पालन करना होगा, जिसमें दो गज की दूरी, मास्क जैसे प्रावधान शामिल हैं। परीक्षक को मास्क और ग्लव्स पहनने होंगे।
एसएफआई ने विधानसभा के बाहर किया विरोध
एसएफआई राज्य कमेटी के सचिव अमित ठाकुर कहा कि एक और तो इस महामारी के कारण छात्र पहले ही मानसिक ताैर पर तैयार नहीं है, वहीं दूसरी ओर परीक्षाओं को लेकर चल रही असमंजस ने ओर अधिक चिंता बढ़ा दी है। जिस तरह देश और प्रदेश भर में लगातार कोरोना मामलों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, उस दाैर में परीक्षाएं नहीं करवानी चाहिए।
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